महाशिवरात्रि पर सतना में पहली बार ग्रीन शिवरात्रि अभियान, मंदिर परिसर प्लास्टिक मुक्त, स्वच्छ और पर्यावरण संरक्षण का संदेश।
By: Yogesh Patel
Feb 14, 20263:08 PM
हाइलाइट्स:
सतना, स्टार समाचार वेब
इस वर्ष महाशिवरात्रि का पर्व केवल श्रद्धा और भक्ति तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि पर्यावरण संरक्षण का व्यापक संदेश भी देगा। आने वाली 15 फरवरी को जिले में हरित शिवरात्रि अभियान के तहत मंदिर परिसरों को स्वच्छ, हरित और प्लास्टिक मुक्त बनाने की विशेष पहल की जा रही है। इस पहल को लेकर धार्मिक संगठनों, सामाजिक संस्थाओं ने संयुक्त तैयारी शुरू कर दी है। यह सब राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के पंच परिवर्तन के तहत किया जाएगा। इसकी जिम्मेदारी पर्यावरण संरक्षण गतिविधि को दी गई है।
भगवान शिव का जीवन दर्शन प्रकृति के साथ संतुलन, सह-अस्तित्व और सरलता का प्रतीक है। इसी विचार को जन-जन तक पहुंचाने के लिए इस बार शिवलिंग अभिषेक में उपयोग होने वाली सामग्री के वैज्ञानिक निस्तारण की व्यवस्था की जाएगी। श्रद्धालुओं से अपील की गई है कि अभिषेक में चढ़ाए जाने वाले जल, दूध और पुष्प आदि का उपयोग प्रसाद या जैविक तरीके से किया जाए तथा रासायनिक युक्त पदार्थों का प्रयोग पूरी तरह से बंद रखा जाए।
प्लास्टिक मुक्त मंदिर परिसर की तैयारी
मंदिर परिसरों में सिंगल-यूज प्लास्टिक और पॉलिथीन के उपयोग पर रोक लगाने के लिए विशेष निगरानी दल तैनात किए जाएंगे। भंडारे और प्रसाद वितरण के लिए ह्लबर्तन बैंकह्व व्यवस्था लागू की जाएगी, जिसके अंतर्गत स्टील या पुन: प्रयोज्य बर्तनों का उपयोग अनिवार्य किया जाएगा। इसके साथ ही कचरा पृथक्करण के लिए अलग-अलग डस्टबिन लगाए जाएंगे और प्लास्टिक कचरे के सुरक्षित संग्रहण की व्यवस्था रहेगी।
मंदिर बनेंगे सामाजिक हरित शक्ति केंद्र
पर्यावरण संरक्षण गतिविध से जुड़े स्वयंसेवकों का कहना है कि इस अभियान का मुख्य उद्देश्य मंदिरों को केवल पूजा स्थलों तक सीमित न रखकर उन्हें सामाजिक जागरूकता के हरित केंद्र के रूप में विकसित करना है। उनका मानना है कि यदि धार्मिक आयोजनों के माध्यम से पर्यावरण के प्रति जिम्मेदारी की भावना जगाई जाए तो समाज में स्थायी परिवर्तन संभव है। स्थानीय लोगों ने भी इस पहल का स्वागत करते हुए इसे आस्था और प्रकृति के सुंदर समन्वय की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया है।