चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने पीएलए के सबसे वरिष्ठ जनरल झांग यौशिया और लियू झेनली के खिलाफ जांच शुरू की है। जानें चीन की सेना में चल रहे इस बड़े 'पर्ज' और भ्रष्टाचार विरोधी अभियान के पीछे की पूरी कहानी।
By: Ajay Tiwari
Jan 24, 20264:15 PM
बीजिंग: स्टार समाचार वेब
चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने अपनी सेना (PLA) के शीर्ष नेतृत्व पर अब तक का सबसे बड़ा प्रहार किया है। शनिवार को चीन के रक्षा मंत्रालय ने पुष्टि की कि पीपुल्स लिबरेशन आर्मी के सबसे उच्च रैंकिंग वाले अधिकारी जनरल झांग यौशिया और जनरल लियू झेनली को भ्रष्टाचार और अनुशासन के गंभीर उल्लंघन के आरोप में जांच के दायरे में लिया गया है।
जनरल झांग यौशिया केवल एक सैन्य अधिकारी नहीं, बल्कि सेंट्रल मिलिट्री कमीशन (CMC) के पहले उपाध्यक्ष और 24 सदस्यीय पोलित ब्यूरो के शक्तिशाली सदस्य भी हैं। शी जिनपिंग के बाद वे चीनी सेना में सबसे रसूखदार व्यक्ति माने जाते थे। उनके साथ ही जॉइंट स्टाफ डिपार्टमेंट के चीफ जनरल लियू झेनली पर गिरती गाज ने बीजिंग के सत्ता गलियारों में हड़कंप मचा दिया है।
2012 में सत्ता संभालने के बाद से ही शी जिनपिंग "बाघों" (बड़े नेताओं) और "मक्खियों" (छोटे अधिकारियों) के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाए हुए हैं। आलोचकों का मानना है कि इस अभियान के जरिए जिनपिंग न केवल भ्रष्टाचार मिटा रहे हैं, बल्कि सेना के भीतर अपनी पकड़ को और अधिक मजबूत कर रहे हैं।
अब तक का रिकॉर्ड: इस अभियान के तहत अब तक 10 लाख से अधिक अधिकारियों को दंडित किया जा चुका है।
हालिया शिकार: पिछले साल पूर्व रक्षा मंत्री और अक्टूबर में जनरल 'हे वीडोंग' को भी इसी तरह पार्टी से बाहर का रास्ता दिखाया गया था।
शी जिनपिंग ने हाल ही में एक आंतरिक भाषण में चेतावनी दी थी कि भ्रष्टाचार कम्युनिस्ट पार्टी के लिए सबसे गंभीर चुनौती है। सैन्य प्रतिष्ठानों में चल रही यह 'सफाई' (Purge) दर्शाती है कि जिनपिंग अपनी तीसरी पारी में किसी भी प्रकार की गुटबाजी या निष्ठा में कमी को बर्दाश्त करने के मूड में नहीं हैं।
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