अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर ने नई दिल्ली में पदभार संभालते ही भारत को अमेरिका का सबसे महत्वपूर्ण साझेदार बताया। जानें ट्रेड डील और ट्रम्प की भारत यात्रा पर उनका बड़ा बयान।
By: Ajay Tiwari
Jan 12, 20265:10 PM
नई दिल्ली. स्टार समाचार वेब
भारत में अमेरिका के नवनियुक्त राजदूत सर्जियो गोर ने सोमवार को नई दिल्ली में औपचारिक रूप से अपना पदभार संभाल लिया है। अपने पहले संबोधन की शुरुआत 'नमस्ते' के साथ करते हुए गोर ने भारत को एक असाधारण राष्ट्र और दुनिया का सबसे बड़ा लोकतंत्र बताया।
उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि वैश्विक पटल पर अमेरिका के लिए भारत से अधिक महत्वपूर्ण कोई दूसरा देश नहीं है। पदभार संभालते ही उन्होंने द्विपक्षीय व्यापारिक रिश्तों पर जोर देते हुए जानकारी दी कि बहुप्रतीक्षित 'ट्रेड डील' को लेकर मंगलवार को दोनों देशों के उच्चाधिकारियों के बीच टेलीफोनिक वार्ता होने वाली है। हालांकि, उन्होंने यह भी स्वीकार किया कि भारत जैसे विशाल और विविधतापूर्ण देश के साथ व्यापारिक समझौता करना एक जटिल प्रक्रिया है, लेकिन दोनों पक्ष इसे अमलीजामा पहनाने के लिए पूरी गंभीरता से प्रयास कर रहे हैं।
मोदी-ट्रंप दोस्ती- सच्ची और गहरी
सर्जियो गोर ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के निजी संबंधों पर प्रकाश डालते हुए उनकी दोस्ती को 'सच्ची और गहरी' करार दिया। उन्होंने कहा कि जिस तरह सच्चे दोस्तों के बीच मतभेद हो सकते हैं, उसी प्रकार भारत और अमेरिका भी असहमतियों को सुलझाकर आगे बढ़ने की क्षमता रखते हैं। गोर ने एक बड़ी संभावना जताते हुए कहा कि राष्ट्रपति ट्रम्प अगले एक से दो वर्षों के भीतर भारत का दौरा कर सकते हैं। राजदूत के अनुसार, भारत-अमेरिका का साथ केवल व्यापार तक सीमित नहीं है, बल्कि दोनों देश सुरक्षा, आतंकवाद विरोध, ऊर्जा, उन्नत तकनीक, शिक्षा और स्वास्थ्य जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों में रणनीतिक रूप से कंधे से कंधा मिलाकर काम कर रहे हैं।
गोर को राजदूत बनाने में सात महीने लगे
राजदूत गोर की नियुक्ति के पीछे की पृष्ठभूमि भी काफी रोचक है। राष्ट्रपति ट्रम्प ने अपने कार्यकाल के सात महीने बाद अगस्त 2025 में गोर के नाम पर मुहर लगाई थी, जो ट्रम्प की 'अमेरिका फर्स्ट' नीति के कट्टर समर्थक और उनके भरोसेमंद सिपहसालारों में से एक माने जाते हैं। गोर न केवल ट्रम्प के चुनावी अभियान में फंड जुटाने के लिए जाने जाते हैं, बल्कि वे जूनियर ट्रम्प के करीबी मित्र और उनके व्यावसायिक साझेदार भी हैं। उन्होंने जूनियर ट्रम्प के साथ मिलकर 'विनिंग टीम पब्लिशिंग' की स्थापना की थी, जिसने ट्रम्प की चर्चित पुस्तकें प्रकाशित की हैं। भारत में उनकी नियुक्ति को दोनों देशों के बीच भविष्य के मजबूत आर्थिक और राजनीतिक रिश्तों के संकेत के रूप में देखा जा रहा है।
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