अयोध्या ने आज एक और ऐतिहासिक क्षण का साक्षी बनकर दुनिया का ध्यान अपनी ओर खींच लिया। शुभ मुहूर्त में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और संघ प्रमुख मोहन भागवत ने राम मंदिर के मुख्य शिखर पर धर्मध्वज फहराया। जैसे ही केसरिया ध्वज पवन के संग लहराया, पूरा परिसर जय श्री राम के उद्घोष से गूंज उठा।

पीएम मोदी ने सप्त मंदिर में पूजा अर्चना की और इसके बाद राम मंदिर पहुंचे।

अयोध्या। स्टार समाचार वेब
अयोध्या ने आज एक और ऐतिहासिक क्षण का साक्षी बनकर दुनिया का ध्यान अपनी ओर खींच लिया। शुभ मुहूर्त में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और संघ प्रमुख मोहन भागवत ने राम मंदिर के मुख्य शिखर पर धर्मध्वज फहराया। जैसे ही केसरिया ध्वज पवन के संग लहराया, पूरा परिसर जय श्री राम के उद्घोष से गूंज उठा। क्षण भर में वातावरण आध्यात्मिक ऊर्जा से भर गया और श्रद्धालुओं की भावनाएं उमंग में बदल गईं। धर्मध्वज फहराने से पहले वैदिक मंत्रोच्चार के बीच व्यापक पूजन-अर्चन सम्पन्न हुआ। यज्ञकुंडों से उठती आहुतियों की सुगंध और नगाड़ों की गूंज ने समारोह को भव्यता प्रदान की। पीएम ने ध्वजारोहण कर राष्ट्र को सनातन परंपरा की अखंडता, आस्था और सांस्कृतिक स्वाभिमान का संदेश दिया।

पीएम मोदी ने इस मौके पर मौजूद लोगों को संबोधित करते हुए कहा कि आज अयोध्या नगरी भारत की सांस्कृतिक चेतना के एक और पल की साक्षी बन रही है। आज संपूर्ण भारत, संपूर्ण विश्व राममय है। आज रामभक्तों के दिल में असीम आनंद है। सदियों के घाव भर रहे हैं। सदियों का संकल्प आज सिद्धि को प्राप्त हो रहा है। आज उस यज्ञ की पूणार्हूति है, जिसकी अग्नि पांच सौ वर्ष तक प्रज्ज्वलित रही। आज भगवान श्रीराम के गर्भगृह की अनंत ऊर्जा प्रतिष्ठापित हुआ। यह धर्मध्वज इतिहास के सुंदर जागरण का रंग है। इसका भगवा रंग, इस पर लगी सूर्यवंश की थाती रामराज की कीर्ति को। यह ध्वज संकल्प है, यह संकल्प से सिद्धि की भाषा है, यह सदियों के संघर्ष की सिद्धि है, सदियों के सपने का साकार स्वरूप है, राम के आदर्शों का उद्घोष है। संतों की साधना और समाज की सहभागिता की गाथा है। यह धर्मध्वज प्रभु श्रीराम के आदर्शों का उद्घोष करेगा, सत्यमेव जयते का उद्घोष करेगा। यह ध्वज प्राण जाए पर वचन न जाई की प्रेरणा है।
मानसिक गुलामी से मुक्ति दिलाकर रहेंगे
पीएम ने कहा-धर्म ध्वजा पर कोविदार वृक्ष। जब भरत अपनी सेना के साथ चित्रकूट पहुंचे, तब लक्ष्मण ने दूर से ही अयोध्या की सेना को पहचान लिया। इसका वर्णन वाल्मीकि जी ने किया। वह कहते हैं कि जो सामने ध्वज दिख रहा है वह अयोध्या का धर्म ध्वज है, जिस पर कोविदार वृक्ष अंकित है। यह वृक्ष अपने को याद दिलाता है कि जब हम इसे भूलते हैं, तब अपनी पहचान खो देते हैं। आज से 190 साल पहले 1835 में मैकाले नाम के एक अंग्रेज ने भारत में मानसिक गुलामी की नींव रखी। आने वाले 10 वर्षों में उसके 200 साल होने वाले हैं। हमने संकल्प लिया है कि आने वाले 10 वर्षों में हम मानसिक गुलामी की मानसिकता से मुक्ति दिलाकर रहेगें।
भारतवर्ष के कण कण में भगवान राम
पीएम ने कहा कि अभी गुलामी की इस मानसिकता ने डेरा डाला हुआ है। हमने नौसेना के ध्वज से गुलामी की मानसिकता को हटाया। ये गुलामी की मानसिकता ही है, जिसने राम को नकारा है। भारतवर्ष के कण कण में भगवान राम हैं। लेकिन, मानसिक गुलामी ने राम को भी काल्पनिक बता दिया। आने वाले एक हजार वर्ष के लिए भारत की नींव तभी मजबूत होगी, जब आने वाले 10 साल में हम मैकाले की गुलामी से छुटकारा पा लेंगे। 21वीं सदी की अयोध्या विकसित भारत् का मेरुदंड बनकर उभर रही है।
हमें अपने अंदर राम को जगाना होगा
पीएम ने कहा-हमें वर्तमान के साथ साथ भावी पीढ़ियों के बारे में भी सोचना है। हमें दूरदृष्टि के साथ काम करना होगा। क्योंकि जब हम नहीं थे, यह देश तब भी था, जब हम नहीं होंगे यह देश तब भी होगा। इसके लिए राम को देखना होगा। राम यानी जनता के सुख को सर्वोपरि रखना होगा। राम यानि विवेक की पराकाष्ठा। राम यानि कोमलता में दृढ़ता। राम यानि श्रेष्ठ संगति का चयन। राम यानि विनम्रता में । राम यानि सत्य का अडिग संकल्प। राम सिर्फ एख व्यक्ति नहीं एक व्यक्ति नहीं, एक मर्यादा है, एक दिशा है। यदि समाज के सामर्थ्वान बनाना है, तो हमें अपने अंदर राम को जगाना होगा। इस संकल्प के लिए आज से बेहतर दिन क्या होगा।
संघ प्रमुख मोहन भागवत ने कहा-इस दिन के लिए कितने राम भक्तों ने अपने प्राण अर्पण किए। मंदिर बनने में भी समय लगता है। यह धर्म ध्वज है। इसका भगवा रंग है। इस धर्मध्वज पर रघुकूल का प्रतीक कोविदार वृक्ष है। कोविदार वृक्ष दो देव वृक्षों के गुणों का समुच्चय है। धर्मध्वज को शिखर तक पहुंचाना है। आज हमारे संकल्प की पुनरावृत्ति का दिवस है। सबको शांति बांटने वाला, सुफल देने वाला भारतवर्ष हमें खड़ा करना है। जैसा सपना देखा था कुछ लोगों ने, बिल्कुल वैसा, उससे भी अधिक शुभकर यह मंदिर बन गया है।
यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ ने राम मंदिर पर धर्मध्वज के आरोहरण को नए युग का शुभारंभ बताया और कहा कि यह भव्य मंदिर 140 करोड़ भारतीयों की आस्था का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि राम मंदिर पर लहराता यह केसरिया ध्वज धर्म का, भारत की संकल्पना का प्रतीक भी है। संकल्प का कोई विकल्प नहीं। योगी ने लाठी-गोली खाएंगे, मंदिर वहीं बनाएंगे नारे का भी उल्लेख किया और कहा कि भगवान राम की पावन नगरी एक नए दौर में प्रवेश कर चुकी है। हर प्रकार की सुविधा आज अयोध्या धाम में है। उन्होंने अयोध्या में हुए विकास के काम भी गिनाए और जय जय श्रीराम के नारे के साथ अपनी बात पूरी की।
इस अवसर पर देश-दुनिया से आए संत-महंत, विशिष्ट अतिथि और हजारों श्रद्धालु मौजूद रहे। सुरक्षा के कड़े इंतजामों के बीच राम नगरी उत्सव के रंग में डूबी रही। मंदिर परिसर से लेकर सरयू तट तक हर ओर दीप, पुष्प और रंगोलियों से सजा माहौल इस ऐतिहासिक उत्सव का साक्षात अनुभव करा रहा था। चार से पांच मिनट के संक्षिप्त ध्वजारोहण अनुष्ठान में वैदिक मंत्रोच्चार के बीच प्रधानमंत्री-संघ प्रमुख ने बटन दबाकर ध्वज फहराया। सात हजार अतिथि समारोह के साक्षी बने। जिनमें राज्यपाल आनंदीबेन पटेल, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, धर्मगुरु, व्यापार जगत के प्रमुख नाम, दलित, वंचित, किन्नर और अघोरी समुदाय के प्रतिनिधि शामिल रहे।
राम मंदिर के 161 फीट ऊंचे दंड पर सोना मढ़ा गया है। 21 किग्रा सोना, इस दंड पर लग रहा है। इस काम को मुंबई से आए कारीगरों ने पूरा किया है। पांच अगस्त, 2020 को जिस भूमि तल पर पीएम नरेंद्र मोदी ने भूमि पूजन किया था, शिखर के नाभि दंड का निर्माण उसी स्थल पर किया गया है। यह भूमि पूजन भूमि की सतह से करीब 50 फीट नीचे किया गया था। वर्तमान में इसकी ऊंचाई शिखर तक है, जो कि सतह से 161 फीट ऊंचा है। इस तरह नाभि दंड की कुल ऊंचाई 211 फिट है।


जबलपुर हाईकोर्ट का ऐतिहासिक फैसला, सरकारी कर्मचारियों को मिलेगा 100% वेतन और एरियर्स

जैतवारा से लेकर बारामाफी तक आक्रोश

खरमास 2025-2026: कब से कब तक रहेगा, जानें शुभ कार्यों की मनाही का कारण

ऑपरेशन सिंदूर...मुझे एक तस्वीर दिखा दो...जिसमें भारत का एक गिलास भी नहीं टूटा हो

लागू होंगे नए अवकाश नियम: CCL में वेतन कटौती, EL को 'अधिकार' नहीं मानेगा MP वित्त विभाग

MP College Admission 2026: ई-प्रवेश दूसरे चरण की अलॉटमेंट लिस्ट जारी, 13 जून तक जमा करें फीस

सुरक्षित और नेचुरल तरीके से बाल करना है काले तो अपनाएं ये उपाय

बची हुई चाय को दोबारा गर्म करके पीने क्या होगा, जानें इसके बारे में?

अगर 40 की उम्र कर ली है पार और रहना चाहते हैं तंदरुस्त तो अपनाएं ये आदतें

ठंडा पानी पीने और मीठा खाने पर दांतों में होती है झनझनाहट तो हो जाएं सावधान, नहीं तो हो सकती है बड़ी समस्या

ठंड में बढ़ जाती है डिहाइड्रेशन की समस्या, जानें क्या है कारण ?

तनाव से चाहिए है छुटकारा तो इन चीजों से करें तौबा, अपनाएं ये सलाह
केंद्रीय मंत्रिमंडल ने PM-किसान योजना को 2030-31 तक बढ़ाने की मंजूरी दे दी है। इस योजना के तहत किसानों को सालाना ₹6,000 की आर्थिक मदद मिलती है। जानिए पूरी विस्तार से जानकारी।
उत्तर-पूर्वी दिल्ली दंगे 2020 में IB अधिकारी अंकित शर्मा की हत्या के मामले में कड़कड़डूमा कोर्ट ने पूर्व आप पार्षद ताहिर हुसैन और अन्य को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है।
चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग सितंबर में ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के लिए भारत आ सकते हैं. 2020 गलवान झड़प के बाद यह उनका पहला दौरा होगा. जानिए इससे जुड़े कूटनीतिक मायने.
लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी सहित कई अन्य विपक्षी सांसदों ने उस दानपेटी में सांकेतिक रूप से चंदा भी डाला। प्रदर्शन में शामिल कुछ सांसदों ने पप्पू यादव के पैर छूकर आशीर्वाद भी लिया।
बांग्लादेश की मशहूर राइटर तसलीमा नसरीन करीब 19 साल बाद कोलकाता लौटी हैं। कोलकाता पहुंचने के बाद तसलीमा नसरीन ने कहा कि उनके लिए यह सिर्फ एक शहर नहीं, बल्कि घर लौटने जैसा है। उन्होंने कहा-मुझे ऐसा लग रहा है जैसे मैं अपने ही देश लौट रही हूं।
देश के स्कूली छात्रों में नशे की बढ़ती प्रवृत्ति को लेकर एक चिंताजनक खुलासा हुआ है। भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद (आईसीएमआर) की फंडिंग से किए गए और प्रसिद्ध मेडिकल जर्नल द लैंसेट में प्रकाशित एक नए अध्ययन के अनुसार, देश में हर 5 में से 1 से अधिक (लगभग 20 फीसदी) स्कूली छात्र भविष्य में नशे की लत के जोखिम में हैं।
बिहार के भोजपुर जिले के बिलौटी में हुए चर्चित भरत भूषण तिवारी एनकाउंटर केस में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। घटना के दौरान गोली चलाने के आरोपी एसटीएफ जवान अक्षय कुमार को गुरुवार देर रात गिरफ्तार कर लिया गया। तकनीकी अनुसंधान और मोबाइल सर्विलांस की मदद से पटना एसटीएफ के सहयोग से यह गिरफ्तारी संभव हो सकी।
मुंबई के भिवंडी में एक 4 मंजिला रिहायशी इमारत गिर गई। इस हादसे में सात लोगों की मौत हो गई है। वहीं छह से सात लोग मलबे के नीचे दबे होने की आशंका है। मरम्मत के दौरान पिलर टूटने से इमारत की नींव कमजोर हो गई थी, जिसकी वजह से ये हादसा हुआ। राष्ट्रीय आपदा मोचन बल, पुलिस और दमकल विभाग बचाव कार्य में जुट गए हैं।
सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी ने लोकसभा में स्पष्ट किया है कि E20 (20% एथेनॉल मिश्रित) पेट्रोल से वाहनों के इंजन को कोई नुकसान नहीं पहुंचा है। जानिए पूरी रिपोर्ट और टेस्टिंग प्रक्रिया।
सुप्रीम कोर्ट ने मध्य प्रदेश के धार स्थित भोजशाला/कमल मौला परिसर मामले में अहम आदेश दिया है। अदालत ने मुस्लिम समुदाय को शुक्रवार की नमाज के लिए खसरा नंबर 596 पर व्यवस्था करने को कहा है।