धार भोजशाला मामले में कमाल मौलाना वेलफेयर सोसायटी ने सुप्रीम कोर्ट में विशेष आवेदन दायर किया है। मुस्लिम पक्ष ने इंदौर हाईकोर्ट की सुनवाई पर असंतुष्टि जताते हुए ASI सर्वे और याचिका की वैधता पर सवाल उठाए हैं।
धार भोजशाला विवाद में मुस्लिम पक्ष ने ASI की सर्वे रिपोर्ट को गलत बताते हुए नई याचिका की तैयारी की है। जानें कमाल मौला मस्जिद और राजा भोज महल के अवशेषों से जुड़े ऐतिहासिक दावे।
धार भोजशाला मामले में इंदौर हाईकोर्ट ने ASI की 2100 पन्नों की सर्वे रिपोर्ट पर सभी पक्षों से 2 सप्ताह में आपत्तियां मांगी हैं। अगली सुनवाई 16 मार्च को होगी। पूरी जानकारी यहाँ पढ़ें।
धार की ऐतिहासिक भोजशाला मामले में ASI की 98-दिवसीय वैज्ञानिक सर्वे रिपोर्ट आज इंदौर हाईकोर्ट में पेश होगी। जानें सुप्रीम कोर्ट के निर्देश और पूजा-नमाज की वर्तमान व्यवस्था पर इसका प्रभाव।
मध्य प्रदेश के धार में स्थित भोजशाला में बसंत पंचमी के अवसर पर आज सुबह से मां वाग्देवी का पूजन किया जा रहा है। सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के अनुसार धार की भोजशाला में बसंत पंचमी पर सूर्योदय के साथ ही मां वाग्देवी का पूजन शुरू हो गया है। सुबह वेदारंभ संस्कार के साथ की इसकी शुरुआत हो गई है।
धार (MP) की भोजशाला में वसंत पंचमी पर पूजा के अधिकार को लेकर सुप्रीम कोर्ट में नई याचिका। अधिवक्ता विष्णु शंकर जैन ने ASI के 2003 के आदेश को चुनौती देते हुए हस्तक्षेप की मांग की।
मध्यप्रदेश के धार जिले की भोजशाला की मुक्ति और उसके गौरव की पुनर्स्थापना के लिए हिंदू समाज संकल्पित है। 23 जनवरी को बसंत पंचमी पर्व मनाया जाना है। ऐसे में महज दो मंगलवार ही शेष हैं और दो ही सत्याग्रह होना है। इसके बाद 23 जनवरी को बसंत पंचमी पर मां वाग्देवी का जन्मोत्सव भक्तिभाव से मनाया जाएगा।
मध्य प्रदेश में स्थित धार के प्राचीन भोजशाला में मंगलवार सुबह एक बार फिर हंगामे की स्थिति बन गई, जब पूर्व की तरह हिंदू समाज दर्शन-पूजन और हनुमान चालीसा पाठ करने पहुंचा। इस दौरान पुरातत्व विभाग ने हिंदू समाज द्वारा ले जाए जा रहे मां वाग्देवी के तेल चित्र को जब्त कर लिया ।


















