भारत की दिग्गज आईटी कंपनी इंफोसिस (Infosys) ने फ्रेशर्स के लिए 21 LPA तक के शुरुआती पैकेज का ऐलान किया है। AI-फर्स्ट रणनीति के तहत कंपनी स्पेशलिस्ट प्रोग्रामर की भर्ती कर रही है। जानें योग्यता और सैलरी स्ट्रक्चर

बेंगलुरु | बिजनेस डेस्क
भारतीय आईटी (IT) सेक्टर में पिछले कई वर्षों से फ्रेशर्स की शुरुआती सैलरी को लेकर बहस छिड़ी हुई थी। लेकिन अब, देश की दूसरी सबसे बड़ी टेक कंपनी इंफोसिस (Infosys) ने इस परिदृश्य को पूरी तरह बदल दिया है। कंपनी ने अपने 'स्पेशलाइज्ड टेक्नोलॉजी रोल्स' के लिए फ्रेशर्स को 21 लाख रुपये प्रति वर्ष (21 LPA) तक का वेतन देने की घोषणा की है। यह भारतीय आईटी उद्योग के इतिहास में किसी भी सेवा-आधारित कंपनी द्वारा दी जाने वाली सबसे अधिक शुरुआती सैलरी में से एक है।
इंफोसिस का यह कदम उसकी महत्वाकांक्षी 'AI-फर्स्ट' (AI-First) रणनीति का हिस्सा है। दरअसल, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, क्लाउड कंप्यूटिंग और डेटा एनालिटिक्स के बढ़ते प्रभाव के कारण कंपनियों को अब साधारण कोडिंग के बजाय 'डिजिटल स्पेशलिस्ट' की जरूरत है। मनीकंट्रोल की एक रिपोर्ट के अनुसार, इंफोसिस ने यह महसूस किया है कि उच्च तकनीक वाले प्रोजेक्ट्स को संभालने के लिए ऐसे फ्रेश टैलेंट की आवश्यकता है जो भविष्य की तकनीकों से लैस हों।
इंफोसिस ने अपने ऑफ-कैंपस हायरिंग ड्राइव के लिए स्पष्ट सैलरी स्ट्रक्चर और पद निर्धारित किए हैं:
| पद (Role) | वार्षिक पैकेज (LPA) |
| स्पेशलिस्ट प्रोग्रामर (L3 ट्रेनी) | ₹21,00,000 तक |
| स्पेशलिस्ट प्रोग्रामर (L2) | ₹16,00,000 |
| स्पेशलिस्ट प्रोग्रामर (L1) | ₹11,00,000 |
| डिजिटल स्पेशलिस्ट इंजीनियर (ट्रेनी) | ₹7,00,000 |
यह भर्ती मुख्य रूप से 2025 बैच के इंजीनियरिंग और कंप्यूटर साइंस ग्रेजुएट्स के लिए है। निम्नलिखित स्ट्रीम के छात्र इस अवसर का लाभ उठा सकते हैं:
डिग्री: BE, B.Tech, ME, M.Tech, MCA और इंटीग्रेटेड M.Sc।
ब्रांच: कंप्यूटर साइंस (CS), सूचना प्रौद्योगिकी (IT), इलेक्ट्रॉनिक्स एंड कम्युनिकेशन (ECE) और इलेक्ट्रिकल एंड इलेक्ट्रॉनिक्स (EEE)।
कंपनी का जोर अब केवल डिग्री के अंकों पर नहीं, बल्कि AI, क्लाउड, डेटा और मॉडर्न कोडिंग स्किल्स में उम्मीदवार की दक्षता पर है।
इंफोसिस ग्रुप के मुख्य मानव संसाधन अधिकारी (CHRO) शाजी मैथ्यू ने स्पष्ट किया है कि कंपनी अब अपनी हर सर्विस लाइन के केंद्र में AI को रख रही है। उन्होंने कहा, "हम न केवल अपने मौजूदा कर्मचारियों को अपस्किल कर रहे हैं, बल्कि ऐसी नई पीढ़ी को भी साथ जोड़ रहे हैं जो डिजिटल रूप से तैयार है। इसीलिए हमने शुरुआती करियर की हायरिंग को वैश्विक मानकों के अनुसार अधिक आकर्षक बनाया है।"
इंफोसिस का यह निर्णय न केवल योग्य युवाओं के लिए वित्तीय रूप से फायदेमंद है, बल्कि यह अन्य आईटी दिग्गज जैसे TCS, Wipro और HCL के लिए भी एक मानक तय करेगा। यह कदम स्पष्ट करता है कि आने वाले समय में आईटी सेक्टर में केवल 'डिग्री' नहीं, बल्कि 'विशेषज्ञता' की कीमत होगी।

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भारतीय शेयर बाजार आज कारोबारी सत्र में लाल निशान में खुला। सेंसेक्स 533 अंक या 0.71 प्रतिशत की गिरावट के साथ 75,044 और निफ्टी 135 अंक या 0.57 प्रतिशत की कमजोरी के साथ 23,498 पर था। शुरुआती कारोबार में बाजार पर दबाव बनाने का काम आईटी और सर्विसेज सेक्टर ने किया।
भारतीय शेयर बाजार में आज भारी गिरावट दर्ज की गई। सेंसेक्स 400 अंक लुढ़क गया। निफ्टी भी 23,700 के महत्वपूर्ण स्तर से नीचे आ गया। अडानी एंटरप्राइजेज और एक्सिस बैंक सबसे ज्यादा नुकसान वाले शेयरों में रहे। दरअसल, कच्चे तेल की बढ़ती कीमतें बाजार पर दबाव डाल रही हैं।
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भारतीय शेयर बाजार में आज से प्री-ओपन आक्शन सेशन के नियमों में बड़ा बदलाव लागू हो गया है। एनएसई द्वारा शुरू किए गए इस नए सिस्टम का मुख्य उद्देश्य शुरूआती कीमतों के निर्धारण को अधिक व्यवस्थित और पारदर्शी बनाना है। इसके साथ ही, अंतिम क्षणों में होने वाले भारी उतार-चढ़ाव को भी कम किया जा सकेगा।
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