मध्य प्रदेश के धार में स्थित भोजशाला में बसंत पंचमी के अवसर पर आज सुबह से मां वाग्देवी का पूजन किया जा रहा है। सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के अनुसार धार की भोजशाला में बसंत पंचमी पर सूर्योदय के साथ ही मां वाग्देवी का पूजन शुरू हो गया है। सुबह वेदारंभ संस्कार के साथ की इसकी शुरुआत हो गई है।
By: Arvind Mishra
Jan 23, 20269:49 AM

मध्य प्रदेश के धार में स्थित भोजशाला में बसंत पंचमी के अवसर पर आज सुबह से मां वाग्देवी का पूजन किया जा रहा है। सूर्योदय के साथ हिंदू पक्ष ने पूजा शुरू की, जबकि दोपहर 1 से 3 बजे तक जुमे की नमाज अदा की जाएगी। आमतौर पर बसंत पंचमी पर पूजा और जुमे के दिन नमाज की ही अनुमति रहती है, लेकिन जब दोनों एक ही दिन पड़ते हैं तो तनाव की स्थिति बनती है। कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए स्थानीय पुलिस के साथ सीआरपीएफ और रैपिड एक्शन फोर्स के 8000 जवान तैनात किए गए हैं। इलाके की निगरानी ड्रोन और एआई तकनीक से की जा रही है। दरअसल, सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के अनुसार धार की भोजशाला में बसंत पंचमी पर सूर्योदय के साथ ही मां वाग्देवी का पूजन शुरू हो गया है। सुबह वेदारंभ संस्कार के साथ की इसकी शुरुआत हो गई है। सुबह से ही हजारों की संख्या में यहां श्रद्धालुओं के पहुंचने का सिलसिला शुरू हो गया। इलाके में चप्पे-चप्पे पर पुलिसबल तैना है। वहीं दोपहर में परिसर में एक बजे से तीन बजे तक मुस्लिम समाज के लोग नमाज अदा करेंगे। सुप्रीम कोर्ट के आदेश में यह स्पष्ट है कि दोनों समुदाय के आयोजन पृथक-पृथक स्थान पर होंगे। पूजा-अर्चना निर्विघ्न होगी। मुस्लिम समाज को अलग स्थान दिया गया है। ऐसे स्थान की तलाश में प्रशासन ने स्वयं सर्वे किया है।

हनुमान जी की मूर्ति की जगह तस्वीर रखी है।
कलेक्टर बोले- भोजशाला में पूजा निर्विघ्न चल रही
धार के कलेक्टर प्रियंक मिश्रा ने कहा कि कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए जो भी प्रबंध किए गए हैं उनमें हर व्यक्ति उत्कृष्ट रूप से अपने काम कर रहा है। भोजशाला में पूजा निर्विघ्न चल रही है। सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों का अक्षरश: पालन किया जा रहा है। कलेक्टर ने नमाज को लेकर कहा कि सर्वोच्च न्यायालय के निर्देश अनुसार व्यवस्था की गई है।

बैठक में दिए गए विकल्प
भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआई) से भी नक्शा लिया है। दोनों पक्षों की बैठक बुलाई गई। हिंदू समाज संतुष्ट है। मुस्लिम समाज से भी चर्चा हुई है। उन्हें विकल्प दिए गए हैं। यदि यह पक्ष राजी नहीं होता है तो प्रशासन फैसला लेगा। कलेक्टर प्रियंक मिश्रा ने स्पष्ट किया कि हिंदू समाज पूर्व परंपरा के अनुसार पूजन करेगा। कलेक्टर के अनुसार, कोर्ट का कहना है कि प्रवेश-निकासी अलग होनी चाहिए। परिसर में और भी जगह है।
दोपहर में होगी धर्म सभा
सुबह साढ़े 10 बजे शहर के लालबाग से भोजशाला तक शोभायात्रा निकाली जाएगी। दोपहर सवा 12 बजे धर्मसभा होगी। इसमें प्रमुख वक्ता के रूप में विश्व हिंदू परिषद (विहिप) के अंतरराष्ट्रीय अध्यक्ष आलोक कुमार और सनातनी अखाड़ा के संयोजक स्वामी स्वदेशानंद गिरी महाराज शामिल रहेंगे। दोपहर एक बजकर 15 मिनट पर महाआरती होगी।

पुलिस-प्रशासन की सुरक्षा व्यवस्था
आठ हजार पुलिसकर्मी जिले में तैनात किए गए हैं। इनमें 1000 से अधिक महिला पुलिसकर्मी हैं। 13 आईपीएस अधिकारी सुरक्षा की कमान संभाल रहे हैं। 25 एएसपी स्तर के अधिकारी तैनात किए गए हैं। 107 नगर निरीक्षक व उप निरीक्षक, 393 अन्य अधिकारी-कर्मचारी ड्यूटी पर लगाए गए हैं। भोजशाला के आसपास 300 मीटर का सुरक्षा घेरा बनाया गया है।
आधुनिक तकनीकों का उपयोग
1000 सीसीटीवी कैमरे शहर और भोजशाला परिसर में लगाए हैं। 20 ड्रोन कैमरों और एआई तकनीक से निगरानी की जा रही है। 350 से अधिक पुलिस कर्मियों को भोजशाला के भीतर और 100 पुलिस कर्मियों को छत पर तैनात किया गया है। थ्रीडी मैपिंग सहित आधुनिक तकनीकों का उपयोग किया गया है।