प्रधानमंत्री ने आज असम के डिब्रूगढ़ में देश की पहली हाईवे इमरजेंसी लैंडिंग फैसिलिटी पर भारतीय वायुसेना के विमान से लैंड किया। यह सुविधा ऊपरी असम में एक हाईवे स्ट्रिप पर बनाई गई है, जो युद्ध या आपातकाल में लड़ाकू विमानों, ट्रांसपोर्ट एयरक्राफ्ट और हेलीकॉप्टरों के लिए वैकल्पिक लैंडिंग की जगह देगी।
By: Arvind Mishra
Feb 14, 202612:13 PM

नई दिल्ली। स्टार समाचार वेब
प्रधानमंत्री ने आज असम के डिब्रूगढ़ में देश की पहली हाईवे इमरजेंसी लैंडिंग फैसिलिटी पर भारतीय वायुसेना के विमान से लैंड किया। यह सुविधा ऊपरी असम में एक हाईवे स्ट्रिप पर बनाई गई है, जो युद्ध या आपातकाल में लड़ाकू विमानों, ट्रांसपोर्ट एयरक्राफ्ट और हेलीकॉप्टरों के लिए वैकल्पिक लैंडिंग की जगह देगी। यह पूर्वोत्तर भारत की रक्षा और रणनीतिक तैयारी में एक महत्वपूर्ण कदम है। दरअसल, पीएम नरेंद्र मोदी आज यानी शनिवार को डिब्रूगढ़ में मोरान बाईपास पर इमरजेंसी लैंडिंग फैसिलिटी (ईएलएफ) पर उतरे। यहां वह फाइटर जेट, ट्रांसपोर्ट एयरक्राफ्ट और हेलीकॉप्टर का हवाई प्रदर्शन देखा। नॉर्थईस्ट इंडिया में अपनी तरह का पहला ईएलएफ है। इसे मिलिट्री और सिविल एयरक्राफ्ट की इमरजेंसी लैंडिंग और टेक-आॅफ में मदद के लिए इंडियन एयर फोर्स के साथ मिलकर बनाया गया था। असम के अपने एक दिन के दौरे के दौरान, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ब्रह्मपुत्र नदी पर बने कुमार भास्कर वर्मा सेतु का उद्घाटन भी किया। यह पुल गुवाहाटी और नॉर्थ गुवाहाटी को जोड़ता है। लगभग 3,030 करोड़ की लागत से बना यह छह लेन का एक्सट्राडोज्ड प्रीस्ट्रेस्ड कंक्रीट पुल, नॉर्थईस्ट इंडिया का पहला एक्सट्राडोज्ड पुल है।
इलेक्ट्रिक बसों को दिखाई हरी झंडी
प्रधानमंत्री मोदी अपने दौरे के दौरान इंडियन इंस्टीट्यूट आफ मैनेजमेंट गुवाहाटी के टेम्पररी कैंपस का भी उद्घाटन किया। इस कदम से नॉर्थईस्ट में हायर और मैनेजमेंट एजुकेशन को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है। इसके साथ ही पीएम-ई बस सेवा स्कीम के तहत चार शहरों, गुवाहाटी (100), नागपुर (50), भावनगर (50) और चंडीगढ़ (25) में 225 इलेक्ट्रिक बसों को भी हरी झंडी दिखाई।
डिब्रूगढ़ में इसलिए ईएलएफ खास
इमरजेंसी लैंडिंग फैसिलिटी एक ऐसा हाईवे स्ट्रिप होता है जहां सामान्य समय में गाड़ियां चलती हैं, लेकिन जरूरत पड़ने पर इसे रनवे में बदलकर विमान उतारे और उड़ाए जा सकते हैं। डिब्रूगढ़ ईएलएफ असम के ऊपरी हिस्से में है, जो भारत-चीन सीमा के बहुत करीब है।
देशभर में ईएलएफ का नेटवर्क
डिब्रूगढ़ ईएलएफ अकेला नहीं है। सड़क परिवहन मंत्रालय और आईएएफ मिलकर देशभर में ऐसे 28 स्थानों की पहचान कर चुके हैं। असम में ही 5 ईएलएफ बन रहे हैं। कई पहले से आपरेशनल हैं। सभी आईएएफ एडवांस्ड लैंडिंग ग्राउंड्स को आधुनिक बनाया जा चुका है।