संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार परिषद के 61वें सत्र में भारत ने पाकिस्तान पर तीखा हमला बोला है। हाई-लेवल सेगमेंट में भारत की ओर से राइट टू रिप्लाई का इस्तेमाल करते हुए भारतीय डिप्लोमैट अनुपमा सिंह ने पाकिस्तान और इस्लामिक सहयोग संगठन के आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया।
By: Arvind Mishra
Feb 26, 202611:36 AM
नई दिल्ली। स्टार समाचार वेब
संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार परिषद के 61वें सत्र में भारत ने पाकिस्तान पर तीखा हमला बोला है। हाई-लेवल सेगमेंट में भारत की ओर से राइट टू रिप्लाई का इस्तेमाल करते हुए भारतीय डिप्लोमैट अनुपमा सिंह ने पाकिस्तान और इस्लामिक सहयोग संगठन के आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया। अनुपमा ने फटकार लगाते हुए कहा कि पाकिस्तान लगातार झूठी प्रोपगैंडा फैला रहा है और अब तो उसकी ईर्ष्या साफ झलक रही है। भारत ने साफ कहा कि जम्मू-कश्मीर हमेशा से भारत का अभिन्न और अविभाज्य हिस्सा रहा है, है और रहेगा। अनुपमा ने जोर देकर कहा-1947 में जम्मू-कश्मीर का भारत में विलय पूरी तरह कानूनी और अपरिवर्तनीय था, जो भारतीय स्वतंत्रता अधिनियम और अंतरराष्ट्रीय कानून के मुताबिक हुआ। अनुपमा ने पाकिस्तान से यह भी कहा कि वह भारत के उन इलाकों को खाली करे जो उसके अवैध कब्जे में हैं। ओआईसी को एक सदस्य देश का इको चैंबर बनने के लिए भी आड़े हाथों लिया गया।
पाकिस्तान को दिया करारा जवाब
अनुपमा सिंह ने जम्मू-कश्मीर में हो रहे विकास का जिक्र करते हुए कहा कि अगर चिनाब रेल ब्रिज, जो दुनिया का सबसे ऊंचा रेलवे ब्रिज है और पिछले साल इसका उद्घाटन हुआ, फेक है तो पाकिस्तान या तो भ्रम में है या ला ला लैंड में जी रहा है। प्रधानमंत्री मोदी ने 6 जून 2025 को इस ब्रिज का उद्घाटन किया था। यह ब्रिज कश्मीर को भारत की रेल नेटवर्क से जोड़ने में अहम भूमिका निभा रहा है। अनुपमा ने पाकिस्तान को खरीखोटी सुनाते हुए कहा- जम्मू-कश्मीर का विकास बजट हाल ही में पाकिस्तान की ओर से आईएमएफ से मांगे गए बेलआउट पैकेज से दोगुना से ज्यादा है। इससे साफ दिखता है कि जम्मू-कश्मीर में कितनी तेजी से विकास हो रहा है, जबकि पाकिस्तान आर्थिक संकट से जूझ रहा है।
लोकतंत्र पर पाकिस्तान के लेक्चर को ठुकराया
पाकिस्तान की ओर से लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं पर सवाल उठाने पर अनुपमा सिंह ने पलटवार करते हुए कहा कि ऐसे देश से लोकतंत्र पर लेक्चर सुनना मुश्किल है जहां सिविलियन सरकारें शायद ही कभी अपना पूरा कार्यकाल पूरा कर पाती हैं। जम्मू-कश्मीर में हाल के आम और विधानसभा चुनावों में भारी मतदान हुआ, जिससे साफ है कि वहां के लोग आतंकवाद और हिंसा की विचारधारा को ठुकरा चुके हैं और विकास के रास्ते पर बढ़ रहे हैं। लोग अब शांति और प्रगति चाहते हैं और चुनावी भागीदारी इसका सबूत है।
दुनिया समझ चुकी पाकिस्तान का ढोंग
आखिर में अनुपमा सिंह ने पाकिस्तान को आइना दिखाते हुए कहा कि वह राज्य-प्रायोजित आतंकवाद के जरिए क्षेत्र को अस्थिर करने की कोशिश कर रहा है। पाकिस्तान को अपने गहरे आंतरिक संकट पर ध्यान देना चाहिए, बजाय इसके कि बहुपक्षीय मंचों पर नाटक कर अपनी समस्याओं को छिपाने की कोशिश करे। दुनिया पाकिस्तान के इस ढोंग को अच्छी तरह समझ चुकी है।