प्रधानमंत्री मोदी की अध्यक्षता में CCEA ने रेल मंत्रालय के 18,509 करोड़ रुपये के 3 मेगा प्रोजेक्ट्स को हरी झंडी दी है। दिल्ली, महाराष्ट्र और कर्नाटक के 12 जिलों को मिलेगा सीधा लाभ
By: Star News
Feb 14, 20263:43 PM
नई दिल्ली। स्टार समाचार वेब
देश के इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूती देने की दिशा में केंद्र सरकार ने एक बड़ा कदम उठाया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता वाली आर्थिक मामलों की कैबिनेट कमेटी (CCEA) ने रेल मंत्रालय के तीन महत्वपूर्ण मल्टी-ट्रैकिंग प्रोजेक्ट्स को मंजूरी दे दी है। इन परियोजनाओं पर कुल 18,509 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे, जिससे न केवल यात्रियों का सफर आसान होगा, बल्कि माल ढुलाई की क्षमता में भी भारी इजाफा होगा।
सरकार द्वारा मंजूर किए गए ये प्रोजेक्ट्स देश के चार राज्यों—दिल्ली, हरियाणा, महाराष्ट्र और कर्नाटक के 12 जिलों को कवर करेंगे। इस विस्तार के तहत भारतीय रेलवे के मौजूदा नेटवर्क में लगभग 389 किलोमीटर की नई लाइनें जोड़ी जाएंगी। मुख्य रूप से कसारा-मनमाड, दिल्ली-अंबाला और बल्लारी-होसपेटे के बीच तीसरी और चौथी लाइन का निर्माण किया जाएगा, जिससे इन व्यस्त रूटों पर भीड़भाड़ कम होगी।
इन सभी परियोजनाओं की रूपरेखा 'PM-गति शक्ति नेशनल मास्टर प्लान' के तहत तैयार की गई है। इसका मुख्य उद्देश्य मल्टी-मॉडल कनेक्टिविटी को बढ़ावा देना और लॉजिस्टिक लागत को कम करना है। एकीकृत योजना के जरिए यह सुनिश्चित किया जाएगा कि लोगों और सामान की आवाजाही बिना किसी बाधा के हो सके। रिपोर्ट के मुताबिक, इन नई लाइनों से लगभग 3,902 गांवों को सीधा फायदा होगा, जिनकी कुल आबादी करीब 97 लाख है।
CCEA के अनुसार, ये प्रोजेक्ट्स प्रधानमंत्री मोदी के 'न्यू इंडिया' और 'आत्मनिर्भर भारत' के विजन को धरातल पर उतारने का काम करेंगे। निर्माण कार्य के दौरान और प्रोजेक्ट पूरा होने के बाद, इन क्षेत्रों में बड़े पैमाने पर विकास होगा। इससे स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार और स्वरोजगार (Self-employment) के नए अवसर पैदा होंगे, जिससे क्षेत्रीय अर्थव्यवस्था को नई दिशा मिलेगी।
इन नई रेल लाइनों का सबसे बड़ा लाभ देश के प्रमुख पर्यटन और धार्मिक स्थलों को मिलेगा। बेहतर कनेक्टिविटी के कारण अब श्रद्धालु और पर्यटक इन स्थानों तक आसानी से पहुँच सकेंगे।
धार्मिक स्थल: त्र्यंबकेश्वर ज्योतिर्लिंग, श्री माता वैष्णो देवी (कटरा), और श्रीनगर।
पर्यटन स्थल: हम्पी (UNESCO वर्ल्ड हेरिटेज), बल्लारी फोर्ट, भावली डैम, और तुंगभद्रा डैम।
वाइल्डलाइफ: दारोजी स्लॉथ बेयर सैंक्चुरी जैसे स्थानों तक पहुंचना अब और भी सुगम हो जाएगा।
आर्थिक दृष्टि से यह फैसला बेहद अहम है। प्रस्तावित रेल लाइनों का उपयोग कोयला, स्टील, लौह अयस्क, सीमेंट, अनाज और उर्वरक जैसी आवश्यक वस्तुओं के परिवहन के लिए किया जाएगा। सरकार का अनुमान है कि इस क्षमता विस्तार से प्रति वर्ष 96 मिलियन टन (MTPA) अतिरिक्त माल ढुलाई संभव हो सकेगी, जिससे भारतीय रेलवे के राजस्व में भी बढ़ोतरी होगी। रेलवे के इन तीन मेगा प्रोजेक्ट्स को मंजूरी मिलना देश की लॉजिस्टिक एफिशिएंसी को वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी बनाने की ओर एक ठोस कदम है। इससे न केवल आम आदमी का सफर आरामदायक होगा, बल्कि औद्योगिक विकास को भी नई गति मिलेगी।