भोपाल में कांग्रेस का उपवास-धरना: जीतू पटवारी और पीसी शर्मा ने शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद को गंगा स्नान से रोकने और मणिकर्णिका घाट विवाद पर मोदी सरकार की कड़ी निंदा की
By: Ajay Tiwari
Jan 24, 20265:13 PM
भोपाल:स्टार समाचार वेब
मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल का रोशनपुरा चौराहा शुक्रवार को राजनीतिक गहमागहमी का केंद्र रहा। कांग्रेस नेताओं ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली भाजपा सरकार पर सनातन परंपराओं और साधु-संतों की उपेक्षा का आरोप लगाते हुए एक दिवसीय उपवास और धरना प्रदर्शन किया। पूर्व मंत्री पीसी शर्मा के नेतृत्व में आयोजित इस प्रदर्शन में प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष (PCC Chief) जीतू पटवारी भी विशेष रूप से शामिल हुए।
धरने में जीतू पटवारी ने केंद्र और उत्तर प्रदेश सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि हजारों वर्षों से सनातन धर्म में जगतगुरु शंकराचार्य का स्थान सर्वोच्च रहा है, लेकिन वर्तमान सरकार उनसे 'प्रमाण पत्र' मांग रही है। पटवारी ने आरोप लगाया कि पीएम मोदी और सीएम योगी की सरकार में शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती को गंगा स्नान करने से रोका गया, जो भारतीय इतिहास में अभूतपूर्व और अपमानजनक है।
उन्होंने सवाल किया- "हिंदू हितों का दावा करने वाली भाजपा सरकार ने आखिर किस दुस्साहस से शंकराचार्य को गंगा स्नान से रोका? यह भारत की अस्मिता और करोड़ों लोगों की आस्था का अपमान है।"
कांग्रेस ने काशी के ऐतिहासिक मणिकर्णिका घाट पर हो रही तोड़फोड़ और साधु-संतों के साथ कथित दमनात्मक कार्रवाई को लेकर भी नाराजगी जताई। पटवारी ने कहा कि साधु-संतों और बटुकों के साथ दुर्व्यवहार के जो दृश्य सामने आए हैं, वे विचलित करने वाले हैं। उन्होंने इसे राजनीतिक नहीं, बल्कि सीधे तौर पर आस्था से जुड़ा विषय बताया।
जीतू पटवारी ने कड़े शब्दों में निंदा करते हुए कहा कि भाजपा धर्म का उपयोग केवल सत्ता पाने के लिए करती है। उन्होंने चेतावनी दी कि भले ही सत्ता के रसूख में आज दोषियों को सजा न मिले, लेकिन सनातन परंपराओं के साथ खिलवाड़ करने वालों को उनके कर्मों का फल जरूर भुगतना पड़ेगा। प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस नेताओं ने स्पष्ट किया कि वे भाजपा के 'हिंदू विरोधी' चेहरे को जनता के सामने बेनकाब करना जारी रखेंगे।