मध्य प्रदेश सरकार ने 19,287.32 करोड़ रुपये का तीसरा अनुपूरक बजट पेश किया है। इसमें सिंचाई, सड़क विकास और कर्ज भुगतान पर विशेष ध्यान दिया गया है।

भोपाल. स्टार समाचार वेब
मध्य प्रदेश की मोहन यादव सरकार ने वित्त वर्ष 2024-25 (और आगामी प्राथमिकताओं) के लिए 19,287.32 करोड़ रुपये का तीसरा अनुपूरक अनुमान विधानसभा में प्रस्तुत किया है। इस बजट का मुख्य उद्देश्य राज्य के बुनियादी ढांचे को मजबूत करना और वित्तीय देनदारियों को व्यवस्थित करना है। विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर ने इस पर चर्चा के लिए 23 फरवरी की तिथि निर्धारित की है।
सरकार ने इस अनुपूरक बजट को राजस्व और पूंजीगत मदों में इस प्रकार विभाजित किया है:
| मद | आवंटित राशि (करोड़ में) |
| कुल बजट | 19,287.32 |
| राजस्व मद (Revenue) | 8,934.03 |
| पूंजीगत मद (Capital) | 10,353.29 |
सरकार ने वित्तीय अनुशासन बनाए रखने के लिए कुल 1,650 करोड़ रुपये का प्रावधान पुराने और नए कर्ज के ब्याज भुगतान के लिए किया है:
950 करोड़ रुपये: नए बाजार ऋण के ब्याज भुगतान हेतु।
700 करोड़ रुपये: पुराने ऋणों की ब्याज अदायगी के लिए।
निवेश प्रोत्साहन: औद्योगिक नीति एवं निवेश संवर्धन विभाग को 1,250 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं।
ऊर्जा सहायता: सरकारी बिजली कंपनियों को शॉर्ट-टर्म लोन के लिए 2,630 करोड़ रुपये का प्रावधान है।
MSME: सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम प्रोत्साहन योजना के लिए 213 करोड़ रुपये दिए गए हैं।
नर्मदा घाटी विकास: सिंचाई परियोजनाओं को गति देने के लिए 4,700 करोड़ रुपये की भारी-भरकम राशि।
जल जीवन मिशन: घर-घर पानी पहुँचाने के लिए 300 करोड़ रुपये अतिरिक्त।
बांध निर्माण: जल संसाधन विभाग को 300 करोड़ रुपये का आवंटन।
लोक निर्माण विभाग (PWD) को बुनियादी ढांचे के विस्तार के लिए विशेष बजट मिला है:
भूमि अधिग्रहण मुआवजा: 1,337 करोड़ रुपये।
ग्रामीण एवं जिला मार्ग: 225 करोड़ रुपये।
पुल निर्माण: 125 करोड़ रुपये।
छात्रों को लाभ: मुख्यमंत्री मेधावी विद्यार्थी योजना के लिए 600 करोड़ रुपये और शिक्षा प्रोत्साहन के लिए 120 करोड़ रुपये रखे गए हैं।
स्थानीय निकाय: 15वें वित्त आयोग की सिफारिशों पर नगरीय निकायों को 1,569 करोड़ रुपये का अनुदान दिया जाएगा।
पंचायत: अतिरिक्त स्टांप शुल्क के बदले पंचायतों को 605 करोड़ रुपये मिलेंगे।

जबलपुर हाईकोर्ट का ऐतिहासिक फैसला, सरकारी कर्मचारियों को मिलेगा 100% वेतन और एरियर्स

जैतवारा से लेकर बारामाफी तक आक्रोश

खरमास 2025-2026: कब से कब तक रहेगा, जानें शुभ कार्यों की मनाही का कारण

ऑपरेशन सिंदूर...मुझे एक तस्वीर दिखा दो...जिसमें भारत का एक गिलास भी नहीं टूटा हो

लागू होंगे नए अवकाश नियम: CCL में वेतन कटौती, EL को 'अधिकार' नहीं मानेगा MP वित्त विभाग

आहत जनता को राहत...निचले स्तर पर आई थोक महंगाई

सुरक्षित और नेचुरल तरीके से बाल करना है काले तो अपनाएं ये उपाय

बची हुई चाय को दोबारा गर्म करके पीने क्या होगा, जानें इसके बारे में?

अगर 40 की उम्र कर ली है पार और रहना चाहते हैं तंदरुस्त तो अपनाएं ये आदतें

ठंडा पानी पीने और मीठा खाने पर दांतों में होती है झनझनाहट तो हो जाएं सावधान, नहीं तो हो सकती है बड़ी समस्या

ठंड में बढ़ जाती है डिहाइड्रेशन की समस्या, जानें क्या है कारण ?

तनाव से चाहिए है छुटकारा तो इन चीजों से करें तौबा, अपनाएं ये सलाह
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार के 26 मई को 12 साल पूरे होने जा रहे हैं। इस उपलब्धि को जन-जन तक पहुंचाने के लिए मध्य प्रदेश भाजपा 12 साल विश्वास के, विकास के, जन कल्याण के नाम से अभियान शुरू करने जा रही है।
नईगढ़ी के पोषण पुनर्वास केंद्र में गंभीर कुपोषण और सांस की समस्या से जूझ रही तीन माह की बच्ची अलीजा का सफल उपचार किया गया। विशेष देखभाल और पोषण से उसकी सेहत में उल्लेखनीय सुधार हुआ।
रीवा के पड़रा क्षेत्र में एग्रीकल्चर कॉलेज के हॉस्टल छात्रों पर राहगीरों से मारपीट, अवैध वसूली और वाहनों में तोड़फोड़ के आरोप लगे हैं। पुलिस ने मामला दर्ज कर आरोपियों की पहचान और गिरफ्तारी की कार्रवाई शुरू की है।
रीवा पुलिस ने महिलाओं से मंगलसूत्र लूटने वाले दो आरोपियों को 24 घंटे के भीतर गिरफ्तार कर लिया। आरोपियों से लूटा गया मंगलसूत्र और घटना में प्रयुक्त स्कूटी बरामद की गई है।
रीवा के संजय गांधी अस्पताल में वीआरडीएल लैब और आईसीटीसी सेंटर में शीतलन व्यवस्था के अभाव से सेम्पल प्रभावित होने के आरोप हैं। इससे जांच की गुणवत्ता और मरीजों की रिपोर्ट की विश्वसनीयता पर सवाल उठ रहे हैं।
सीधी के कसिहवा गांव में आग की घटना में तीन बच्चों की मौत के बाद शासन, प्रशासन और समाज पीड़ित परिवार के साथ खड़े हुए। आर्थिक सहायता, पुनर्वास और बच्ची के भविष्य की सुरक्षा के लिए कई निर्णय लिए गए।
अनूपपुर के बिजुरी में युवती की मौत और नाबालिग साथी की आत्महत्या के बाद पुलिस जांच पर सवाल उठे हैं। मामले की निष्पक्ष जांच के लिए आईजी ने चार सदस्यीय एसआईटी का गठन किया है।
सतना के बरौंधा परिक्षेत्र में 1002 गिद्ध दर्ज किए गए, लेकिन एक भी अवयस्क गिद्ध नहीं मिला। वन विभाग की गणना ने गिद्धों की घटती नई पीढ़ी और भविष्य को लेकर गंभीर चिंता बढ़ा दी है।
सतना में 2017 से चल रही सीवर परियोजना अब तक पूरी नहीं हो सकी है। बाजार क्षेत्र में महीनों से जारी खुदाई, धूल और अव्यवस्था से व्यापार प्रभावित है तथा व्यापारी जवाबदेही की मांग कर रहे हैं।
मुख्य सचिव अनुराग जैन ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग में पेयजल व्यवस्थाओं की समीक्षा कर अधिकारियों को समस्याओं के त्वरित निराकरण के निर्देश दिए। कंट्रोल रूम, टैंकर आपूर्ति, हैंडपंप सुधार और शिकायत निवारण पर विशेष जोर दिया गया।