रीवा में देहदान करने वाले रामकरण गुप्ता को प्रदेश सरकार के निर्णय के तहत दधीचि सम्मान और गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया। मेडिकल छात्रों के लिए उनका देहदान प्रेरणा बना।
सतना जिले के पतेरी गांव में मानवता की मिसाल पेश करते हुए तीन लोगों ने एक साथ देहदान का संकल्प लिया। कलेक्टर डॉ. सतीश एस की मौजूदगी में अमर ज्योति परिवार के सहयोग से सुंदरलाल कुशवाहा, संपत कुशवाहा और सुनीता कुशवाहा ने यह प्रेरणादायक निर्णय लिया। अमर ज्योति परिवार अब तक 900 नेत्रदान और 64 देहदान करवा चुका है। यह कदम मेडिकल छात्रों के लिए शोध और समाज सेवा की दिशा में एक अनमोल योगदान है।
अमर ज्योति परिवार सतना ने 10वां नेत्रदाता परिजन सम्मान समारोह आयोजित किया। कार्यक्रम में नेत्रदान व देहदान करने वाले परिजनों को सम्मानित किया गया। 59 देहदान संकल्प पत्र और 856 नेत्रदान पूरे किए गए। अतिथियों ने जीवनदान के इस महादान को प्रेरणादायी बताया और अन्य अंगदान की भी अपील की।
मध्यप्रदेश सरकार का ऐतिहासिक फैसला: अब देहदान और अंगदान करने वालों को राजकीय सम्मान मिलेगा। जानें कैसे गणतंत्र दिवस व स्वतंत्रता दिवस पर परिजनों को सम्मानित किया जाएगा, जिससे बढ़ेगी अंगदान के प्रति जागरूकता।
















