सीधी-सतना में कुख्यात डकैत ललित पटेल के भाई कुकुरखवा का गैंग जंगल में आतंक मचाए हुए है। दो जिलों की पुलिस दो माह से कर रही तलाश, गैंग में दो महिलाओं समेत 10 सदस्य, सीमा क्षेत्र में फैलाए हुए है दहशत।

दो माह से तलाश में लगी हैं दो जिलों की पुलिस, गैंग के मूवमेंट से दहशत में तराई के वासिंदे
सतना, स्टार समाचार वेब
तीन लोगों को जिंदा जलाकर तराई में आतंक का पर्याय बने कुख्यात डकैत ललित पटेल का भाई गैंग बनाकर जंगल में घूम रहा है। नवोदित गैंग में दस के करीब सदस्य हैं जिनमें दो महिलाएं भी हैं। इस गैंग का मूवमेंट सतना और पन्ना जिले में पिछले दो माह से है। इन दिनों गैंग का मूवमेंट एमपी -यूपी की सीमा से लगे जंगलों में है। इस गैंग की तलाश में सतना और पन्ना जिले की पुलिस दो माह से जंगल- जंगल घूम रही है। ड्रोन कैमरे से निगरानी की जा रही है फिर भी दोनों जिलों की पुलिस के हाथ अब तक खाली हैं। हथियारों से लैश नवोदित दस्यु गैंग के मूवमेंट से तराई के वासिंदे दहशत में हैं।
कुकुरखवा कर रहा गैंग को ऑपरेट
इस संबध में तराई से जुड़े विश्वस्त सूत्रों ने बताया कि डकैत ललित पटेल का भाई कुकुरखवा उर्फ राजेश पटेल उर्फ दादूलाल पटेल निवासी पौसलहा थाना नयागांव और उसका भाई नंदी उर्फ नंद किशोर पटेल कुछ समय पहले ही केन्द्रीय जेल से छूटकर बाहर आए हैं। जेल से बाहर आने के बाद कुकुरखवा और उसका भाई नंदी के द्वारा अपने पुरान परिचितों से सम्पर्क किया गया। एक- एक कर कुकुरखवा ने पुराने बदमाशों को जोड़ना शुरू किया। इन्हंी सूत्रों ने बताया कि नवोदित गैंग को कुकुरखवा ही ऑपरेट कर रहा है। गैंग को तैयार करने के लिए कुछ पुराने डकैतों के परिजन और रिश्तेदार पर्दे के पीछे से मदद कर रहे हैं।
यूं भरमाया पुलिस को
कुकुरखवा और नंदी अपने भाई ललित के गैंग के हार्डकोर मेम्बर रहे ललित के साथ अपहरण, हत्या की कई घटनाओं को अंजाम दिया। कुकुरखवा और नंदी जंगल की भौगोलिक स्थितियों से भलीभांति वाकिफ है, वह एमपी- यूपी की सीमा से लगे जंगलों के कई गुप्त रास्तों की जानकारी रखता है। जंगल में उतरने के पूर्व कुकुरखवा और उसके भाई नंदी ने शुरुआती दौर में पुलिस की नजरो में आने से बचने के लिए खासी रणनीति बनाई। तेंदूपत्ता तुड़ाई के सीजन में कुकुरखवा अपने साथियों के साथ सतना जिले के बरौंधा, पन्ना जिले के ब्रजपुर, पहाड़ीखेरा, धर्मपुर थाना इलाके में बंदूक लेकर घूमता रहा। बंदूक की धमक पर तेंदूपत्ता ठेकेदारों और फड़ मुंशियों से मोटी रकम वसूली। सूत्रों ने बताया कि जानबूझ कर कुकुरखवा अ पने साथियों के साथ बरौंधा और पन्ना जिले में घूमता रहा। तेंदूपत्ता तुड़ाई सीजन में रंगदारी वसूलने के बाद उसने यूपी के कोल्हुआ और महुदर जंगल की तरफ रुख किया। गैंग को मजबूत करने तेंदूपत्ता सीजन में मोटी कमाई करने के बाद कुकुरखवा ने अब अपने पुराने इलाके चित्रकूट और यूपी के भरतकूप थाना क्षेत्र की तरफ रुख किया है। तीन दिनों से कुकुरखवा और उसके साथियों का मूवमेंट इन्हीं थाना क्षेत्र के बीच देखा गया है। इन इलाकों में मारे जा चुके ललित के अलावा जंगल में उतरे कुकुरखवा के कई खैरख्वाह हैं जो पर्दे के पीछे से इनकी मदद कर रहे हैं। सूत्रों ने आशंका जताई है कि चित्रकूट थाना क्षेत्र में कुकुरखवा और उसके साथी आने वाले दिनों में बड़ी वारदात को अंजाम दे सकते हैं।
मैन और गन पावर
जानकार सूत्रों ने बताया कि नवोदित गैंग को आॅपरेट कर रहे कुकुरखवा के द्वारा गैंग का गन और मैन पावर बढ़ाने का प्रयास किया जा रहा है। शुरुआती दौर में गैंग में पांच सदस्य थे, वर्तमान समय में गैंग की सदस्यो की संख्या बढ़कर 10 हो गई है। इन्हीं सूत्रों ने बताया कि कुकुरखवा उर्फ राजेश उर्फ दादूलाल पटेल, नंदी उर्फ नंद किशोर पटेल के अलावा यूपी के घुरेटनपुर के दो युवक, यूपी के बहिलपुरवा थाना क्षेत्र के दो युवक, बरौंधा थाना क्षेत्र के तीन युवक, मारकुंडी थाना क्षेत्र का एक युवक साथ में है। इसके अलावा कुकुरखवा उर्फ राजेश का बांदा के बबेरू थाना क्षेत्र का रहने वाला बहनोई भी इनके साथ में हैं। सूत्रों ने बताया कि वर्तमान समय में नवोदित दस्यु गिरोह के साथ सात देशी बंदूके हैें।
तीन लोगों को जिंदा जलाकर सुर्खियों में आया था ललित
जिले के चित्रकूट थाना क्षेत्र अन्तर्गत पौसलहा निवासी ललित पटेल ने अपने साथियों के साथ तीन युवकों की जिंदा जलाकर हत्या कर दी थी। तिहरे हत्याकांड से तराई दहल उठा था। तिहरे हत्याकांड के बाद सुर्खियों में आए ललित पटेल ने एक के बाद एक कई बड़ी वारदातों को अंजाम देकर दहशत का पर्याय बन गया था। कुछ ही समय में उस पर इनाम की राशि बढती चली गई। ललित के साथ उसके दोनो ंभाई कुकुरखवा और नंदी गैंग में साथ चलते थे। तत्कालीन सतना एसपी राजेश हिंगणकर की अगुवाई में इनकांउटर स्पेशलिस्ट अनिमेष द्विवेदी की टीम ने पोखरवार के जंगल में डकैत ललित पटेल को मार गिराया था। इनकाउंटर स्पेशलिस्ट श्री द्विवेदी की अगुवाई में ही कुकुरखवा उर्फ राजेश और नंदी उर्फ नंद किशोर को गिरफ्तार कर पुलिस ने जेल भेजा था।
सगी मौसी का बेटा है दीपक
कुकुरखवा उर्फ राजेश उर्फ दादूलाल पटेल तराई के दुर्दान्त दस्यु सरगना रहे अंबिका पटेल उर्फ ठोकिया की सगी मौसी का बेटा है। ठोकिया के मारे जाने के बाद उसका भाई दीपक भले ही जंगल में बंदूक लेकर न उतरा हो लेकिन दीपक पर आरोप लगते रहे कि पर्दे के पीछे से वह सजातीय डकैतों को मदद करता रहा है। ललित पटेल के भी जंगल में उतरने के पीछे की वजह दीपक को माना जाता था। दस्यु उन्मूलन अभियान से जुडेÞ कुछ पुलिस अधिकारियों और सूत्रों ने कहा कि तराई में अपनी धमक बनाए रखने के लिए दीपक के द्वारा पर्दे के पीछे से अपने मौसेरे भाई कुकुरखवा उर्फ राजेश और नंदी की मदद की जा रही है।
जिले के चित्रकूट थाना क्षेत्र अन्तर्गत पौसलहा निवासी ललित पटेल ने अपने साथियों के साथ तीन युवकों की जिंदा जलाकर हत्या कर दी थी। तिहरे हत्याकांड से तराई दहल उठा था। तिहरे हत्याकांड के बाद सुर्खियों में आए ललित पटेल ने एक के बाद एक कई बड़ी वारदातों को अंजाम देकर दहशत का पर्याय बन गया था। कुछ ही समय में उस पर इनाम की राशि बढती चली गई। ललित के साथ उसके दोनो ंभाई कुकुरखवा और नंदी गैंग में साथ चलते थे। तत्कालीन सतना एसपी राजेश हिंगणकर की अगुवाई में इनकांउटर स्पेशलिस्ट अनिमेष द्विवेदी की टीम ने पोखरवार के जंगल में डकैत ललित पटेल को मार गिराया था। इनकाउंटर स्पेशलिस्ट श्री द्विवेदी की अगुवाई में ही कुकुरखवा उर्फ राजेश और नंदी उर्फ नंद किशोर को गिरफ्तार कर पुलिस ने जेल भेजा था।
रिपोर्ट: अमित सेंगर

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