भारत और न्यूजीलैंड ने FTA वार्ता पूरी की। कपड़ा, इंजीनियरिंग और आईटी क्षेत्र को मिलेगा ड्यूटी-फ्री एक्सेस। जानें कैसे रूपए 20 अरब का निवेश और नए वीजा नियम भारतीय युवाओं के लिए गेम-चेंजर साबित होंगे।

बिजनेस डेस्क: स्टार समाचार वेब.
भारत और न्यूजीलैंड ने सोमवार (22 दिसंबर 2025) को अपने आर्थिक संबंधों में एक ऐतिहासिक मील का पत्थर स्थापित किया है। दोनों देशों ने मुक्त व्यापार समझौते (Free Trade Agreement - FTA) के लिए बातचीत सफलतापूर्वक पूरी होने की आधिकारिक घोषणा कर दी है। यह समझौता न केवल व्यापारिक बाधाओं को दूर करेगा, बल्कि अगले 15 वर्षों में भारत में भारी निवेश और रोजगार के नए अवसर भी लाएगा।
भारतीय निर्यात को मिलेगा 'ड्यूटी-फ्री' पंख
इस समझौते की सबसे बड़ी उपलब्धि यह है कि न्यूजीलैंड ने भारत के लगभग सभी एक्सपोर्ट आइटम पर शुल्क (Duty) हटाने का निर्णय लिया है। वाणिज्य मंत्रालय के अनुसार, अब भारत के श्रम-प्रधान क्षेत्रों को न्यूजीलैंड के बाजार में सीधी और मुफ्त पहुंच मिलेगी। टेक्सटाइल (कपड़ा), अपैरल, लेदर (चमड़ा), जूते, इंजीनियरिंग गुड्स, रत्न एवं आभूषण, हस्तशिल्प और ऑटोमोबाइल क्षेत्र को इसका लाभ मिलेगा। शुल्क हटने से भारतीय उत्पाद न्यूजीलैंड के बाजार में अन्य देशों के मुकाबले अधिक किफायती और प्रतिस्पर्धी हो जाएंगे।
डेयरी सेक्टर की सुरक्षा: भारतीय किसानों के हित सर्वोपरि
भारत ने इस समझौते में चतुराई और संवेदनशीलता का परिचय दिया है। न्यूजीलैंड की प्रमुख मांग के बावजूद, भारत ने डेयरी सेक्टर में किसी भी तरह की रियायत नहीं दी है। इसका उद्देश्य करोड़ों भारतीय डेयरी किसानों के हितों की रक्षा करना है। इसके बदले, दोनों देश कृषि तकनीक, उत्पादकता बढ़ाने और रिसर्च में सहयोग करेंगे।
20 अरब डालर का निवेश और रोजगार के अवसर
FTA के तहत न्यूजीलैंड ने अगले 15 वर्षों में भारत में 20 अरब डॉलर (लगभग ₹1.6 लाख करोड़) के निवेश को सुविधाजनक बनाने की प्रतिबद्धता जताई है। यह निवेश मैन्यूफैक्चरिंग, आईटी और सर्विस सेक्टर में नई जान फूंकेगा।
भारतीय प्रोफेशनल्स के लिए 'वीजा' के नए रास्ते
शिक्षित युवाओं और प्रोफेशनल्स के लिए यह समझौता किसी वरदान से कम नहीं है। इसमें विशेष प्रावधान शामिल किए गए हैं जिनमें अस्थायी रोजगार प्रवेश वीजा मिलने से आईटी, इंजीनियरिंग, स्वास्थ्य और शिक्षा क्षेत्र के पेशेवरों के लिए न्यूजीलैंड में काम करना आसान होगा। आयुष डॉक्टर, योग ट्रेनर, भारतीय शेफ (रसोइया) और संगीत शिक्षकों के लिए विशेष वीजा मार्ग खोले गए हैं। छात्रों को 'वर्किंग हॉलिडे' वीजा स्ट्रक्चर और पढ़ाई के दौरान/बाद काम करने के बेहतर अवसर मिलेंगे।
एग्रीकल्चर टेक्नोलॉजी एक्शन प्लान
खेती-किसानी के स्तर पर, दोनों देश कीवी फल, सेब और शहद के उत्पादन के लिए एक समर्पित 'एग्रीकल्चरल टेक्नोलॉजी एक्शन प्लान' पर काम करेंगे। भारत में बेहतर रोपण सामग्री और बाग प्रबंधन के लिए केंद्र स्थापित किए जाएंगे। फसल कटाई के बाद के प्रबंधन और खाद्य सुरक्षा के लिए न्यूजीलैंड अपनी आधुनिक तकनीक भारत के साथ साझा करेगा।
कब से लागू होगा समझौता?
उम्मीद जताई जा रही है कि अगले तीन महीनों के भीतर इस समझौते पर औपचारिक हस्ताक्षर हो जाएंगे। इसके बाद, संवैधानिक प्रक्रियाओं को पूरा करते हुए अगले साल (2026) तक इसे पूरी तरह लागू कर दिया जाएगा।

जबलपुर हाईकोर्ट का ऐतिहासिक फैसला, सरकारी कर्मचारियों को मिलेगा 100% वेतन और एरियर्स

जैतवारा से लेकर बारामाफी तक आक्रोश

खरमास 2025-2026: कब से कब तक रहेगा, जानें शुभ कार्यों की मनाही का कारण

ऑपरेशन सिंदूर...मुझे एक तस्वीर दिखा दो...जिसमें भारत का एक गिलास भी नहीं टूटा हो

लागू होंगे नए अवकाश नियम: CCL में वेतन कटौती, EL को 'अधिकार' नहीं मानेगा MP वित्त विभाग

MP College Admission 2026: ई-प्रवेश दूसरे चरण की अलॉटमेंट लिस्ट जारी, 13 जून तक जमा करें फीस

सुरक्षित और नेचुरल तरीके से बाल करना है काले तो अपनाएं ये उपाय

बची हुई चाय को दोबारा गर्म करके पीने क्या होगा, जानें इसके बारे में?

अगर 40 की उम्र कर ली है पार और रहना चाहते हैं तंदरुस्त तो अपनाएं ये आदतें

ठंडा पानी पीने और मीठा खाने पर दांतों में होती है झनझनाहट तो हो जाएं सावधान, नहीं तो हो सकती है बड़ी समस्या

ठंड में बढ़ जाती है डिहाइड्रेशन की समस्या, जानें क्या है कारण ?

तनाव से चाहिए है छुटकारा तो इन चीजों से करें तौबा, अपनाएं ये सलाह
अक्टूबर 2026 में सिलेंडर, हवाई ईंधन, बैंकिंग, डिजिटल पेमेंट और सरकारी योजनाओं से जुड़े बदलाव हो रहे हैं। कॉमर्शियल सिलेंडर के दाम बढ़ने से रेस्टोरेंट मालिकों का खर्च मामूली बढ़ेगा। ऐसे में वे चाय, नाश्ता महंगा कर सकते हैं। शादियों की कैटरिंग भी महंगी हो सकती है।
सोने-चांदी की कीमतों में आज लगातार दो दिन की गिरावट के बाद तेजी है। 10 ग्राम 24 कैरेट सोना 712 रुपए बढ़कर 1,48,379 रुपए पर आ गया। इससे पहले 29 सितंबर को यह 1,47,667 रुपए पर था। वहीं, एक किलो चांदी 673 रुपए बढ़कर 2,22,273 रुपए पर आ गई है, जो मंगलवार को 2,21,600 रुपए पर थी।
एपल ने भारत में अपनी डिजिटल पेमेंट सर्विस 'एपल पे' को लॉन्च कर दिया है। इसके साथ ही आईफोन और एपल वॉच यूजर्स के लिए कार्डलेस और कॉन्टैक्टलेस पेमेंट का नया ऑप्शन भी अवेलेबल हो गया है। एपल की इस सर्विस के लिए एक्सिस बैंक पहला पार्टनर बना है।
आज भारतीय शेयर बाजार में मिलाजुला रुख देखने को मिला। सेंसेक्स में मामूली वृद्धि दर्ज हुई, जबकि निफ्टी गिरावट के साथ 22,700 के नीचे बंद हुआ। दो दिन की बिकवाली के बाद कुछ क्षेत्रों में सुधार दिखा, लेकिन विदेशी निवेशकों की लगातार बिकवाली ने बाजार को प्रभावित किया।
भारतीय शेयर बाजार में सप्ताह की शुरुआत कमजोर रही। प्रमुख सूचकांक सेंसेक्स 600 से अधिक अंक टूट गया। निफ्टी भी 22,600 के महत्वपूर्ण स्तर से नीचे फिसल गया। सुबह 10:02 बजे सेंसेक्स 616.08 अंक यानी 0.84 फीसदी गिरकर 72,155.64 अंक पर कारोबार कर रहा था।
देशभर के बैंक उपभोक्ताओं के लिए बड़ी राहत की खबर है। इस सप्ताह सभी बैंक आम दिनों की तरह खुले रहेंगे और कामकाज सुचारू रूप से चलेगा। यूनाइटेड फोरम आफ बैंक यूनियंस ने 28 से 30 सितंबर तक प्रस्तावित तीन दिवसीय राष्ट्रव्यापी हड़ताल को टालने का फैसला किया है।
सोमवार को शुरुआती कारोबार में भारतीय शेयर बाजार में बड़ी गिरावट दर्ज की गई। प्रमुख सूचकांक सेंसेक्स और निफ्टी बुरी तरह गिरे। कच्चे तेल की बढ़ती कीमतें और भू-राजनीतिक अनिश्चितताएं बाजार पर हावी रहीं। एशियाई बाजारों में कमजोर रुख ने भी निवेशकों की धारणा को प्रभावित किया।
गर आपको बैंक से जुड़ा कोई जरूरी काम निपटाना है, तो तुरंत सतर्क हो जाइए। आज रविवार को भले ही बैंक की शाखाएं खुली हुई हैं और कामकाज चल रहा है, लेकिन आने वाले हफ्ते में बैंकिंग सेवाएं बुरी तरह प्रभावित रहने वाली हैं। आम ग्राहकों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ सकता है और करोड़ों रुपए का वित्तीय लेनदेन अटकने की संभावना है।
वैश्विक चिंताओं के चलते भारतीय शेयर बाजार लगातार सातवें सप्ताह गिरावट के साथ बंद हुआ। कच्चे तेल की ऊंची कीमतों, अमेरिकी बॉन्ड यील्ड में बढ़ोतरी और विदेशी संस्थागत निवेशकों की लगातार बिकवाली के कारण प्रमुख बेंचमार्क सेंसेक्स और निफ्टी में 0.88 प्रतिशत तक की गिरावट दर्ज की गई।
गुरुवार को बाजार में चौतरफा बिकवाली से निवेशकों के अरबों रुपए डूब गए। लेकिन आज बाजार ने थोड़ी सी राहत की सांस ली है। वैश्विक बाजारों से मिले-जुले संकेतों और क्रूड आयल में मामूली नरमी की वजह से आज दलाल स्ट्रीट ने हरे निशान के साथ शुरुआत की है।