मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने शहडोल के गंधिया में माता शबरी की प्रतिमा का अनावरण किया। ब्यौहारी में 30 बिस्तरीय अस्पताल, इंडस्ट्रियल कॉरिडोर और 1450 किमी लंबे राम वन गमन पथ की घोषणा की।
By: Ajay Tiwari
Feb 08, 20267:58 PM
शहडोल। स्टार समाचार वेब
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने रविवार को शहडोल जिले के ब्यौहारी स्थित ग्राम गंधिया (सीतामढ़ी धाम) में आयोजित जनजातीय हितग्राही सम्मेलन में शिरकत की। माता शबरी की जयंती पर मुख्यमंत्री ने न केवल शबरी मैया की भव्य प्रतिमा का अनावरण किया, बल्कि जिले के विकास के लिए 747.91 करोड़ रुपए की लागत वाले 139 विकास कार्यों की सौगात भी दी।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने माता शबरी को नमन करते हुए कहा कि उनके निस्वार्थ प्रेम और जूठे बेरों ने भगवान श्री राम को भी भावविभोर कर दिया था। उन्होंने कहा कि व्यक्ति का मूल्य जन्म से नहीं बल्कि उसके हृदय की पवित्रता से तय होता है। माता शबरी कोल समाज की कुलदेवी होने के साथ-साथ पूरे जनजातीय समाज के लिए आराध्य हैं। उनके सत्कर्मों ने पूरे वनवासी समाज का मान बढ़ाया है। इसी पावन स्मृति को सहेजने के लिए सरकार सीतामढ़ी धाम को एक प्रमुख धार्मिक पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित करेगी।
प्रदेश सरकार ने भगवान श्री राम के वनवास काल के पथ को जीवंत करने के लिए 'श्री रामचंद्र पथ गमन न्यास' की स्थापना की है। मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि मध्यप्रदेश में 1450 किमी लंबा राम वन गमन पथ तैयार किया जा रहा है। चूंकि भगवान राम ने चित्रकूट में 11 वर्ष बिताए और गंधिया में भी 11 रातें ठहरे थे, इसलिए गंधिया को भी इस विकास योजना में शामिल किया गया है। गाँव के विकास के लिए तत्काल 80 लाख रुपए मंजूर किए गए हैं।

मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम के दौरान 613 करोड़ रुपए से अधिक के 79 कार्यों का लोकार्पण और 134 करोड़ रुपए के 60 कार्यों का भूमि पूजन किया। उन्होंने बताया कि 'पीएम जन-मन' और 'धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान' के तहत करोड़ों के कार्य प्रगति पर हैं। सरकार जनजातीय नायकों की गौरव गाथाओं को अब शिक्षा के पाठ्यक्रम में भी शामिल कर रही है ताकि आने वाली पीढ़ी अपने गौरवशाली इतिहास से परिचित हो सके।