संसद का बजट सत्र आज से शुरू हो रहा है। बुधवार को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने सेंट्रल हॉल में दोनों सदनों को संयुक्त रूप से संबोधित किया। सत्र से पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने संसद भवन परिसर में मीडिया को संबोधित किया। पीएम ने कहा- हमारी सरकार की पहचान रही है- रिफॉर्म, परफॉर्म और ट्रांसफॉर्म।
By: Arvind Mishra
Jan 29, 202611:25 AM
नई दिल्ली। स्टार समाचार वेब
संसद का बजट सत्र आज से शुरू हो रहा है। बुधवार को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने सेंट्रल हॉल में दोनों सदनों को संयुक्त रूप से संबोधित किया। सत्र से पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने संसद भवन परिसर में मीडिया को संबोधित किया। पीएम ने कहा- हमारी सरकार की पहचान रही है- रिफॉर्म, परफॉर्म और ट्रांसफॉर्म। अब हम रिफॉर्म एक्सप्रेस पर चल पड़े हैं। इस दौरान पीएम ने सभी सांसदों को नसीहत भी दी। उन्होंने कहा कि सत्र की शुरुआत में और 2026 के लिए राष्ट्रपति द्वारा बताई गई चीजों को सभी सांसदों ने गंभीरता से लिया होगा। इसके साथ ही पीएम मोदी ने ईयू और भारत के बीच हुई ट्रेड डील का भी जिक्र किया।
काबिलियत का हिसाब था
पीएम मोदी ने कहा-कल राष्ट्रपति का भाषण 140 करोड़ भारतीयों के भरोसे की अभिव्यक्ति था, उनकी काबिलियत का हिसाब था। उनकी आकांक्षाओं, खासकर युवाओं की आकांक्षाओं का खाका था। सभी सांसदों के लिए, राष्ट्रपति ने उन्हें गाइड करने के लिए भी कई बातें कहीं। सत्र की शुरुआत में और 2026 के लिए राष्ट्रपति द्वारा बताई गई उम्मीदें - मुझे भरोसा है कि सभी सांसदों ने इसे गंभीरता से लिया होगा।
21वीं सदी का 1/4 हिस्सा बीता
पीएम ने कहा- 21वीं सदी का 1/4 हिस्सा बीत चुका है। यह अगले चौथाई हिस्से की शुरुआत है। विकसित भारत 2047 के लक्ष्य को पाने के लिए, इन 25 सालों का महत्वपूर्ण दौर शुरू हो गया है। सदी के इस दूसरे चौथाई हिस्से का पहला बजट पेश होने वाला है। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण देश की पहली वित्त मंत्री हैं, देश की पहली महिला वित्त मंत्री हैं जो लगातार 9वीं बार संसद में बजट पेश कर रही हैं। यह देश के संसदीय इतिहास में एक गौरवशाली पल के तौर पर दर्ज हो गया है।
भारत दुनिया के लिए उम्मीद की किरण
भारत-ईयू ट्रेड डील पर बोलते हुए मोदी ने कहा-यह तिमाही बहुत ही पॉजिटिव नोट पर शुरू हुई है। एक आत्मविश्वासी भारत आज दुनिया के लिए उम्मीद की किरण बन गया है। यह आकर्षण का केंद्र भी बन गया है। इस तिमाही की शुरुआत में भारत और यूरोपियन यूनियन ने एक फ्री ट्रेड एग्रीमेंट साइन किया। यह इस बात का सबूत है कि आने वाली दिशाएं कितनी उज्ज्वल हैं, भारतीय युवाओं का भविष्य कितना उज्ज्वल है। यह फ्री ट्रेड महत्वाकांक्षी भारत के लिए, आकांक्षी युवाओं के लिए, आत्मनिर्भर भारत के लिए है।