जानिए क्या सरकार 2,000 रुपये से अधिक के यूपीआई (UPI) भुगतान पर कोई नया चार्ज लगाने जा रही है या नहीं। 14 सितंबर 2026 के नए गजट नोटिफिकेशन, एमडीआर (MDR), और आम आदमी पर इसके असर से जुड़े सभी 15 महत्वपूर्ण सवालों के आसान जवाब।

UPI से ₹2,000 से ज्यादा पेमेंट पर 0.4% चार्ज लगेगा। फीस की मैक्सिमम लिमिट 300 रुपए तक की गई है। यह अमाउंट अलग-अलग ट्रांजैक्शन पर निर्भर करेगा। यह शुल्क ग्राहकों से नहीं बिजनसेमैन से लिया जाएगा। हालांकि ₹2,000 तक पेमेंट करने पर ग्राहक और बिजनेसमैन दोनों से किसी तरह की फीस नहीं ली जाएगी।
1. सरकार की ओर से सोमवार को जारी नए गजट नोटिफिकेशन में क्या कहा गया है?
केंद्र सरकार की ओर से 14 सितंबर 2026 को जारी गजट अधिसूचना के अनुसार, बैंकों और पेमेंट सिस्टम प्रोवाइडर्स को 2,000 रुपये तक के यूपीआई लेन-देन पर किसी भी प्रकार का शुल्क लगाने से पूरी तरह प्रतिबंधित कर दिया गया है। इसके अलावा, रूपे डेबिट कार्ड से किए जाने वाले 2,000 रुपये तक के डिजिटल भुगतान को भी नो-चार्ज श्रेणी में रखा गया है।
2. किस कानून के तहत यह अधिसूचना जारी की गई है?
सरकार ने यह महत्वपूर्ण अधिसूचना पेमेंट एंड सेटलमेंट सिस्टम्स एक्ट, 2007 की धारा 10A के तहत जारी की है। इसके तहत कोई भी बैंक या पेमेंट प्रोवाइडर अधिसूचित माध्यमों से भुगतान करने वाले या प्राप्त करने वाले व्यक्ति से शुल्क नहीं ले सकता।
3. फ्री यूपीआई के लिए अब 2,000 रुपये की सीमा तय करने की जरूरत क्यों पड़ी?
नई अधिसूचना में केवल 2,000 रुपये तक के भुगतान को नो-चार्ज कैटेगरी में दर्ज किए जाने के कारण लोगों के मन में यह आशंका पैदा हो गई है कि क्या सरकार भविष्य में इस सीमा से अधिक के भुगतान पर चार्ज लगाने का रास्ता तैयार कर रही है।
4. क्या यूपीआई पेमेंट पर अभी से कोई नया चार्ज या फीस लागू हो गई है?
जी नहीं, बिल्कुल नहीं। यदि आप आज 2,000 रुपये से अधिक का यूपीआई भुगतान करते हैं, तो आपके खाते से कोई अतिरिक्त पैसा नहीं कटेगा। फिलहाल कोई भी दर या यूजर चार्ज लागू नहीं किया गया है।
5. 2,000 रुपये से ऊपर के पेमेंट पर 0.5 प्रतिशत कटौती का दावा कितना सही?
यह दावा एक राजनीतिक आरोप है जो विपक्ष द्वारा उठाया गया है। कांग्रेस पार्टी ने दावा किया है कि सरकार 0.5 प्रतिशत का अतिरिक्त चार्ज लगाने की योजना बना रही है, हालांकि सरकारी अधिसूचना में ऐसी किसी दर का कोई जिक्र नहीं है।
6. विपक्ष का इस मुद्दे पर क्या रुख है और सरकार पर क्या आरोप लगाए गए हैं?
कांग्रेस पार्टी और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने आरोप लगाया है कि सरकार ₹2,000 से अधिक के मर्चेंट यूपीआई लेनदेन पर एमडीआर (MDR) लगाने का रास्ता खोल रही है, जिससे अंततः ग्राहकों या दुकानदारों पर वित्तीय बोझ पड़ेगा।
7. सत्ता पक्ष और सरकार की ओर से इन आरोपों पर क्या सफाई आई है?
भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) ने इन आरोपों को भ्रामक करार दिया है। सरकार की तरफ से स्पष्ट किया गया है कि आम यूजर्स के लिए यूपीआई सेवाएं पूरी तरह मुफ्त रहेंगी और किसी भी सामान्य उपभोक्ता से कोई चार्ज नहीं वसूला जाएगा।
8. क्या एक आम आदमी के दूसरे आदमी को पैसे भेजने पर भी कोई असर पड़ेगा?
बिल्कुल नहीं। पर्सन-टू-पर्सन (P2P यानी एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति के खाते में) किया जाने वाला कोई भी लेन-देन पूरी तरह मुफ्त रहेगा, चाहे राशि 2,000 रुपये से कम हो या अधिक।
9. एमडीआर (MDR) क्या होता है और यह आम ग्राहक से वसूले जाने वाले चार्ज से अलग कैसे है?
मर्चेंट डिस्काउंट रेट (MDR): यह वह सेवा शुल्क है जो व्यापारी (मर्चेंट) द्वारा डिजिटल भुगतान स्वीकार करने के बदले बैंक या नेटवर्क को दिया जाता है।
यूजर चार्ज: यह वह फीस है जो पेमेंट करने वाले आम ग्राहक के बैंक खाते से सीधी काती जाती है। ग्राहकों पर ऐसा कोई यूजर चार्ज नहीं लगाया जा रहा है।
10. क्या भविष्य में बड़े मर्चेंट ट्रांजैक्शन पर एमडीआर लागू होने की संभावना है?
सरकार ने संकेत दिए हैं कि यदि भविष्य में एमडीआर को दोबारा पेश किया जाता है, तो वह केवल सीमित संख्या वाले बड़े मर्चेंट ट्रांजैक्शंस पर ही लागू हो सकता है। हालांकि, अभी तक कोई दर या तारीख तय नहीं की गई है।
11. आम यूजर को यूपीआई के जरिए लेनदेन करते वक्त किन बातों का ध्यान रखना चाहिए?
सोशल मीडिया की अफवाहों से बचें।
2,000 रुपये से कम के सभी लेन-देन पूरी तरह मुफ्त और सुरक्षित हैं।
P2P ट्रांसफर पर कोई शुल्क नहीं लगता।
किसी भी अनजान लिंक या फ्रॉड मैसेज से सतर्क रहें।
12. सरकार इस मसले पर फिलहाल क्या कर रही है?
बैंकों और सेवा प्रदाताओं की 22 सदस्यीय 'यूपीआई एंड सर्विसेज स्टीयरिंग कमेटी' इस बात पर विचार कर रही है कि भविष्य में बड़े व्यापारिक भुगतानों पर क्या नीति अपनाई जानी चाहिए। वित्त मंत्री ने भी स्पष्ट किया है कि आम उपभोक्ताओं के लिए यूपीआई हमेशा मुफ्त रहेगा।
13. भारत में यूपीआई का दायरा कितना बढ़ा है?
वित्त वर्ष 2026 तक यूपीआई का कुल लेन-देन मूल्य बढ़कर लगभग 314 लाख करोड़ रुपये तक पहुंच गया है। वर्तमान में यह भारत के अलावा सिंगापुर, यूएई, फ्रांस, उज्बेकिस्तान सहित दुनिया के 11 देशों में स्वीकार किया जा रहा है।
14. दुनिया के दूसरे देशों में डिजिटल पेमेंट पर कितना चार्ज?
ब्राजील के 'पीआईएक्स' इकोसिस्टम में मर्चेंट चार्ज लगभग 0.33 प्रतिशत और चीन में औसतन 0.40 प्रतिशत दर्ज किया गया है।
15. यूपीआई पर शुल्क से जुड़ी मूल आशंका क्या है?
गजट नोटिफिकेशन में 2,000 रुपये के कैप का जिक्र भविष्य में बड़े मर्चेंट लेन-देन पर एमडीआर लागू होने की संभावना को बल देता है, जिससे कुछ हलकों में यह चिंता है कि व्यापारी इसका अप्रत्यक्ष भार ग्राहकों पर डाल सकते हैं।

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अक्टूबर में भारत सरकार का जीएसटी संग्रह 2.31 लाख करोड़ रुपए रहा, जो पिछले साल के इसी महीने की तुलना में 22.9% अधिक है। चालू वित्तीय वर्ष यानी 2026-27 के पहले सात महीनों (अप्रैल-अक्टूबर) के लिए कुल ग्रॉस जीएसटी कलेक्शन 14.78 लाख करोड़ हो गया है, जो पिछले साल की इसी अवधि के मुकाबले 13.2% की बढ़ोतरी है।
कॉमर्शियल सिलेंडर आज से 17 रुपए तक महंगा हो गया है। रविवार से मोबाइल पर अनजान नंबर से कॉल आने पर नंबर के साथ कॉलर का असली नाम भी दिखेगा। टोल प्लाजा के 20 किमी के दायरे में रहने वाले वाहन मालिकों को 1 साल का लोकल फास्टैग पास मिलेगा।
भारतीय शेयर बाजार में शुक्रवार को शुरुआती कारोबार में तेजी दर्ज की गई। सुबह सेंसेक्स 168.03 अंक बढ़कर 74,319.07 के स्तर पर पहुंच गया। नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी भी 44.55 अंकों की बढ़त के साथ 22,981.30 पर कारोबार कर रहा था।
सोने और चांदी के बाजार में इस समय जबरदस्त उतार-चढ़ाव देखने को मिल रहा है। त्योहारी सीजन के बीच वैश्विक और घरेलू बाजारों में कीमतों में लगातार गिरावट दर्ज की जा रही है, जिससे खरीदारों के लिए यह एक बड़ा मौका बनता जा रहा है।
दुनिया का सबसे बड़ा क्रिप्टोकरेंसी एक्सचेंज बाइनेंस हैक हो गया है। इसे इतिहास की सबसे बड़ी क्रिप्टो हैकिंग माना जा रहा है। कंपनी ने डिपॉजिट और विड्रॉल पर अस्थायी रोक लगा दी है। क्रिप्टो एक्सपर्ट्स और एनालिटिक्स फर्म्स का अनुमान है कि इस हैकिंग में 5 बिलियन डॉलर से ज्यादा यानी करीब 50 हजार करोड़ रुपए की क्रिप्टो चोरी हुई है।
केंद्रीय मंत्री निर्मला सीतारमण की स्पेलिंग को लेकर राहुल गांधी के ट्वीट पर छिड़े विवाद के बाद कांग्रेस ने इसे 'टाइपो मार्केटिंग' बताया है। जानिए क्या है पूरा मामला और टाटा समूह के विवाद पर राहुल-सीतारमण के बीच हुई तीखी बहस की पूरी जानकारी।
दिवाली से पहले सोने-चांदी के दाम में गिरावट जारी है। आज भी यानी करवा चौथ के दिन सोना-चांदी के दाम में गिरावट दर्ज। 10 ग्राम 24 कैरेट सोना 563 रुपए गिरकर 1.42 लाख रुपए आ गया है। एक किलो चांदी की कीमत 2,945 रुपए कम होकर 1.90 लाख रुपए पर आ गई है।
आज लंबे समय के बाद भारतीय शेयर बाजार में बढ़त दर्ज की गई। अमेरिकी फेडरल रिजर्व ने ब्याज दरें स्थिर रखीं, जिससे बाजार को समर्थन मिला। हालांकि, कच्चे तेल की ऊंची कीमतों ने निवेशकों को सतर्क रखा।
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