जमीन के बदले नौकरी घोटाला केस में बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री लालू प्रसाद यादव और उनके परिवार को दिल्ली की अदालत से बड़ा झटका लगा है। कोर्ट ने उनके खिलाफ आरोप तय करने का आदेश देते हुए कहा-प्रथम दृष्टया यह परिवार एक क्रिमिनल एंटरप्राइज की तरह काम कर रहा था।
By: Arvind Mishra
Jan 09, 202611:51 AM
नई दिल्ली। स्टार समाचार वेब
जमीन के बदले नौकरी घोटाला केस में बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री लालू प्रसाद यादव और उनके परिवार को दिल्ली की अदालत से बड़ा झटका लगा है। कोर्ट ने उनके खिलाफ आरोप तय करने का आदेश देते हुए कहा-प्रथम दृष्टया यह परिवार एक क्रिमिनल एंटरप्राइज की तरह काम कर रहा था। दरअसल, जमीन के बदले नौकरी केस में आरजेडी प्रमुख और पूर्व रेल मंत्री लालू प्रसाद यादव के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत आरोप तय कर दिए हैं। इसके साथ ही भारतीय दंड संहिता की अन्य धाराओं में भी उन पर मुकदमा चलेगा।
कोर्ट को मिले पर्याप्त सबूत
अदालत ने लालू यादव के परिवार के सदस्यों राबड़ी देवी, तेजस्वी यादव, मीसा भारती और हेमा यादव के खिलाफ धोखाधड़ी और आपराधिक साजिश के आरोप तय किए हैं। राऊज एवेन्यू स्थित विशेष न्यायाधीश विशाल गोगने की अदालत ने आरोप तय किए हैं। कोर्ट ने माना कि प्रथम दृष्टया आरोपितों के खिलाफ मुकदमा चलाने के लिए पर्याप्त सामग्री मौजूद है।
ये एक आपराधिक सिंडिकेट
अदालत ने अपने आदेश में कहा-यह मामला केवल अलग-अलग लेनदेन का नहीं, बल्कि एक संगठित आपराधिक गतिविधि का है। कोर्ट ने टिप्पणी करते हुए कहा-लालू यादव और उनके परिवार के सदस्यों ने एक आपराधिक सिंडिकेट की तरह काम किया। उनकी ओर से एक व्यापक आपराधिक साजिश रची गई। अदालत के अनुसार, आरोपितों की भूमिकाएं आपस में जुड़ी हुई थीं। सभी ने अपराध को अंजाम देने में साझा उद्देश्य के तहत कार्य किया।
सबूत के अभाव में 52 आरोपी बरी
अदालत ने कहा कि इस केस में सरकारी संवैधानिक अधिकारों और विवेक का दुरुपयोग हुआ है। कोर्ट ने 41 लोगों के खिलाफ आरोप तय किए। भ्रष्टाचार निरोधक अधिनियम की धारा 13(1)(डी) के साथ 13(2) के तहत भी चलेगा मुकदमा। इस मामले में कोर्ट ने 52 आरोपियों को बरी करने का आदेश सुनाया। चार्जशीट के मुताबिक इनके खिलाफ पुख्ता सबूत नहीं मिले।
जांच एजेंसियों का दुरुपयोग
लालू परिवार के ऊपर आरोप तय होने के बाद आरजेडी की पहली प्रतिक्रिया आई है। आरजेडी प्रवक्ता मृत्युंजय तिवारी ने कहा-जो लोग लालू परिवार से राजनीतिक लड़ाई नहीं लड़ पा रहे हैं, वो लालू परिवार के खिलाफ जांच एजेंसियों का इस्तेमाल कर रहे हैं। कोर्ट ने आरोप तय किए हैं। इस पूरी लड़ाई का कानूनी प्रक्रिया के तहत जवाब दिया जाएगा। जांच एजेंसियों का दुरुपयोग किया जा रहा है।