मध्यप्रदेश में एक बार फिर सरकार प्रशासनिक सर्जरी करने जा रही है। इस बार जिलों से लेकर मंत्रालय तक बदलाव किया जाएगा। वहीं फील्ड में नहीं जाने वाले अफसरों को लूपलाइन में डालने की भी तैयारी है। सीएम डॉ. मोहन यादव पहले ही स्पष्ट कर चुके हैं कि जो फील्ड में जाकर काम नहीं करेगा, वो जिलों नहीं मंत्रालय में बैठेगा।
By: Arvind Mishra
Mar 27, 202610:56 AM
भोपाल। स्टार समाचार वेब
मध्यप्रदेश में एक बार फिर सरकार प्रशासनिक सर्जरी करने जा रही है। इस बार जिलों से लेकर मंत्रालय तक बदलाव किया जाएगा। वहीं फील्ड में नहीं जाने वाले अफसरों को लूपलाइन में डालने की भी तैयारी है। सीएम डॉ. मोहन यादव पहले ही स्पष्ट कर चुके हैं कि जो फील्ड में जाकर काम नहीं करेगा, वो जिलों नहीं मंत्रालय में बैठेगा। दरअसल, प्रदेश में आईएएस और आईपीएस अधिकारियों के तबादले प्रस्तावित हैं। भोपाल, शिवपुरी, रीवा, धार, नर्मदापुरम, दमोह सहित कुछ अन्य जिलों के कलेक्टर बदले जा सकते हैं। इसे लेकर तैयारी भी हो चुकी है। नए वित्तीय वर्ष यानी एक अप्रैल के बाद ये तबादले होंगे।
भोपाल कलेक्टर को मिलेगा सचिव का पद
वित्तीय वर्ष 2025-26 की समाप्ति को देखते हुए रोका गया है ताकि बजट के उपयोग और राजस्व प्राप्ति के जो वित्तीय लक्ष्य निर्धारित हैं, वे प्रभावित न हों। मुख्यमंत्री कार्यालय के अधिकारियों का कहना है कि एक जनवरी को पदोन्नत किया गया है। भोपाल कलेक्टर कौशलेंद्र विक्रम सिंह सचिव पद पर पदोन्नत हो चुके हैं। उन्हें मंत्रालय में महत्वपूर्ण जिम्मेदारी दी जा सकती है।
मंत्रालय में होगा व्यपक बदलाव
वहीं, कुछ अधिकारियों को तीन तो कुछ को दो-ढाई वर्ष एक जगह पर पदस्थ रहते हो चुके हैं। इनकी जगह दूसरे अधिकारी भेजने की तैयारी है। मंत्रालय में भी कुछ अधिकारियों के दायित्व में परिवर्तन संभव है। इनमें अपर मुख्य सचिव, प्रमुख सचिव और सचिव स्तर के अधिकारी शामिल हैं।
पदस्थापना में परिवर्तन
उधर, पुलिस मुख्यालय ने भी मैदानी स्तर पर अधिकारियों की पदस्थापना में परिवर्तन का प्रस्ताव तैयार किया है। इसमें वे अधिकारी भी शामिल हैं, जो अभी एसपी हैं और उन्हें उप पुलिस महानिरीक्षक पद पर पदोन्नत किया गया है।