टोल प्लाजा पर गाड़ी रुकी है, फास्टैग लगा है, पैसे भी हैं, फिर भी मशीन बीप करती है और आगे से आवाज आती है- केवाईवी अपडेट कराइए। अब इसी झंझट पर एनएचआई ने कैंची चला दी है। नए फास्टैग वालों के लिए वह नियम हटा दिया गया है, जिसने लाखों निजी वाहन चालकों का बीपी बढ़ाया हुआ था।
By: Arvind Mishra
Jan 29, 202610:18 AM
नई दिल्ली। स्टार समाचार वेब
टोल प्लाजा पर गाड़ी रुकी है, फास्टैग लगा है, पैसे भी हैं, फिर भी मशीन बीप करती है और आगे से आवाज आती है- केवाईवी अपडेट कराइए। अब इसी झंझट पर एनएचआई ने कैंची चला दी है। नए फास्टैग वालों के लिए वह नियम हटा दिया गया है, जिसने लाखों निजी वाहन चालकों का बीपी बढ़ाया हुआ था। 1 फरवरी 2026 से टोल पर प्लाजाओं पर अब आसानी से गाड़ी दौड़ेगी। दरअसल नेशनल हाईवे अथॉरिटी आॅफ इंडिया यानी एनएचाआई ने नए फास्टैग जारी करने के प्रोसेस को और आसान बनाने का फैसला लिया है। अथॉरिटी ने प्राइवेट वाहनों के लिए फास्टैग जारी होने के बाद होने वाली अनिवार्य अपने वाहन को जानें यानी केवाईवी प्रक्रिया को पूरी तरह खत्म कर दिया जाएगा। इसका सीधा फायदा यह होगा कि टोल प्लाजा पर रुकावटें कम होंगी, कागजी झंझट घटेगा और टोल भुगतान पहले से कहीं ज्यादा आसान हो जाएगा। ये नया नियम अगले माह फरवरी से लागू होगा।
नो योर व्हीकल प्रक्रिया बंद
नेशनल हाईवे अथॉरिटी आफ इंडिया ने अपने आधिकारिक बयान में कहा -1 फरवरी 2026 या उसके बाद जारी होने वाले सभी नए फास्टैग में केवाईवी की जरूरत नहीं होगी। अथॉरिटी ने नए जारी किए गए फास्टैग वाली कारों (कार, जीप, वैन) के लिए नो योर व्हीकल (केवाईवी) की प्रक्रिया को बंद करने का फैसला किया है।
पहले यह होता था...
पहले ऐसा होता था कि फास्टैग चालू होने के बाद भी वाहन मालिकों से दोबारा दस्तावेज, फोटो या सत्यापन मांगा जाता था। इससे लोगों को बार-बार बैंक या कस्टमर केयर के कॉल झेलने पड़ते थे और कई बार सही डॉक्यूमेंट देने के बावजूद फास्टैग सस्पेंड कर दिया जाता था। अब यह परेशानी खत्म होने वाली है।
अब रजिस्ट्रेशन की होगी पुष्ष्टि
नए नियमों के तहत फास्टैग जारी करने से पहले ही सारी जांच पूरी कर ली जाएगी। बैंक अब वीएएचएएन डेटाबेस के जरिए वाहन के रजिस्ट्रेशन की पुष्टि करेंगे। यह प्रक्रिया अनिवार्य होगी। कुछ खास मामलों में आरसी का इस्तेमाल क्रॉस-वेरिफिकेशन के लिए किया जा सकता है। यानी जिम्मेदारी अब बैंकों की होगी कि टैग जारी करते वक्त सारी जानकारी सही हो।
मौजूदा फास्टैग यूजर पर नहीं होगा असर
जो लोग पहले से फास्टैग इस्तेमाल कर रहे हैं, उनके लिए नियमों में कोई बदलाव नहीं किया गया है। जब तक किसी तरह की गड़बड़ी सामने नहीं आती, तब तक उनसे भी रेगुलर केवाईवी नहीं मांगी जाएगी। इससे टोल प्लाजा पर बेवजह की रुकावटें और परेशानियां नहीं होंगी। एनएचआई का मानना है कि इस बदलाव से निजी कार मालिकों का ड्राइविंग एक्सपीरिएंस काफी बेहतर होगा।
कमर्शियल वाहनों पर नहीं बदला नियम
यह छूट सिर्फ प्राइवेट वाहनों जैसे कार, जीप और वैन के लिए है। बस, ट्रक और मल्टी-एक्सल जैसे कमर्शियल वाहनों के लिए केवाईवी प्रक्रिया पहले की तरह लागू रहेगी। इसके अलावा फास्टैग की अनिवार्यता भी सभी वाहनों के लिए बनी रहेगी। डिजिटल सिस्टम और वीएएचएएन इंटीग्रेशन के मजबूत होने के बाद पुरानी केवाईवी प्रक्रिया से लोग परेशान थे और शिकायत कर रहे थे।