सप्ताह के दूसरे कारोबारी दिन शेयर बाजार मामूली गिरावट के साथ लगभग सपाट खुले। सेंसेक्स और निफ्टी में सूचीबद्ध अधिकांश कंपनियों के शेयर लाल निशान में खुले। बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (बीएसई) के संवेदी सूचकांक सेंसेक्स और नेशनल स्टॉक एक्सचेंज के निफ्टी की कंपनियों के शेयरों में मामूली गिरावट देखी गई।

मुंबई। स्टार समाचार वेब
सप्ताह के दूसरे कारोबारी दिन शेयर बाजार मामूली गिरावट के साथ लगभग सपाट खुले। सेंसेक्स और निफ्टी में सूचीबद्ध अधिकांश कंपनियों के शेयर लाल निशान में खुले। बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (बीएसई) के संवेदी सूचकांक सेंसेक्स और नेशनल स्टॉक एक्सचेंज के निफ्टी की कंपनियों के शेयरों में मामूली गिरावट देखी गई। दरअसल, भारतीय शेयर बाजार की फिर से कमजोर शुरुआत हुई। मंगलवार को कारोबारी सेशन के दौरान बेंचमार्क इंडेक्स सेंसेक्स और निफ्टी दोनों में गिरावट दर्ज की गई। 30 शेयरों वाला बीएसई सेंसेक्स 100 अंक गिरकर 80,780 पर खुला, जबकि एनएसई निफ्टी 50 इंडेक्स भी 35 अंक लुढ़ककर 24,700 के लेवल के नीचे चला गया।

अमेरिका के साथ ट्रेड डील में हो रही देरी, विदेशी निवेशकों की लगातार बिकवाली, वित्त वर्ष 2026 की पहली तिमाही के कमजोर नतीजों और एशियाई बाजारों के मिलेजुले रूख का शेयर बाजार पर दबाव रहा। कारोबार के दौरान भारत इलेक्ट्रॉनिक्स, जोमैटो (इटर्नल), इंफोसिस, अल्ट्राटेक सीमेंट, आईसीआईसीआई बैंक, ळउर, टाइटन, एचडीएफसी बैंक और एशियन पेंट्स के शेयरों में 2 परसेंट तक की गिरावट आई, जिससे बेंचमार्क पर दबाव बढ़ा।
सन फार्मा, रिलायंस इंडस्ट्रीज, कोटक महिंद्रा बैंक, टाटा मोटर्स, ट्रेंट, एचसीएल टेक, पावर ग्रिड और एचयूएल में 0.5 परसेंट तक की मामूली गिरावट देखी गई। निफ्टी मिडकैप इंडेक्स में 0.11 परसेंट की बढ़त दर्ज की गई, जबकि स्मॉलकैप इंडेक्स में 0.30 फीसदी की गिरावट आई, जो व्यापक बाजारों में मिले-जुले प्रदर्शन का संकेत है।
निफ्टी डिफेंस में 1.6 परसेंट की गिरावट दर्ज की गई। वहीं, आईटी में 0.57 परसेंट की गिरावट आई है और फाइनेंशियल सर्विसेज में 0.18 परसेंट की गिरावट देखने को मिली है। निफ्टी रियल्टी में 0.6 परसेंट और मेटल इंडेक्स में 0.5 परसेंट का उछाल आया है, जिससे बाजार को सपोर्ट मिला है।
एमएससीआई के एशिया-प्रशांत शेयरों का सबसे बड़ा सूचकांक मंगलवार को 0.68 परसेंट नीचे गिरा। जापान के निक्केई में 0.78 परसेंट और दक्षिण कोरिया के कोस्पी में 0.02 परसेंट की गिरावट आई है। इस बीच अमेरिका के साथ यूरोपीय यूनियन की ट्रेड डील होने के बाद मंगलवार को डॉलर स्थिर रहा।
वॉल स्ट्रीट के सूचकांक मिलेजुले रूख के साथ बंद हुए। एसएंडपी 500 इंडेक्स में 0.02 परसेंट का उछाल आया, जबकि डॉव जोन्स में 0.14 परसेंट की गिरावट दर्ज की गई। फेडरल रिजर्व के ब्याज दर संबंधी फैसले के साथ-साथ मुद्रास्फीति, व्यापार और आर्थिक आंकड़ों के आने से इस सप्ताह उतार-चढ़ाव की उम्मीद है।


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अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के जेनेरिक दवाओं पर टैरिफ ऐलान के बाद भारतीय शेयर बाजार में बड़ी गिरावट दर्ज की गई है। सेंसेक्स और निफ्टी टूटे, फार्मा शेयरों का बुरा हाल।
भारतीय अर्थव्यवस्था में महंगाई मापने का तरीका बदलने जा रहा है। सरकार पांच वर्षों में WPI को हटाकर उत्पादक मूल्य सूचकांक (PPI) लागू करेगी। जानिए इसके मुख्य घटक और व्यापार पर असर।
घरेलू शेयर बाजार में आज कारोबार की शुरुआत हल्के दबाव के साथ हुई। मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव और कच्चे तेल की ऊंची कीमतों ने निवेशकों की चिंता बढ़ा दी है। इसका असर शुरुआती कारोबार में सेंसेक्स और निफ्टी पर भी देखने को मिला। हालांकि, पीएसयू बैंक शेयरों में खरीदारी ने बाजार को कुछ सहारा दिया।
सावन और रक्षाबंधन के त्योहारों से ठीक पहले आम आदमी के लिए मिठास महंगी हो गई है। इंदौर के फुटकर बाजार में इतिहास में पहली बार शक्कर के दाम 50 रुपए प्रति किलो के स्तर को पार कर गए हैं। देश में महंगाई दर मापने वाले थोक मूल्य सूचकांक में शक्कर की हिस्सेदारी 1 प्रतिशत से अधिक होती है।
भारतीय प्रतिस्पर्धा आयोग (CCI) ने रिलायंस जियो और 4,500 कंपनियों पर लगे प्रतिस्पर्धा-विरोधी आरोपों को निराधार बताते हुए खारिज कर दिया। साक्ष्यों के अभाव में आयोग ने इसे एक बड़ा राहत भरा फैसला माना है।
एशियाई बाजारों में हाहाकार और कच्चे तेल के 85 डॉलर के पार जाने के बावजूद आज भारतीय शेयर बाजार हरे निशान पर खुला। एशियाई बाजार के शुरुआती कारोबार में चिपमेकर कंपनियों के शेयर लगातार बेचे जाने से दबाव में रहे।
भारतीय शेयर बाजार आज भी हरे निशान पर खुला और वह भी तब जब एशियाई बाजारों में आज चौतरफा भारी बिकवाली का माहौल है। कच्चे तेल की भी कीमतें और बढ़ी हैं। एशियन मार्केट पूरी तरह से क्रैश हो गया है। वहीं भारतीय शेयर बाजार ने अपनी अद्भुत मजबूती का प्रदर्शन किया है।
आज अमेरिकी मुद्रास्फीति में अप्रत्याशित नरमी के बाद भारतीय शेयर बाजार में जबरदस्त तेजी देखी गई। बैंक और वित्तीय शेयरों ने बढ़त का नेतृत्व किया। अधिकांश क्षेत्रीय सूचकांकों ने सकारात्मक रुझान दिखाया।
केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने इथेनॉल ईंधन का पुरजोर समर्थन करते हुए इस पर लगे निजी हितों के आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि देश में 100 फीसदी पेट्रोल का विकल्प मौजूद है, लेकिन इसके लिए उपभोक्ताओं को अधिक कीमत चुकानी होगी।