अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने 1 अक्टूबर से सभी ब्रांडेड और पेटेंटेड दवाओं के आयात पर 100 परसेंट टैरिफ लगाया है। इसका असर शुक्रवार को भारतीय शेयर बाजार में दिख रहा है। हफ्ते के आखिरी कारोबारी दिन शेयर बाजार में गिरावट दर्ज की गई।

हफ्ते के आखिरी कारोबारी दिन शेयर बाजार में गिरावट दर्ज की गई।
मुंबई। स्टार समाचार वेब
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने 1 अक्टूबर से सभी ब्रांडेड और पेटेंटेड दवाओं के आयात पर 100 परसेंट टैरिफ लगाया है। इसका असर शुक्रवार को भारतीय शेयर बाजार में दिख रहा है। हफ्ते के आखिरी कारोबारी दिन शेयर बाजार में गिरावट दर्ज की गई। बीएसई सेंसेक्स 203.67 अंकों की गिरावट के साथ 80,956.01 पर खुला, जबकि निफ्टी 50 72.3 अंकों की गिरावट के साथ 24,818.55 पर खुला। बीएसई पर सन फार्मा सबसे ज्यादा नुकसान में रहा, उसके बाद बजाज फाइनेंस और एशियन पेंट्स का स्थान रहा। मुनाफे में रहने वालों में लार्सन एंड टुब्रो, भारत इलेक्ट्रॉनिक्स और टाटा स्टील शामिल रहे। निफ्टी मिडकैप 100 में 0.21 प्रतिशत और निफ्टी स्मॉलकैप 100 में 0.37 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई। सेक्टोरल इंडेक्स की बात करें, तो निफ्टी फार्मा इंडेक्स में 2 प्रतिशत से ज्यादा की गिरावट आई। इसके विपरीत, निफ्टी मीडिया और निफ्टी मेटल ही प्रॉफिट में रहे, जिनमें क्रमश: 0.62 परसेंट और 0.28 फीसदी का उछाल आया।
शुक्रवार को एशियाई बाजार भी लाल निशान में खुले। ट्रंप के फर्नीचर, फार्मा प्रोडक्ट्स और भारी ट्रकों पर हाई टैरिफ लगाए जाने के चलते जापान का निक्केई 225 इंडेक्स 0.28 परसेंट गिरा। दक्षिण कोरिया के कोस्पी इंडेक्स में 1.5 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई। आॅस्ट्रेलिया का एएसएक्स 200 0.3 परसेंट नीचे रहा।
शेयर बाजार में गिरावट का सिलसिला शुक्रवार को भी जारी है। फार्मा शेयरों में भारी बिकवाली, विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों की लगातार निकासी इस गिरावट की बड़ी वजह रहे। वहीं, वैश्विक बाजारों की कमजोरी का असर भी घरेलू बाजार पर देखा गया।
सेंसेक्स समूह में सन फार्मा तीन प्रतिशत से अधिक टूटा। एशियन पेंट्स, टेक महिंद्रा, इन्फोसिस, पावर ग्रिड, एचसीएल टेक और टाटा स्टील भी गिरावट में रहे। इससे उलट एलएनटी, टाटा मोटर्स, आईटीसी और ट्रेंट के शेयर्स बढ़त में रहे।
एनरिच मनी के सीईओ पोनमुडी आर ने कहा-अमेरिकी ट्रंप प्रशासन द्वारा एक अक्तूबर से ब्रांडेड और पेटेंटेड दवाओं पर 100 फीसदी आयात शुल्क लगाने की घोषणा कर चुका है, जिससे घरेलू फार्मा सेक्टर पर निवेशकों की नजर रहेगी। यह कदम हाल ही में एच-1बी वीजा फीस में भारी बढ़ोतरी के बाद आया है, जिसने आईटी सेक्टर के शेयरों में पहले से ही तेज बिकवाली शुरू कर दी है।


जबलपुर हाईकोर्ट का ऐतिहासिक फैसला, सरकारी कर्मचारियों को मिलेगा 100% वेतन और एरियर्स

जैतवारा से लेकर बारामाफी तक आक्रोश

खरमास 2025-2026: कब से कब तक रहेगा, जानें शुभ कार्यों की मनाही का कारण

ऑपरेशन सिंदूर...मुझे एक तस्वीर दिखा दो...जिसमें भारत का एक गिलास भी नहीं टूटा हो

लागू होंगे नए अवकाश नियम: CCL में वेतन कटौती, EL को 'अधिकार' नहीं मानेगा MP वित्त विभाग

MP College Admission 2026: ई-प्रवेश दूसरे चरण की अलॉटमेंट लिस्ट जारी, 13 जून तक जमा करें फीस

सुरक्षित और नेचुरल तरीके से बाल करना है काले तो अपनाएं ये उपाय

बची हुई चाय को दोबारा गर्म करके पीने क्या होगा, जानें इसके बारे में?

अगर 40 की उम्र कर ली है पार और रहना चाहते हैं तंदरुस्त तो अपनाएं ये आदतें

ठंडा पानी पीने और मीठा खाने पर दांतों में होती है झनझनाहट तो हो जाएं सावधान, नहीं तो हो सकती है बड़ी समस्या

ठंड में बढ़ जाती है डिहाइड्रेशन की समस्या, जानें क्या है कारण ?

तनाव से चाहिए है छुटकारा तो इन चीजों से करें तौबा, अपनाएं ये सलाह
भारतीय अर्थव्यवस्था में महंगाई मापने का तरीका बदलने जा रहा है। सरकार पांच वर्षों में WPI को हटाकर उत्पादक मूल्य सूचकांक (PPI) लागू करेगी। जानिए इसके मुख्य घटक और व्यापार पर असर।
घरेलू शेयर बाजार में आज कारोबार की शुरुआत हल्के दबाव के साथ हुई। मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव और कच्चे तेल की ऊंची कीमतों ने निवेशकों की चिंता बढ़ा दी है। इसका असर शुरुआती कारोबार में सेंसेक्स और निफ्टी पर भी देखने को मिला। हालांकि, पीएसयू बैंक शेयरों में खरीदारी ने बाजार को कुछ सहारा दिया।
सावन और रक्षाबंधन के त्योहारों से ठीक पहले आम आदमी के लिए मिठास महंगी हो गई है। इंदौर के फुटकर बाजार में इतिहास में पहली बार शक्कर के दाम 50 रुपए प्रति किलो के स्तर को पार कर गए हैं। देश में महंगाई दर मापने वाले थोक मूल्य सूचकांक में शक्कर की हिस्सेदारी 1 प्रतिशत से अधिक होती है।
भारतीय प्रतिस्पर्धा आयोग (CCI) ने रिलायंस जियो और 4,500 कंपनियों पर लगे प्रतिस्पर्धा-विरोधी आरोपों को निराधार बताते हुए खारिज कर दिया। साक्ष्यों के अभाव में आयोग ने इसे एक बड़ा राहत भरा फैसला माना है।
एशियाई बाजारों में हाहाकार और कच्चे तेल के 85 डॉलर के पार जाने के बावजूद आज भारतीय शेयर बाजार हरे निशान पर खुला। एशियाई बाजार के शुरुआती कारोबार में चिपमेकर कंपनियों के शेयर लगातार बेचे जाने से दबाव में रहे।
भारतीय शेयर बाजार आज भी हरे निशान पर खुला और वह भी तब जब एशियाई बाजारों में आज चौतरफा भारी बिकवाली का माहौल है। कच्चे तेल की भी कीमतें और बढ़ी हैं। एशियन मार्केट पूरी तरह से क्रैश हो गया है। वहीं भारतीय शेयर बाजार ने अपनी अद्भुत मजबूती का प्रदर्शन किया है।
आज अमेरिकी मुद्रास्फीति में अप्रत्याशित नरमी के बाद भारतीय शेयर बाजार में जबरदस्त तेजी देखी गई। बैंक और वित्तीय शेयरों ने बढ़त का नेतृत्व किया। अधिकांश क्षेत्रीय सूचकांकों ने सकारात्मक रुझान दिखाया।
केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने इथेनॉल ईंधन का पुरजोर समर्थन करते हुए इस पर लगे निजी हितों के आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि देश में 100 फीसदी पेट्रोल का विकल्प मौजूद है, लेकिन इसके लिए उपभोक्ताओं को अधिक कीमत चुकानी होगी।
भारतीय शेयर बाजार में आज कारोबार की शुरुआत कमजोरी के साथ हुई। पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव और कच्चे तेल की कीमतों में उछाल से शेयर मार्केट पर काफी असर पड़ा है। सेंसेक्स टूटकर कारोबार करता दिखा, जबकि निफ्टी गिरावट के साथ निचले स्तर पर आ गया।
13 जुलाई 2026 को सोने और चांदी की कीमतों में भारी गिरावट। जानें क्या हैं दाम, गिरावट के मुख्य कारण और एक्सपर्ट्स की निवेश को लेकर दी गई सलाह।