मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव दावोस में वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम 2026 में भाग लेंगे। वे एमपी के ऑटोमोटिव, आईटी और ग्रीन एनर्जी सेक्टर में निवेश के लिए वैश्विक दिग्गजों के साथ बैठक करेंगे।
By: Ajay Tiwari
Jan 15, 20263:57 PM
भोपाल : स्टार समाचार वेब
स्विट्जरलैंड के दावोस में 18 से 23 जनवरी 2026 तक आयोजित होने वाली विश्व आर्थिक मंच (WEF) की वार्षिक बैठक में मध्यप्रदेश अपनी मजबूत वैश्विक उपस्थिति दर्ज कराने के लिए तैयार है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव इस प्रतिष्ठित मंच पर प्रदेश का नेतृत्व करेंगे। इस वर्ष सम्मेलन का मुख्य विषय "ए स्पिरिट ऑफ डायलॉग" और "अनलॉकिंग न्यू सोर्सेस ऑफ ग्रोथ" रखा गया है, जहां मुख्यमंत्री वैश्विक निवेशकों के सामने मध्यप्रदेश को निवेश के लिए सबसे उपयुक्त डेस्टिनेशन के रूप में प्रस्तुत करेंगे।
मुख्यमंत्री की इस यात्रा का मुख्य उद्देश्य प्रदेश को 'फ्यूचर रेडी स्टेट' के रूप में स्थापित करना है। दावोस में मध्यप्रदेश सरकार मुख्य रूप से ऑटोमोटिव, अक्षय ऊर्जा, आईटी (IT/ESDM) और खाद्य प्रसंस्करण जैसे क्षेत्रों पर ध्यान केंद्रित करेगी। ऑटोमोटिव सेक्टर में पीथमपुर के औद्योगिक क्लस्टर और इलेक्ट्रिक व्हीकल (EV) मैन्युफैक्चरिंग की क्षमताओं को प्रदर्शित किया जाएगा। साथ ही, ओंकारेश्वर फ्लोटिंग सोलर प्रोजेक्ट और रीवा अल्ट्रा मेगा सोलर प्रोजेक्ट के माध्यम से राज्य की ग्रीन एनर्जी और ग्रीन हाइड्रोजन नीतियों के तहत उपलब्ध अवसरों को अंतर्राष्ट्रीय निवेशकों के समक्ष रखा जाएगा।
दावोस प्रवास के दौरान मुख्यमंत्री डॉ. यादव फॉर्च्यून 500 कंपनियों के मुख्य कार्यकारी अधिकारियों (CEOs) और वैश्विक उद्योगपतियों के साथ सीधी बैठकें करेंगे। इन बैठकों का उद्देश्य बहुराष्ट्रीय कंपनियों के साथ निवेश के प्रस्तावों (MoUs) पर चर्चा करना और प्रदेश में ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर्स (GCC) की स्थापना के लिए अनुकूल माहौल तैयार करना है। आईटी सेक्टर में इंदौर और भोपाल को उभरते हुए हब के रूप में पेश किया जाएगा, जबकि खाद्य प्रसंस्करण के क्षेत्र में मध्यप्रदेश को 'फूड बास्केट ऑफ इंडिया' के रूप में ब्रांड किया जाएगा।
इस यात्रा के माध्यम से मध्यप्रदेश सरकार का लक्ष्य न केवल नया निवेश आकर्षित करना है, बल्कि वैश्विक नीति निर्माताओं के साथ संस्थागत संबंधों को भी सुदृढ़ करना है। सेक्टोरल राउंडटेबल मीटिंग्स में राज्य के मौजूदा निवेशक अपने सकारात्मक अनुभव साझा करेंगे, जिससे अंतर्राष्ट्रीय समुदाय में मध्यप्रदेश की औद्योगिक नीतियों के प्रति विश्वास और बढ़ेगा। यह दौरा राज्य की अर्थव्यवस्था को नई ऊंचाइयों पर ले जाने और रोजगार के नए अवसर सृजित करने की दिशा में एक मील का पत्थर साबित हो सकता है।