भारतीय सेना प्रमुख जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने वार्षिक प्रेस कॉन्फ्रेंस में पाकिस्तान और चीन को कड़ा संदेश दिया। उन्होंने बताया कि 'ऑपरेशन सिंदूर' ने आतंक के ढांचे को तोड़ा है और भारत किसी भी दुस्साहस का जवाब देने को तैयार है।
By: Ajay Tiwari
Jan 13, 20261:56 PM
नई दिल्ली। स्टार समाचार वेब
भारतीय सेना प्रमुख जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने मंगलवार को अपनी वार्षिक प्रेस कॉन्फ्रेंस में पाकिस्तान को दोटूक चेतावनी देते हुए कहा कि 'ऑपरेशन सिंदूर' अभी भी प्रभावी है। उन्होंने स्पष्ट किया कि सीमा पार अभी भी 8 आतंकी कैंप सक्रिय हैं, जिन पर भारत की पैनी नजर है। जनरल द्विवेदी ने कहा कि अगर पाकिस्तान ने भविष्य में कोई भी दुस्साहस किया, तो भारतीय सेना उसका ऐसा मुंहतोड़ जवाब देगी जिसे वह कभी भूल नहीं पाएगा।
जनरल द्विवेदी ने अप्रैल 2025 में पहलगाम में हुए कायरतापूर्ण आतंकी हमले (जिसमें 26 निर्दोषों की जान गई थी) का जिक्र करते हुए बताया कि इसके जवाब में 7 मई 2025 को 'ऑपरेशन सिंदूर' शुरू किया गया था। उन्होंने खुलासा किया कि मात्र 22 मिनट की शुरुआती कार्रवाई और कुल 88 घंटों के ऑपरेशन में भारतीय जांबाजों ने पाकिस्तान के 9 में से 7 प्रमुख आतंकी ठिकानों को नेस्तनाबूद कर दिया। सेना प्रमुख ने गर्व से कहा कि इस सटीक हमले ने न केवल आतंक के ढांचे को तोड़ा, बल्कि पाकिस्तान की 'परमाणु धमकियों' के गुब्बारे की हवा भी निकाल दी।
सेना प्रमुख ने जम्मू-कश्मीर के बदलते सुरक्षा परिदृश्य पर महत्वपूर्ण आंकड़े साझा किए। उन्होंने बताया कि 2025 में कुल 31 आतंकवादी मारे गए, जिनमें से 65% पाकिस्तानी मूल के थे। उन्होंने कहा, "अब घाटी में स्थानीय आतंकवादियों की संख्या सिंगल डिजिट (दहाई से कम) में रह गई है और नई भर्तियां लगभग शून्य हो चुकी हैं।" इसका सकारात्मक असर पर्यटन पर दिख रहा है, जहाँ इस साल 4 लाख से अधिक श्रद्धालुओं ने अमरनाथ यात्रा की।
चीन के साथ लगती उत्तरी सीमा (LAC) पर जनरल द्विवेदी ने कहा कि स्थिति फिलहाल स्थिर है लेकिन सेना पूरी तरह सतर्क है। उन्होंने शक्सगाम घाटी में चीनी गतिविधियों और CPEC को लेकर भारत का रुख साफ करते हुए कहा कि 1963 का पाकिस्तान-चीन समझौता पूरी तरह गैर-कानूनी है और भारत अपनी संप्रभुता के साथ कोई समझौता नहीं करेगा।
ड्रोन के जरिए होने वाली तस्करी और घुसपैठ पर जनरल द्विवेदी ने बताया कि आज ही DGMO स्तर की बातचीत में पाकिस्तान को चेतावनी दी गई है। उन्होंने यह भी साझा किया कि भारतीय सेना अब अपनी स्वयं की 'मिसाइल और रॉकेट फोर्स' तैयार कर रही है, जो भविष्य के युद्धों में भारत की सटीकता और रणनीतिक बढ़त को सुनिश्चित करेगी।
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