चित्रकूट जिले के मारकुंडी थाना क्षेत्र में गुटखे की लत ने एक परिवार तबाह कर दिया। मां ने गुटखा न मिलने पर अपनी दो मासूम बेटियों संग जहर खाकर जान दे दी। पति की जद्दोजहद के बावजूद तीनों की मौत हो गई, 4 साल का बेटा सुरक्षित है।
By: Star News
Aug 24, 20253:20 PM
हाइलाइट्स
सतना, स्टार समाचार वेब
बुजुर्गों ने ठीक ही कहा है कि लत व व्यसन पूरी करने के लिए व्यक्ति किसी भी सीमा तक जा सकता है। सीमाई प्रदेश के चित्रकूट जिले के मारकुंडी थानान्तर्गत इटवा डुडैला निवासी बब्बू यादव की 26 वर्षीया पत्नी ने गुटखे की लत पूरी न होने पर बच्चों समेत जहर निगल कर एक बार पुन: बुजुर्गों की इस कहावत को चरितार्थ कर दिया है। पत्नी व बच्चों को बचाने की मंशा से पति ने मझगवां व जिला अस्पताल तक दौड़ लगाई मगर न तो वह पत्नी को बचा सका और न ही अपनी दो मासूम बेटियों को। गुटखे की लत ने यादव परिवार को तबाह कर दिया है।
अस्पताल पहुंचने के पहले निकल चुके थे प्राण
घटना के संबंध में प्राप्त जानकारी के अनुसार इटवा डुडैला निवासी बब्बू यादव टैक्सी चलाने का काम करता था। शनिवार की शाम तकरीबन चार बजे वह घर पहुंचा तो उसे दरवाजा बंद मिला। बहुत देर तक दरवाजा खटखटाने के बाद भी जब दरवाजा नहीं खुला तो उसने पीछे के रास्ते से घर में प्रवेश किया तो यह देखकर दंग रह गया कि उसकी पत्नी ज्योति यादव उर्फ झुमकी पुत्री तान्सी यादव व चंद्रमा यादव जमीन में अचेत अवस्था में पड़ी हुई हैं जबकि चार वर्षीय पुत्र दीपचंद उसे खड़ा हुआ मिला। बब्बू के पूछने पर दीपचंद ने बताया कि मम्मी ने चाय में कुछ डालकर पिलाया जिसके बाद वे बेहोश हो गर्इं। आनन- फानन बब्बू चारों को गाड़ी में लादकर मझगवां अस्पताल लेकर पहुंचा जहां चिकित्सकों ने तान्सी यादव को मृत घोषित कर दिया और नाजुक अवस्था में ज्योति यादव व चन्द्रमा यादव को जिला अस्पताल के लिए रेफर किया। उन्हें लेकर बब्बू जिला अस्पताल पहुंचा जहां चिकित्सकों ने ज्योति को प्रथम दृष्टया ही मृत घोषित कर दिया जबकि चन्द्रमा की भी थोड़ी देर में मौत हो गई। बब्बू ने बताया कि उसकी पत्नी ज्योति को गुटखा खाने की लत थी, शुक्रवार को जब वह टैक्सी चलाने के लिए निकला तो उसने गुटखे के लिए पैसे मांगे जिस पर उसने पत्नी को खरी-खोटी सुनाई और टैक्सी चलाने चला गया। बब्बू के मुताबिक जब वह शुक्रवार को घर लौटा तो पत्नी ने इस बात को लेकर विवाद भी किया और उसके ऊपर दूध फेंक दिया। शनिवार की सुबह भी पत्नी ने उससे गुटखे को लेकर विवाद किया। बब्बू ने बताया कि घर में गेहूं में रखने के लिए सल्फास की गोलियां मौजूद थीं। संभवत: नाराज पत्नी ने चाय में घोलकर सल्फास की गोलियां निगली हैं। इस घटना की असलियत तो पुलिस की जांच के बाद ही सामने आएगी लेकिन केवल गुटखे के लिए पैसे न मिलने से अपनी व अपने बच्चों की जान लेने की इस घटना ने समाज विज्ञानियों को चिंता में डाल दिया है।
72 घंटे डॉक्टर की निगरानी में रहेगा दीपचन्द्र
इस घटना में जहां मां व दो बेटियों की मौत हो गई है वहीं एक मात्र बचा चार वर्षीय दीपचन्द्र फिलहाल 72 घंटों तक डाक्टरों की निगरानी में रहेगा। दीपचन्द्र का बीपी व अन्य जांचों के साथ पीक्यूआर टेस्ट करने वाले डाक्टर अभिजीत नंदा का कहना है कि यंू तो उसकी हालत सामान्य है लेकिन घटना की गंभीरता को देखते हुए उसकी 72 घंटों तक उसके स्वास्थ्य की निगरानी की जाएगी।