सुप्रीम कोर्ट ने बसंत पंचमी के दिन धार में विवादित भोजशाला में सूर्योदय से सूर्यास्त तक हिंदुओं को प्रार्थना करने की अनुमति दी है। बसंत पंचमी इस साल शुक्रवार के दिन पड़ रही है और शुक्रवार को मुस्लिम समाज के लोग धार भोजशाला में जुमे की नमाज पढ़ते हैं। यही वजह है कि ये मामला सुप्रीम कोर्ट पहुंच गया था।
By: Arvind Mishra
Jan 22, 202612:59 PM

भोपाल/नई दिल्ली। स्टार समाचार वेब
सुप्रीम कोर्ट ने बसंत पंचमी के दिन धार में विवादित भोजशाला में सूर्योदय से सूर्यास्त तक हिंदुओं को प्रार्थना करने की अनुमति दी है। बसंत पंचमी इस साल शुक्रवार के दिन पड़ रही है और शुक्रवार को मुस्लिम समाज के लोग धार भोजशाला में जुमे की नमाज पढ़ते हैं। यही वजह है कि ये मामला सुप्रीम कोर्ट पहुंच गया था। दरअसल, मध्य प्रदेश के धार जिले में स्थित ऐतिहासिक भोजशाला को लेकर लंबे वक्त से चले आ रहे विवाद में एक नई याचिका पर आज यानी गुरुवार को सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई करते हुए ऐतिहासिक फैसला सुनाया है। अदालत ने बसंत पंचमी पर भोजशाला में सरस्वती पूजा के साथ-साथ नमाज पढ़ने की मंजूरी दी है। इस याचिका में हिंदू पक्ष ने बसंत पंचमी (23 जनवरी, शुक्रवार) को भोजशाला में केवल हिंदुओं को मां सरस्वती की पूजा-अर्चना की अनुमति देने और मुस्लिम समुदाय को नमाज अदा करने से रोकने की मांग की थी। वहीं, सुनवाई के दौरान अदालत ने दोनों पक्षों के बीच समन्वय स्थापित करने पर जोर दिया, ताकि धार्मिक भावनाओं का सम्मान हो सके। हिंदू फ्रंट फॉर जस्टिस की ओर से दायर की गई याचिका पर सीजेआई सूर्यकांत, जस्टिस जॉयमाल्या बागची और जस्टिस विपुल एम पंचोली की बेंच सुनवाई की। इस याचिका में हिंदू संगठन ने भोजशाला को हिंदू मंदिर मानते हुए सरस्वती पूजा के लिए विशेष अनुमति मांगी।
तीन बार बसंत पंचमी शुक्रवार को पड़ी
कोर्ट में सुनवाई के दौरान मध्य प्रदेश सरकार की ओर से पेश अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल ने कहा-मुख्य याचिका पहले ही अप्रभावी हो चुकी है और ये आवेदन एक लंबित मामले में दायर किया गया है। उन्होंने अदालत को बताया कि पहले की व्यवस्थाओं के अनुसार कानून-व्यवस्था के इंतजाम किए जा सकते हैं। दूसरी ओर मस्जिद कमेटी की ओर से वरिष्ठ वकील सलमान खुर्शीद ने दलील दी कि पहले भी तीन बार बसंत पंचमी शुक्रवार को पड़ी है। भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण ने हिंदू पक्ष को तीन घंटे तक पूजा की अनुमति दी है।
पूजा का मुहूर्त 1 बजे तक
उन्होंने कहा-ऐसा ही दोबारा होने दिया जाए। जुमा की नमाज दोपहर एक से तीन बजे तक होती है। हम 3 बजे तक जगह खाली कर देंगे। हम न्यूनतम समय मांग रहे हैं और खुशी से समायोजन करने को तैयार हैं। पूजा बाहर भी जारी रह सकती है। एएसआई की ओर से पेश वकील ने बताया कि पूजा का मुहूर्त दोपहर 1 बजे तक है और वे हिंदू पक्ष को अनुमति दे सकते हैं। हालांकि, याचिकाकर्ता के वकील विष्णु शंकर जैन ने जोर देकर कहा कि पूजा-अनुष्ठान सूर्योदय से सूर्यास्त तक होना चाहिए। उन्होंने सुझाव दिया कि यदि नमाज शाम 5 बजे कर ली जाए तो हिंदू पक्ष पूजा पूरी कर 5 बजे जगह खाली कर देगा।
सुरक्षा के कड़े इंतजाम
सुप्रीम कोर्ट में धार भोजशाला विवाद पर सुनवाई के चलते धार में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं। धार में आठ हजार से ज्यादा पुलिसकर्मी तैनात किए गए हैं। सीसीटीवी कैमरों से लगातार निगरानी रखी जा रही है। पुलिस द्वारा लगातार विभिन्न इलाकों में पेट्रोलिंग की जा रही है। धार भोजशाला में भी सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं। वॉच टावर के साथ ही पुलिस चौकी भी बनाई गई है और पुलिस द्वारा संवेदनशील इलाकों में गश्त की जा रही है।
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