छत्तीसगढ़ के बीजापुर में सेना ने लाल आतंक पर बड़ा प्रहार किया है। नक्सलियों के खात्मे की तारीख नजदीक देख जवानों ने अभियान तेज कर दिया है। अब दावा किया जा रहा है कि गिने-चुने नक्सली ही राज्य में बचे हैं।
By: Arvind Mishra
Feb 26, 202610:56 AM

बीजापुर। स्टार समाचार वेब
छत्तीसगढ़ के बीजापुर में सेना ने लाल आतंक पर बड़ा प्रहार किया है। नक्सलियों के खात्मे की तारीख नजदीक देख जवानों ने अभियान तेज कर दिया है। अब दावा किया जा रहा है कि गिने-चुने नक्सली ही राज्य में बचे हैं। दरअसल, बीजापुर के थाना जांगला क्षेत्र अंतर्गत इंद्रावती नदी के पास हुई मुठभेड़ में सुरक्षा बलों ने दो वर्दीधारी नक्सलवादियों को मार गिराया है। मुठभेड़ स्थल से एसएलआर राइफल, इंसास राइफल, 12 बोर राइफल, विस्फोटक सामग्री एवं अन्य नक्सली उपयोग की वस्तुएं भी बरामद की गई हैं। एसपी बीजापुर डॉ. जितेन्द्र यादव ने बताया कि नक्सलियों की मौजूदगी की पुख्ता सूचना पर सुरक्षा बलों की संयुक्त टीम नक्सल विरोधी अभियान पर निकली थी। अभियान के दौरान सुबह सुरक्षा बलों और माओवादियों के बीच मुठभेड़ हो गई।
नक्सली गतिविधियों पर बढ़ा दबाव
मुठभेड़ के बाद इलाके की गहन तलाशी ली जा रही है। प्रारंभिक जांच में मारे गए नक्सलियों की पहचान और उनके संगठनात्मक दायित्वों की पुष्टि की जा रही है। बस्तर रेंज के पुलिस महानिरीक्षक सुंदरराज पट्टलिंगम ने कहा कि बीजापुर जिले के सीमावर्ती और जंगल क्षेत्रों में नक्सलियों के खिलाफ अभियान लगातार तेज किया गया है। सुरक्षा बलों की सक्रियता के चलते नक्सली गतिविधियों पर दबाव बढ़ा है और आने वाले दिनों में अभियान और तेज होने की संभावना है।
22 लाख के इनामी की साथियों ने की हत्या
उधर, ओडिशा के कंधमाल जिला में आत्मसमर्पण की तैयारी कर रहे 22 लाख के इनामी नक्सली कमांडर अन्वेष उर्फ रेनू की उसके ही साथियों ने हत्या कर दी। दारिंगबाड़ी थाना क्षेत्र के पकरी जंगल से पुलिस ने उसका सड़ा-गला शव बरामद किया। पुलिस के अनुसार, अन्वेष छत्तीसगढ़ के सुकमा जिला का निवासी था। वह केकेबीएन (कालाहांडी-कंधमाल-बौध-नयागढ़) डिवीजन में डिविजनल कमेटी मेंबर (डीवीसीएम) और लड़ाकू दस्ते का प्लाटून कमांडर था।
आत्मसमर्पण की तैयारी बनी मौत की वजह
कंधमाल के एसपी हरीश बीसी ने बताया कि अन्वेष कुछ अन्य नक्सली कैडरों के साथ ओडिशा पुलिस के समक्ष आत्मसमर्पण की तैयारी कर रहा था। संगठन के भीतर उसके इस फैसले का विरोध हो रहा था। सूचना के अनुसार, उसकी गोली मारकर हत्या कर दी गई और शव जंगल में दफना दिया गया। बाद में पुलिस को जानकारी मिलने पर शव को जमीन से निकाला गया। पुलिस को आशंका है कि ओडिशा के वांटेड नक्सली कमांडर सुकरू और उसके दस्ते ने इस वारदात को अंजाम दिया।