मध्यप्रदेश में दर्जन भर नगर पालिका-परिषद में एक बार फिर राजनीतिक हलचल बढ़ गई है। विवादित नगर पालिका-परिषद अध्यक्षों के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाने की तैयारी तेज हो गई है।

मध्यपदेश के मऊगंज जिले की नगर परिषद।

भोपाल। स्टार समाचार वेब
मध्यप्रदेश में दर्जन भर नगर पालिका-परिषद में एक बार फिर राजनीतिक हलचल बढ़ गई है। विवादित नगर पालिका-परिषद अध्यक्षों के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाने की तैयारी तेज हो गई है। दरअसल, पिछले वर्ष मध्यप्रदेश सरकार द्वारा नियमों में बदलाव कर अविश्वास प्रस्ताव लाने की न्यूनतम अवधि को दो साल से बढ़ाकर तीन साल कर दिया गया था। अब अध्यक्ष का तीन वर्ष का कार्यकाल पूर्ण होने को है, जिससे फिर से अविश्वास प्रस्ताव का रास्ता साफ हो गया है। वहीं दूसरी ओर मप्र नगर पालिका अध्यक्ष संघ ने सीएम को पत्र लिखकर मांग की है कि अध्यक्षों के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव के नियम को एक बार फिर बदला जाए। दरअसल, पिछले ही साल अगस्त में राज्य सरकार ने कानून में संशोधन कर अविश्वास प्रस्ताव लाने की अवधि को दो से बढ़ाकर तीन साल कर दिया था। साथ ही ये भी बदलाव किया था कि पार्षद तीन चौथाई बहुमत होने पर ही प्रस्ताव ला सकते हैं। इससे पहले ये दो चौथाई बहुमत के साथ स्वीकार होता था। नियम में संशोधन के बाद भी अब अध्यक्षों के खिलाफ प्रस्ताव लाने की तैयारी हो रही है। इसमें खास बात यह है कि भाजपा के ही पार्षद अपने पार्टी अध्यक्ष के खिलाफ बगावत करने पर आमादा है।
मप्र नपा अध्यक्ष संघ ने नगर पालिका और परिषद अध्यक्षों के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाने की मियाद 5 साल करने की मांग मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से की है। इसके लिए एक पत्र भी लिखा है। संघ के अध्यक्ष जमनादास का कहना है कि इससे पहले जब अविश्वास प्रस्ताव लाने की मियाद 2 साल थी तब भी संघ ने सीएम को पत्र लिखकर इसे 5 साल करने की मांग की थी।
निकायों में अध्यक्षों का तीन साल का कार्यकाल 6 अगस्त से लेकर 11 अगस्त के बीच पूरा होगा। इसके बाद ही अविश्वास प्रस्ताव कलेक्टर को दिया जा सकता है। ऐसे में अध्यक्षों के खिलाफ बगावती तेवर अपनाने वाले पार्षद रणनीति बनाने में जुट गए हैं। पिछले साल जिन अध्यक्षों को कुर्सी से हटाने की कवायद हुई थी, इस बार वहीं अविश्वास प्रस्ताव की उम्मीद है।
मध्यपदेश के मऊगंज जिले की नगर परिषद के अध्यक्ष बृजवासी पटेल भाजपा के होने के बाद भी सिर्फ तीन साल बाद वाले नियम से बच गए थे। यहां 15 में से 12 पार्षद अध्यक्ष बृजवासी पटेल के खिलाफ थे। अनिमितताओं और भ्रष्टाचार को लेकर भाजपा पार्षदों ने ही पटेल के खिलाफ मोर्चा खोल दिया था। लेकिन सरकार द्वारा बनाया गया नियम पटेल के लिए संजीवनी का काम कर गया। अब एक बार फिर भाजपा के साथ कांग्रेस के पार्षद तैयारी में जुट गए हैं। हालांकि इससे पहले बृजवासी कांग्रेस में ही रहे हैं।
इधर, देवरी नगर पालिका के 12 पार्षदों ने अध्यक्ष नेहा जैन के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव कलेक्टर को सौंपा था। इस दौरान अध्यक्ष पर वार्डों में विकास कार्य नहीं करवाने के आरोप लगाए थे। यहां 15 पार्षदों में से 13 भाजपा और दो कांग्रेस के पार्षद हैं। अध्यक्ष पद पर बने रहने के लिए अब उन्हें 12 पार्षदों का समर्थन चाहिए। 2022 में निकाय चुनाव के बाद से ही पार्षद दो धड़े में बंट गए थे। अध्यक्ष पद के लिए नेहा के खिलाफ भाजपा की ही आरती जैन मैदान में उतर गई थीं।
नर्मदापुरम में नीतू यादव 29 वोट लेकर नगर पालिका अध्यक्ष बनी थीं, लेकिन दो साल का कार्यकाल (11 अगस्त 2024) पूरा होने से पहले ही उन्हें पद से हटाने के लिए 21 पार्षदों ने न सिर्फ मोर्चा खोल दिया था, बल्कि अविश्वास प्रस्ताव पर दस्तखत भी कर दिए थे। तब पार्षदों का आरोप था कि उनकी अनदेखी हो रही है। अध्यक्ष विकास कार्यों में रुकावट बन रही हैं।
टीकमगढ़ नगर पालिका अध्यक्ष अब्दुल गफ्फार को हटाने के लिए विशेष सम्मेलन की तारीख भी तय हो गई थी। यहां 19 पार्षदों ने अविश्वास प्रस्ताव पेश किया था। जिनमें से भाजपा के 11, कांग्रेस के 6 और 2 निर्दलीय पार्षद हैं। अधिकांश पार्षद, चाहे वह पक्ष हो या विपक्ष, अध्यक्ष की कार्यप्रणाली से नाराज चल रहे थे। यह नाराजगी 20 अगस्त 2024 को अविश्वास प्रस्ताव के रूप में सामने आई थी।
दमोह नगर पालिका में अध्यक्ष मंजू वीरेंद्र राय को पद से हटाने की तैयारी थी। मामला कलेक्टर के पास पहुंच गया था, लेकिन वोटिंग से पहले ही नए अध्यादेश से दोनों को राहत मिल गई थी। यहां भाजपा के 20 पार्षदों ने कलेक्टर को शपथ पत्र देकर अध्यक्ष को हटाने की मांग की थी। दरअसल, नगर पालिका के 39 वार्डों में से भाजपा ने 14, कांग्रेस ने 17, सिद्धार्थ मलैया द्वारा बनाई पार्टी टीएसएम ने 5, बसपा ने एक और दो वार्डों में निर्दलीय जीते थे। बाद में टीएसएम के 5 और दोनों निर्दलीय भाजपा में शामिल हो गए। ऐसे में भाजपा पार्षदों की संख्या बढ़कर 21 हो गई।
नपा अध्यक्ष के चुनाव में गीता जाटव को 9 वोट, जबकि कांग्रेस के कमल सिंह राजे को 6 वोट मिले थे। जाटव भले ही अध्यक्ष बन गईं, लेकिन भाजपा को डर था कि निर्दलीय पार्षदों ने पाला बदल लिया तो अध्यक्ष पद चला जाएगा। इस बीच उपाध्यक्ष राजवीर यादव और अध्यक्ष गीता जाटव के बीच पटारी नहीं बैठ रही थी। दोनों के बीच परिषद कार्यालय में अध्यक्ष से विवाद हो गया था। इसके बाद यादव ने भाजपा के 9 ,कांग्रेस के एक पार्षद को अपने पाले में लाकर 10 पार्षदों के समर्थन होने का पत्र कलेक्टर को सौंप दिया था। भाजपा के न्यू जॉइनिंग अभियान के दौरान कांग्रेस नेता राकेश मावई के साथ चार पार्षदों ने भी भाजपा की सदस्या ले ली।
चाचौड़ा नगर परिषद अध्यक्ष भाजपा की सुनीता प्रदीप नाटानी के विरोध में 15 में से 13 व कुंभराज में शारदा साहू पर 15 में से 13 पार्षदों ने असंतोष था। लेकिन अविश्वास प्रस्ताव पर आगे कार्रवाई रोक दी गई थी। विरोध करने वाले पार्षदों की इस संख्या को देखें तो दोनों अध्यक्षों की कुर्सी खतरे में आ सकती है।
अशोकनगर के नगर परिषद शाढोरा में 15 में से 8 पार्षदों ने नगर परिषद अध्यक्ष अशोक माहोर को हटाने का आवेदन दिया था, लेकिन माहोर को एक साल राहत मिल गई थी। अब अध्यक्ष को पद से हटाना है तो अविश्वास प्रस्ताव लाने के लिए 12 पार्षदों की जरूरत होगी।


जबलपुर हाईकोर्ट का ऐतिहासिक फैसला, सरकारी कर्मचारियों को मिलेगा 100% वेतन और एरियर्स

खरमास 2025-2026: कब से कब तक रहेगा, जानें शुभ कार्यों की मनाही का कारण

जैतवारा से लेकर बारामाफी तक आक्रोश

ऑपरेशन सिंदूर...मुझे एक तस्वीर दिखा दो...जिसमें भारत का एक गिलास भी नहीं टूटा हो

लागू होंगे नए अवकाश नियम: CCL में वेतन कटौती, EL को 'अधिकार' नहीं मानेगा MP वित्त विभाग

आहत जनता को राहत...निचले स्तर पर आई थोक महंगाई

सुरक्षित और नेचुरल तरीके से बाल करना है काले तो अपनाएं ये उपाय

बची हुई चाय को दोबारा गर्म करके पीने क्या होगा, जानें इसके बारे में?

अगर 40 की उम्र कर ली है पार और रहना चाहते हैं तंदरुस्त तो अपनाएं ये आदतें

ठंडा पानी पीने और मीठा खाने पर दांतों में होती है झनझनाहट तो हो जाएं सावधान, नहीं तो हो सकती है बड़ी समस्या

ठंड में बढ़ जाती है डिहाइड्रेशन की समस्या, जानें क्या है कारण ?

तनाव से चाहिए है छुटकारा तो इन चीजों से करें तौबा, अपनाएं ये सलाह
उत्तर भारत में इन दिनों गर्मी का प्रकोप देखने को मिल रहा है। देश के कई राज्य भीषण गर्मी से तप रहे हैं। उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, हरियाणा से लेकर राजस्थान और महाराष्ट्र के कई जिलों में लोगों का गर्मी से बुरा हाल रहा। यूपी का बांदा 46.7 के साथ और एमपी का राजगढ़ जिला 45 डिग्री के साथ सबसे गर्म शहर रहा।
भोजशाला मामले में MP के पूर्व CM दिग्विजय सिंह ने हाईकोर्ट के फैसले को अस्पष्ट बताते हुए कहा कि ASI को मंदिर के सबूत नहीं मिले। वहीं भोज उत्सव समिति ने दिग्विजय सरकार पर पूजा प्रतिबंधित करने का आरोप लगाया है। पढ़ें पूरी खबर।
भोपाल में रिटायर्ड जज गिरिबाला सिंह की बहू ट्विशा शर्मा सुसाइड केस में नया मोड़। मायके वालों ने शव लेने से किया इनकार, दिल्ली AIIMS में दोबारा पोस्टमार्टम की मांग को लेकर सीएम हाउस के सामने किया प्रदर्शन।
मध्यप्रदेश के ग्वालियर जिले के डबरा के जंगीपुरा रोड स्थित मदरसा रोड पर देर रात एक इलेक्ट्रॉनिक दुकान और मकान में भीषण आग लग गई। आग इतनी तेजी से फैली कि दुकान में रखे इलेक्ट्रॉनिक सामान और एसी रिपेयरिंग के सिलेंडरों में धमाके होने लगे। धमाकों से पूरे इलाके में दहशत फैल गई।
मध्य प्रदेश की मोहन सरकार ने प्रदेश के अफसर और कर्मचारियों के अवकाश नियमों में बड़ा बदलाव किया है। दरअसल, वित्त विभाग द्वारा मप्र सिविल सेवा अवकाश नियम 2025 के तहत अवकाश मंजूरी के अधिकारों को विभाजित कर दिया है।
मध्यप्रदेश के देवास जिले के पीपलरावा थाना क्षेत्र में बैराखेड़ी गांव के समीप प्याज से भरा एक मिनी ट्रक मोड़ पर अनियंत्रित होकर पलट गया। हादसे में ट्रक के ऊपर सो रहे तीन मजदूरों की मौत हो गई। दो अन्य लोग घायल हो गए।
सुबह से ही श्रद्धालुओं का उत्साह देखते बन रहा था। ढोल-नगाड़ों, बैंड-बाजों और जयघोष के साथ श्रद्धालुओं ने भोजशाला परिसर में प्रवेश किया। महिलाएं, युवा, बुजुर्ग और बच्चे हाथों में मां सरस्वती के चित्र और धार्मिक ध्वज लिए पहुंचे।
मध्यप्रदेश के रतलाम में आज भीषण टेन हादसा हो गया। राहत की बात यह है कि सभी यात्रियों को सुरक्षित उतार लिया गया। दरअसल, दिल्ली निजामुद्दीन की ओर जा रही राजधानी एक्सप्रेस (12431) के दो कोच में रविवार सुबह आग लगने से अफरा-तफरी मच गई।
दमोह (तेंदूखेड़ा) के आईईएस पब्लिक स्कूल में शिक्षिका की कथित मारपीट के शिकार 9 वर्षीय छात्र काव्य नामदेव की भोपाल एम्स में मौत। परिजनों ने शव के साथ एसपी ऑफिस घेरा, SIT करेगी जांच।
भोपाल के DPI परिसर में शिक्षक भर्ती परीक्षा-2025 के अभ्यर्थियों का उग्र प्रदर्शन। पदवृद्धि और जॉइनिंग की मांग पर अड़े वर्ग 2-3 के परीक्षार्थी। तेज धूप में महिला अभ्यर्थी की तबीयत बिगड़ी।