मध्य प्रदेश विधानसभा में वित्त मंत्री जगदीश देवड़ा ने आज यानी बुधवार को वित्तीय वर्ष 2026-27 का बजट पेश किया। डॉ. मोहन यादव सरकार का ये तीसरा और बतौर वित्त मंत्री देवड़ा का सातवां बजट है। मध्यप्रदेश में पहली बार डिजिटल बजट पेश किया गया है।
By: Arvind Mishra
Feb 18, 202611:55 AM

भोपाल। स्टार समाचार वेब
मध्य प्रदेश विधानसभा में वित्त मंत्री जगदीश देवड़ा ने आज यानी बुधवार को वित्तीय वर्ष 2026-27 का बजट पेश किया। डॉ. मोहन यादव सरकार का ये तीसरा और बतौर वित्त मंत्री देवड़ा का सातवां बजट है। मध्यप्रदेश में पहली बार डिजिटल बजट पेश किया गया है। मंत्री ने बजट भाषण की शुरुआत में ही कहा कि एमपी का बजट किसानों को समर्पित है। ये साल किसानों के विकास को समर्पित है। बजट में हर वर्ग को ध्यान में रखा गया है। मध्य प्रदेश विकसित भारत बनाने में अपना योगदान दे रहा है। वित्त मंत्री ने कहा- हमारी सरकार का उद्देश्य हर हाथ को काम देना है। युवाओं को रोजगार देना है। पीएम के सपने को साकार करने वाला बजट है। हर नारी को न्याय हमारी सरकार का लक्ष्य है। हम देश के तीसरे युवा प्रदेश हैं। युवाओं के हाथ को काम मिले ये हमारा संकल्प है। मंत्री कहा कि 3000 करोड़ रुपए की लागत से किसानों को 1 लाख सोलर पंप उपलब्ध कराए जाएंगे।वित्त मंत्री ने बजट में मध्य प्रदेश में कोई नया टैक्स न लगाने का ऐलान किया है। वित्त मंत्री जगदीश देवड़ा ने स्पष्ट किया कि राज्य के बजट में किसी भी नए कर का प्रावधान नहीं किया गया है, जिससे आम लोगों पर अतिरिक्त कर बोझ नहीं पड़ेगा।
सरकार की महत्वपूर्ण घोषणाएं

प्रधानमंत्री के 'ज्ञान' के संकल्प पर MP का बजट- CM मोहन
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने बजट पर कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विकास के संकल्प के साथ आज मध्यप्रदेश लगातार आगे बढ़ रहा है। प्रधानमंत्री मोदी के ज्ञान (गरीब, युवा, अन्नदाता और नारी) के संकल्प में हमारी सरकार ने आई भी जोड़ा है। वर्ष 2026-27 का बजट ज्ञानी (G Y A N I I) के मार्गदर्शी सिद्धांत पर है। सीएम मोहन ने कहा कि इंडस्ट्री और इंफ्रास्ट्रक्चर दो दिखते हैं। यह देश का पहला बजट है, जो रोलिंग बजट है। इस बजट के जरिए अगले दो साल के डेवलपमेंट का ब्लूप्रिंट खींचा जाएगा। अमृतकाल 2047 के लिए डेवलपमेंट का पैमाना बनाया गया है।सीएम मोहन ने कहा कि आज का बजट 4 लाख 38 हज़ार 317 करोड़ रुपए का है। साल 2026-27 में राज्य का ग्रॉस डोमेस्टिक प्रोडक्ट 18 लाख 48 हजार 274 करोड़ रुपए रहने का अनुमान है। साल 2025-26 के अनुमान में 10.69 परसेंट की बढ़ोतरी है।
पट्टे की जगह होगी होगी रजिस्ट्री
सीएम मोहन यादव ने कहा कि हमने पहले ग्रामीणों को पट्टे दिए थे। अब उन ग्रामीणों को 3 हजार 800 करोड़ की लागत से मालिकाना हक देंगे। बैंकों में लोन और स्वामित्व के लिए रजिस्ट्री का महत्व होता है। पट्टे को लोन लेने में अटपटा मानते हैं। रजिस्ट्री का पूरा पैसा सरकार देगी और रजिस्ट्री ग्रामीणों के हक की होगी। सरकार गांव-गांव तक सड़क ले जाएगी। क्षतिग्रस्त पुल पुलिया के लिए बजट में 900 करोड़ का प्रावधान किया है ।कृषि वर्ष के लिए 1 लाख 13 करोड़ रुपये की राशि का प्रावधान किया है। 30 प्रतिशत ग्रोथ से मध्यप्रदेश आगे बढ़ रहा है।
मुख्यमंत्री मेधावी विद्यार्थी योजना के अंतर्गत 750 करोड़ का प्रावधान।
पोलीटेक्निक संस्थाओं के लिए 295 करोड़ रुपये निर्धारित किए गए
स्वशासी तकनीकी संस्थाओं को सहायता के तहत 250 करोड़
ए.डी.बी. परियोजना (कौशल विकास) के लिए 110 करोड़ आवंटित
मुख्यमंत्री कौशल अप्रेंटिसशिप योजना के लिए 100 करोड़ रुपये
सीएम युवा शक्ति योजना के लिए 100 करोड़ रुपये
प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना के लिए 95 करोड़ रुपये
इंजीनियरिंग महाविद्यालयों के लिए 70 करोड़ रुपये
मुख्यमंत्री जन कल्याण (शिक्षा प्रोत्साहन) के लिए 70 करोड़ का प्रावधान
कृषक उन्नति योजना की घोषणा
किसान परिवारों को किसान सम्मान निधि और मुख्यमंत्री किसान कल्याण योजना के तहत प्रतिवर्ष कुल 12 हजार रुपए दिए जा रहे हैं। भावांतर योजना की सफलता से प्रभावित होकर अन्य राज्यों ने भी इसमें रुचि दिखाई है। कृषक उन्नति योजना की घोषणा की गई है, जिसके अंतर्गत किसानों को विशेष प्रोत्साहन देने का प्रावधान किया गया है। वहीं, जैविक एवं प्राकृतिक खेती के लिए 21 लाख 42 हजार हेक्टेयर क्षेत्र पंजीकृत किया गया है।
लाड़ली बहना के लिए खोला खजाना
प्रदेश दाल उत्पादन में प्रथम स्थान पर
देवड़ा ने कहा कि हमारा प्रदेश दाल उत्पादन में प्रथम और गेहूं तिलहन में द्वितीय स्थान रखता है। प्रदेश का संतरा, धनिया और लहसुन में भी अग्रणी है। खेतों में उत्पादन से विक्रय तक में किसानों को सहायता दी जा रही है। जो कहा सो किया। हमारी सरकार के लिए बजट संवैधानिक दायित्वों के साथ कथनी करनी का वादा भी है। पिछले बजट भाषण के ये काम हो चुके हैं। 21,630 करोड़ की मुख्यमंत्री मजरा-टोला सड़क योजना मंजूर की जा चुकी है। ग्राम विकास पर केंद्रीय मुख्यमंत्री वृंदावन योजना शुरू की जा चुकी है। अहिल्या बाई कौशल विकास योजना शुरू की जा चुकी है।
किसानों को 25 हजार करोड़ का अल्पकालीन ऋण
बजट में पशुपालन के लिए 2364 करोड़ का प्रावधान किया गया है। किसानों को 25 हजार करोड़ का अल्पकालीन ऋण दिलाया जाएगा। बिना ब्याज का ऋण दिलाने के लिए 720 करोड़ का प्रावधान किया गया है। कृषि क्षेत्र के लिए 1.15 लाख करोड़ का प्रावधान किया गया है। भावांतर योजना के तहत किसानों को 337 करोड़ का भुगतान किया गया। 21630 करोड़ की मजरा टोला सड़क योजना प्रस्तुत की गई। एमपी देश का तीसरा युवा प्रदेश, यहां 28 प्रतिशत युवा हैं।
श्रम विभाग के लिए 1 हजार 335 करोड़
सरकार ने आगामी वित्तीय वर्ष के लिए श्रम विभाग के लिए 1335 करोड़ का बजटीय प्रावधान प्रस्तावित किया है। इस बजट का उद्देश्य मजदूरों, असंगठित क्षेत्र के कामगारों और गरीब वर्ग को सामाजिक सुरक्षा से जोड़ना है। सरकारी आंकड़ों के अनुसार, प्रधानमंत्री जन धन योजना के तहत अब तक राज्य में 4 करोड़ 61 लाख से ज्यादा खाते खोले जा चुके हैं। इससे बड़ी संख्या में लोगों को बैंकिंग सिस्टम से जोड़ा गया है। प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना में अब तक 3 करोड़ 64 लाख लोगों का पंजीयन हो चुका है।
कल्याण विभाग के लिए 815 करोड़
सीएम युवा शक्ति योजना के अंतर्गत प्रदेश के सभी विधानसभा क्षेत्र में सर्व सुलभ स्टेडियम बनाए जाने की व्यवस्था की जा रही है. कल्याण विभाग के लिए 815 करोड़ का बजट तय किया गया है। लाड़ली लक्ष्मी योजना में 52 लाख 29 हजार बालिकाओं को लाभान्वित किया गया है।
लाड़ली बहना योजना के लिए 23,882 करोड़
इस बजट में महिला सशक्तिकरण और नारी कल्याण को केंद्र में रखा गया है। बजट में महिलाओं और बालिकाओं से जुड़ी योजनाओं के लिए बड़े पैमाने पर प्रावधान किए गए हैं। सरकार ने लाड़ली लक्ष्मी योजना के लिए 8,801 करोड़ का प्रावधान किया है। वहीं लाड़ली बहना योजना के लिए 23,882 करोड़ का बजट निर्धारित किया गया है, जिससे करोड़ों महिलाओं को सीधा लाभ मिलने की उम्मीद है।
नारी कल्याण के लिए 1,27,555 करोड़
आंगनबाड़ी केंद्रों के माध्यम से पोषण अभियान को मजबूत करने के लिए 80 लाख दूध पैकेट वितरित किए जाएंगे। इस योजना के लिए 6,700 करोड़ का प्रावधान रखा गया है। कामकाजी महिलाओं की सुविधा को ध्यान में रखते हुए कई जिलों में सखी भवन का निर्माण किया जा रहा है, ताकि बाहर से आने वाली महिलाओं को सुरक्षित और किफायती आवास मिल सके। सरकार ने नारी कल्याण से जुड़ी विभिन्न योजनाओं के लिए कुल 1,27,555 करोड़ का बजट प्रावधान किया है।
7 लाख 95 हजार विद्यार्थियों को आर्थिक सहायता
वित्त मंत्री देवड़ा ने कहा शिक्षा के क्षेत्र में भी सरकार ने विशेष ध्यान दिया है। पोस्ट मैट्रिक छात्रवृत्ति योजना के तहत 7 लाख 95 हजार विद्यार्थियों को आर्थिक सहायता दी जा रही है, जिससे वे बिना किसी बाधा के अपनी पढ़ाई पूरी कर सकें। वहीं, प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे युवाओं के लिए सरदार पटेल कोचिंग योजना के अंतर्गत 4 हजार विद्यार्थियों को लाभ देने का लक्ष्य तय किया गया है।
कमजोर वर्गों के लिए 1,651 करोड़
सामाजिक और आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों के उत्थान के लिए भी बड़े स्तर पर बजट का प्रावधान किया गया है। पिछड़ा वर्ग, अल्पसंख्यक, घुमक्कड़ एवं अर्ध-घुमक्कड़ समुदायों के विकास के लिए 1,651 करोड़ रुपए आवंटित किए गए हैं। इसके अलावा ग्रामीण और दूरस्थ क्षेत्रों को मुख्यधारा से जोड़ने के लिए कनेक्टिविटी सुधार पर विशेष जोर दिया गया है, जिसके तहत 21,630 करोड़ की योजना को मंजूरी दी गई है।
सड़कों की मरम्मत के लिए 12,690 करोड़
फाइनेंस मिनिस्टर देवड़ा ने कहा कि मुख्यमंत्री माजरा टोला के तहत 20,900 किलोमीटर सड़क बनाने का स्टेटस दिया गया है। सड़क रिपेयर के लिए ?12,690 करोड़ का प्रोविजन किया गया है। युवा परिवारों के मेट्रोपॉलिटन एरिया में बढ़ते माइग्रेशन के असर को कम करने के लिए संध्या छाया प्रोग्राम शुरू किया गया है।
खेल के लिए 815 करोड़ का प्रावधान
मंत्री देवड़ा ने कहा कि युवाओं की खेल योजनाओं को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से प्रदेश की सभी विधानसभा क्षेत्रों में स्टेडियम निर्माण का कार्य शुरू किया गया है। वर्तमान में प्रदेश में चार स्टेडियमों का निर्माण कार्य प्रगति पर है। इसके साथ ही खेल गतिविधियों के लिए 815 करोड़ का बजट प्रावधान किया गया है।
पीएम आवास के लिए 6.850 हजार करोड़
वित्त मंत्री ने कहा- 6 हजार 850 करोड़ पीएम आवास के लिए प्रावधान है। पीएम जनमन के लिए 900 करोड़, जी रामजी के लिए 10428 करोड़ के प्रावधान किए गए हैं। पंचायत और ग्रामीण विकास विभाग के लिए 40062 करोड़ का प्रावधान किया गया है।कृषि वानिकी योजना शुरू की जाएगी इससे सरकार आमदनी बढ़ाने का काम करेगी। वन पर्यावरण क्षेत्र के लिए 6 हजार 151 करोड़ का प्रावधान किया गया है।
शिक्षा के लिए 31953 करोड़ रुपए का प्रावधान
106156 करोड़ रुपये पूंजीगत व्यय के लिए रखे गए हैं। कृषि क्षेत्र के लिए 115013 करोड रुपए का प्रावधान किया गया है। स्वास्थ्य क्षेत्र के लिए 24144 शिक्षा के लिए 31953 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया। वन भूमि से अतिक्रमण हटाकर पौधारोपण के लिए समृद्धि वन वन वृद्धि से जन समृद्धि कृषि विभाग की योजना।
उज्जैन में एलिवेटेड कॉरिडोर के लिए 1000 करोड़
द्वारिका योजना के अंतर्गत आगामी 5 वर्ष में शहरी अधोसंरचना विकास पर किए जाएंगे। उज्जैन में एलिवेटेड कॉरिडोर के निर्माण के लिए 1000 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया। इंदौर पीथमपुर इकोनामिक कॉरिडोर परियोजना के विकास के लिए 2360 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। महाकौशल क्षेत्र में जबलपुर में 350 करोड़ की लागत में फ्लाई ओवर बनाए जाएंगे।
केन बेतवा लिंक परियोजना के लिए 1000 करोड़
ग्रामीण क्षेत्र में आबादी भूमि पर मालिकाना अधिकार की योजना के अंतर्गत मुद्राओं के एवं पंजीयन का समस्त स्वरूप सरकार द्वारा वहन किया जाएगा इसके लिए 3800 करोड रुपए प्रावधान किया गया है। यशोदा दुग्ध प्रधान योजना के लिए 700 करोड रुपए का प्रावधान, आगामी 5 वर्ष में 6600 करोड रुपए वहन किए जाएंगे। लाड़ली बहन योजना के लिए 23883 करोड़, केन बेतवा लिंक परियोजना के लिए 1000 करोड़ मुख्यमंत्री संबल योजना के लिए 950 करोड़ रुपये।
छात्रवृत्ति के लिए 813 करोड़
पीएम जन मन आवास के लिए 900 करोड़ क्षतिग्रस्त पोलो के पुनर्निर्माण के लिए 900 करोड़ रुपये। 11वीं 12वीं और कॉलेज विद्यार्थियों की छात्रवृत्ति के लिए 813 करोड़ रुपये। आयुष्मान भारत के लिए 863 करोड़ रुपये। मुख्यमंत्री मंजीरा ओला सड़क योजना के अंतर्गत 800 करोड़ रुपये। भारतीयों के लिए 766 करोड़ रुपये। वेदांत पीठ की स्थापना के अंतर्गत 750 करोड़ रुपये। मेधावी विद्यार्थी योजना के लिए 750 करोड़ रुपये और मेट्रो रेल के लिए 650 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। मुख्यमंत्री मंजरा टोला योजना 800 करोड़ का प्रावधान किया गया है।
मुख्यमंत्री तीर्थ दर्शन योजना के तहत 50 करोड़
वित्त मंत्री ने कहा कि धार्मिक और सामाजिक योजनाओं को बढ़ावा देने के लिए मुख्यमंत्री तीर्थ दर्शन योजना के तहत 50 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है, ताकि वरिष्ठ नागरिकों और जरूरतमंद लोगों को धार्मिक स्थलों की यात्रा का लाभ मिल सके। वहीं, धर्म और संस्कृति के संरक्षण व संवर्धन के लिए सरकार ने 2 हजार 55 करोड़ रुपए का बजट निर्धारित किया है।
पुलिस विभाग में 22 हजार 500 पदों पर भर्ती
वित्त मंत्री देवड़ा ने कहा कि पुलिस विभाग में 22 हजार 500 पदों पर भर्ती प्रक्रिया चल रही है। पुलिसकर्मियों के लिए 11000 नए आवास बनाए गए हैं। 1 अप्रैल 2026 से परिवार पेंशन के अंतर्गत तलाक शुदा पुत्री को भी परिवार पेंशन देने का फैसला लिया गया है। पुलिस व्यवस्था को तकनीकी रूप से मजबूत बनाने के लिए डिजिटल वर्किंग को लगातार विस्तार दिया जा रहा है। इसके तहत अब तक 14 लाख से अधिक ई-समन और वारंट जारी किए जा चुके हैं। साथ ही, पुलिसकर्मियों को डिजिटल सिस्टम से जोड़ने के लिए 25 हजार टैबलेट उपलब्ध कराए जा रहे हैं, जिससे कानून-व्यवस्था और न्यायिक प्रक्रिया में तेजी और पारदर्शिता लाई जा सकेगी।
हमारी सरकार निजी क्षेत्र की सहभागिता से चिकित्सा महाविद्यालयों की स्थापना का नवाचार कर रही है। प्रदेश में जन-निजी भागीदारी के आधार पर धार, बैतूल एवं पन्ना में नवीन चिकित्सा महाविद्यालयों के लिए अनुबंध निष्पादित हो चुका है तथा 9 चिकित्सा महाविद्यालय क्रमशः भिंड, मुरैना, खरगौन, अशोकनगर, गुना, बालाघाट, टीकमगढ़, सीधी एवं शाजापुर में प्रारंभ किया जाना प्रक्रियाधीन है। लोक स्वास्थ्य संवर्ग के चिकित्सकों के 3 हज़ार 850 पदों तथा नर्सिंग अधिकारियों के 1 हज़ार 256 पदों पर भर्ती की कार्यवाही प्रक्रियाधीन है।
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