एनएचआई ने स्वीकार किया है कि 2025 के दौरान 18 लाख मामलों में गलत तरीके से टोल वसूला गया। हालांकि बाद में लोगों का पैसा लौटाना पड़ा। यहां चौंकाने वाली बात यह है कि उक्त 18 लाल मामलों में से हर तीसरे मामले में गाड़ी टोल प्लाजा तक पहुंची ही नहीं थी, फिर भी सिस्टम ने जेब काट ली।
टोल प्लाजा पर गाड़ी रुकी है, फास्टैग लगा है, पैसे भी हैं, फिर भी मशीन बीप करती है और आगे से आवाज आती है- केवाईवी अपडेट कराइए। अब इसी झंझट पर एनएचआई ने कैंची चला दी है। नए फास्टैग वालों के लिए वह नियम हटा दिया गया है, जिसने लाखों निजी वाहन चालकों का बीपी बढ़ाया हुआ था।














