मुख्य न्यायाधीश जस्टिस बीआर गवई पर जूता उछालने वाले आरोपी वकील राकेश किशोर ने कहा है कि वह सीजेआई की टिप्पणी से आहत हैं और उन्हें अपने किए पर कोई अफसोस या पछतावा नहीं है। वकील ने नाराजगी जताते हुए कहा कि जब भी सनातन धर्म से जुड़े केस आते हैं तो सुप्रीम कोर्ट ऐसे ही आदेश देता है।
सीजेआई बी.आर. गवई ने आक्सफोर्ड यूनियन में कहा कि भारत का संविधान समानता का दिखावा नहीं करता, बल्कि सत्ता को संतुलित कर गरिमा बहाल करता है। उन्होंने डॉ. भीमराव आंबेडकर की भूमिका पर चर्चा की और अपने जीवन के अनुभव भी साझा किए।














