पूर्व मुख्यमंत्री और भाजपा की वरिष्ठ नेत्री उमा भारती ने मध्यप्रदेश सरकार पर सवाल खड़े कर दिए हैं। उमा भारती ने एक्स पर पोस्ट किया है। उमा भारती ने लिखा- साल 2025 के अंत में इंदौर में गंदे पानी पीने से हुई मौतें पूरे प्रदेश, सरकार और व्यवस्था के लिए शर्मनाक और कलंकित करने वाली हैं।
By: Arvind Mishra
Jan 02, 20261:33 PM
भोपाल। स्टार समाचार वेब
मध्य प्रदेश ही नहीं, पूरे देश का सबसे स्वच्छ शहर कहे जाने वाले इंदौर में दूषित पानी से करीब 9 लोगों की जान चली गई है। 9 की मौत का आंकड़ा आधिकारिक है, लेकिन भाजपा पार्षद कमल वाघेला ने 15 लोगों की मौत का दावा किया है। वहीं, इस गंभीर मामले में पूर्व मुख्यमंत्री और भाजपा की वरिष्ठ नेत्री उमा भारती ने मध्यप्रदेश सरकार पर सवाल खड़े कर दिए हैं। उमा भारती ने एक्स पर पोस्ट किया है। उमा भारती ने लिखा- साल 2025 के अंत में इंदौर में गंदे पानी पीने से हुई मौतें पूरे प्रदेश, सरकार और व्यवस्था के लिए शर्मनाक और कलंकित करने वाली हैं। प्रदेश के सबसे स्वच्छ शहर का अवार्ड प्राप्त करने वाले नगर में इतनी बदसूरती और गंदगी होना और जहर मिला पानी पीकर कितनी जिंदगियां खत्म हो गईं और अब भी मौत का आंकड़ा बढ़ रहा है, यह स्वीकार्य नहीं है।

पीड़ितजनों से मांगनी होगी माफी
उमा भारती ने आगे लिखा- जिंदगी की कीमत दो लाख रुपए नहीं होती, क्योंकि मृतकों के परिजन जीवन भर दुख में डूबे रहते हैं। इस पाप का घोर प्रायश्चित करना होगा। पीड़ितजनों से माफी मांगनी होगी और नीचे से लेकर ऊपर तक जो भी अपराधी हैं, उन्हें अधिकतम दंड दिया जाना चाहिए।
पद छोड़कर जनता के बीच क्यों नहीं पहुंचे
भाजपा नेत्री उमा भारती ने सीएम डॉ. मोहन यादव को भी घेरते हुए कहा-यह उनकी परीक्षा की घड़ी है। जब आपकी नहीं चली तो आप पद पर बैठे हुए बिसलेरी का पानी क्यों पीते रहे। पद छोड़कर जनता के बीच क्यों नहीं पहुंचे। उन्होंने कहा कि ऐसे पापों का कोई स्पष्टीकरण नहीं होता या तो प्रायश्चित या दंड।
जीतू पटवारी ने उठाए सवाल
इधर, मध्य प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने इंदौर के भागीरथपुरा में दूषित पानी के मामले पर कहा-इंदौर में ये जहरीले पानी पीने से 15 लोगों की मौत होना अगर इसके लिए दोषी किसी को ठहराया जाए तो स्वाभाविक है कि सत्ता अहंकार और भ्रष्टाचार सबसे घातक हथियार है। ये हत्याएं हुई हैं। कल कैलाश विजयवर्गीय ने कहा कि अधिकारियों में और महापौर में समन्वय की कमी है और मोहन यादव जी ने भी कहा कि अधिकारियों की कमी है हम ज्यादा लोग भेजने वाले हैं। भाजपा अधिकारियों के माथे पर अपने भ्रष्टाचार को छुपाना चाहती है। मैं आपसे कहना चाहता हूं अधिकारी भी भ्रष्टाचार के हिस्सेदार हैं..ये अधिकारियों का टारगेट कर रहे तो ये अपने पाप को छुपा रहे हैं। विजयवर्गीय का इस्तीफा होना चाहिए और महापौर पर एफआईआर होना चाहिए। जो अधिकारी इसमें शामिल हैं उस पर एफआईआर होना चाहिए।