अमेरिकी राष्ट्रपति का विमान एयर फोर्स वन स्विट्जरलैंड के लिए रवाना होने के एक घंटे बाद जॉइंट बेस एंड्रयूज लौट आया। उड़ान भरने के बाद विमान में विद्युत तकनीकी समस्या सामने आई, जिसके बाद एहतियातन वापस लौटने का फैसला लिया गया।
By: Arvind Mishra
Jan 21, 202610:36 AM
नई दिल्ली। स्टार समाचार वेब
अमेरिकी राष्ट्रपति का विमान एयर फोर्स वन स्विट्जरलैंड के लिए रवाना होने के एक घंटे बाद जॉइंट बेस एंड्रयूज लौट आया। उड़ान भरने के बाद विमान में विद्युत तकनीकी समस्या सामने आई, जिसके बाद एहतियातन वापस लौटने का फैसला लिया गया। दरअसल, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप का विमान एयर फोर्स वन मंगलवार शाम स्विट्जरलैंड के लिए उड़ान भरने के बाद जॉइंट बेस एंड्रयूज लौट गए हैं। व्हाइट हाउस की प्रेस सेक्रेटरी कैरोलिन लीविट ने कहा-लौटने का फैसला टेकआॅफ के बाद लिया गया जब एयर फोर्स वन में मौजूद क्रू ने एक मामूली इलेक्ट्रिकल दिक्कत का पता लगाया और सावधानी बरतते हुए वापस लौटने का फैसला किया। ट्रंप लौटने के बाद दूसरे विमान में सवार होंगे और दावोस में वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम की अपनी यात्रा जारी रखेंगे।
बैकअप विमान से भरी उड़ान
मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, टेकआफ के कुछ देर बाद प्रेस केबिन की लाइट्स कुछ समय के लिए बंद हो गई थीं। उस वक्त कोई आधिकारिक कारण नहीं बताया गया। उड़ान के आधे घंटे बाद सूचित किया गया कि विमान वापस लौट रहा है। एयर फोर्स वन विमान सुरक्षित रूप से वॉशिंगटन डीसी क्षेत्र में उतार लिया गया। इसके बाद राष्ट्रपति के दल ने बैकअप विमान से स्विट्जरलैंड के दावोस के लिए उड़ान भरी।
इसलिए जा रहे थे दावोस
दावोस में वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम का 56वां वार्षिक सम्मेलन चल रहा है। यह बैठक 19 जनवरी से 23 जनवरी तक हो रही है। यह बैठक हर साल जनवरी में दावोस में होती है। इस साल का थीम संवाद की भावना है। इस सम्मेलन में 3,000 प्रतिभागी 130+ देशों से शामिल हैं और 60+ हेड्स आफ स्टेट-गवर्नमेंट लीडर्स मौजूद हैं। यह सम्मेलन वैश्विक सहयोग, ट्रस्ट बिल्डिंग और समस्याओं के समाधान पर फोकस्ड है।
ट्रंप की पहली प्रत्यक्ष उपस्थिति
यह राष्ट्रपति ट्रंप की दोबारा पद संभालने के बाद वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम में पहली प्रत्यक्ष उपस्थिति है। ट्रंप आज अमेरिकी नीतियों पर बोलने वाले हैं। रवाना होने से पहले उन्होंने पत्रकारों से बातचीत में कम गैस कीमतों और मजबूत अर्थव्यवस्था का जिक्र किया। एयर फोर्स वन के रूप में इस्तेमाल हो रहे दोनों विमान करीब चार दशक पुराने हैं। बोइंग इनके नए संस्करण तैयार कर रहा है, लेकिन यह परियोजना लगातार देरी का सामना कर रही है।