विंध्य क्षेत्र के छह जिलों में ई-केवायसी की रफ्तार बेहद धीमी है, हजारों नए और पुराने हितग्राही अब भी वेरिफिकेशन से बाहर हैं, कई जिलों में प्रगति 2 से 3 प्रतिशत के बीच सिमटी हुई है।
अजय सिंह राहुल की राजनीतिक यात्रा ने मध्यप्रदेश में हलचल बढ़ाई है। क्या यह पहल कांग्रेस को विंध्य, बुंदेलखंड और ग्वालियर-चंबल में फिर मजबूत कर पाएगी, इसे लेकर सियासी चर्चाएं तेज हो गई हैं।
विंध्य के छह जिलों में पीडीएस व्यवस्था सुस्त, 17 दिनों में केवल 24-32% राशन वितरण। गोदाम से आपूर्ति के बावजूद हितग्राही वंचित, व्यवस्थागत खामियों और लापरवाही पर उठे गंभीर सवाल।
रीवा एयरपोर्ट से रायपुर के लिए सीधी विमान सेवा शुरू, मुख्यमंत्री ने बताया विंध्य की बड़ी उपलब्धि। एयर एम्बुलेंस में भी रीवा सबसे आगे, विकास और रोजगार के नए अवसर खुलेंगे अब।
सतना सहित विंध्य में एलपीजी सिलेंडर के लिए गैस एजेंसियों के बाहर लंबी कतारें लग रही हैं। उपभोक्ताओं को बुकिंग के बाद भी सिलेंडर नहीं मिल रहा, जबकि प्रशासन का दावा है कि गैस की कमी नहीं, सिर्फ सर्वर समस्या है।
विंध्य क्षेत्र के छह जिलों में राशन कार्ड ई-केवाईसी अभियान अभी अधूरा है। 56 लाख से अधिक सदस्यों में करीब 3.17 लाख का सत्यापन बाकी है। प्रशासन के दावों के बावजूद कई जिलों में प्रक्रिया धीमी बनी हुई है।
मार्च 2026 के राशन वितरण से पहले विंध्य के छह जिलों में गेहूं-चावल का उठाव बेहद धीमा है। डिस्पैच और दुकानों तक वास्तविक पहुंच के आंकड़े चिंता बढ़ा रहे हैं।
रीवा में 85 करोड़ की लागत से बनने वाली एनएच 135बीडी दो लेन सड़क से पूर्वा, क्योंटी वाटरफॉल और देउर कोठार सीधे जुड़ेंगे, पर्यटन और रोजगार को मिलेगा बढ़ावा।
प्रदेश में मनरेगा मजदूरी के 100 करोड़ से अधिक बकाया, विंध्य के जिलों में करोड़ों अटके, होली से पहले ग्रामीण अर्थव्यवस्था पर गहरा असर।
मध्यप्रदेश की राज्यसभा सीट को लेकर सियासी हलचल तेज है। कांग्रेस की एक सीट पर विंध्य क्षेत्र के नेताओं की दावेदारी बढ़ी, जिससे क्षेत्रीय प्रतिनिधित्व की मांग फिर चर्चा में है।






















