जवाहर नगर में फर्श तवे जैसी क्यों तप रही है? सतना के जवाहर नगर में एक घर की फर्श अचानक 50 डिग्री तक गर्म हो गई, जिससे इलाके में हड़कंप मच गया। बिजली फॉल्ट या गैस रिसाव की संभावना से इंकार किया गया है। भूगर्भीय और रासायनिक प्रतिक्रियाओं की जांच जारी है। क्या सल्फर है इस रहस्य का कारण? जानिए पूरे घटनाक्रम की विस्तृत रिपोर्ट।

सतना, स्टार समाचार वेब
रोजाना की तरह जवाहर नगर गली न. 3 निवासी पद्मा घरेलू काम काज में जुटी हुई थीं जबकि उनके पति शिवकुमार अंबेश सुबह उठकर अपनी दिनचर्या में जुटने की तैयारी कर रहे थे कि अचानक बरामदे में कदम रखते ही पद्मा चौंक गर्इं। उन्हें अहसास हुआ कि मानों उनके पैर फर्श में नहीं बल्कि गरम तवे में पड़ गए हों। एक बारगी तो उन्हें पांव के जलने का अहसास हुआ । सतर्क हुई पद्मा ने पति शिवकुमार को पूरी बात बताई । पहले तो उन्हें समझ ही नहीं आया कि अचानक बरामदे की सतह कैसे तपने लगी लेकिन जब फर्श पर उन्होने लगातार गरमी महसूस की तो उन्होने इसकी जानकारी जिला प्रशासन को दी, जिसके बाद रीवा से भू-वैज्ञानिकों की टीम एनडीआरएफ के साथ पहुंच गई। उधर घर के बरामदे की फर्श गरम होने की खबर आते ही आसपास के इलाके में हड़कंप मच गया और जानकारी पाकर जवाहर नगर गली नं. 3 में तमाशबीनों की भीड़ जमा हो गई। किसी ने इसका कारण भूगर्भीय गतिविधियों को बताया तो किसी ने धरती में मौजूद रसायनिक अभिक्रियाओं को इसके लिए जिम्मेदार ठहराया। इन कयासों के बीच पाल्यूशन व माइनिंग डिपार्टमेंट की टीम मौका स्थल के नमूने लेकर परीक्षण कर रही है। परीक्षण के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि आखिर बरामदे की फर्श के तवे सी क्यों तपनी लगी है?
कनेक्शन काटा फिर भी बनी रही तपन
मौके पर विशेषज्ञों ने फर्श का तापमान तकरीबन 50 डिग्री आंका । मौके पर अमित पटेल के नेतृत्व में पहुंची एसडीईआरएफ की टीम ने शिवकुमार के घर पहुंचकर मौकास्थल का मुआयना किया। इस दौरान यह संभावना भी जताई गई कि अंडरग्राउंड बिजली कनेक्शन की तारों के जलने पर भी फर्श का गरम होना संभव है। इसी आशंका के चलते दो घंटे तक बिजली बंद कर अंडरग्राउंड कनेक्शन भी जांचा गया, अर्थिंग की अंडरग्राउंड वायर भी चेक की गई , लेकिन बिजली बंद होने का कोई असर फर्श के तापमान पर नहीं पड़ा। बिजली में किसी फाल्ट की आशंका मिटने के बाद जब प्रदूषण नियंत्रण विभाग की टीम ने किसी ज्वलनशील गैस का रिसाव भी नहीं पाया तब उक्त स्थल पर गड्ढा खुदवाकर पानी भरवा दिया है ताकि धरती को शीतल किया जा सके। जाहिर है कि यदि इस जुगत से भी फर्श ठंडी न हुई तो आगे जांच का दायरा और बढ़ाया जाएगा।
अभी अनसुलझी है गुत्थी
बेशक एसडीआरएफ समेत विभिन्न विभागों की पहुंची टीम ने ओरियंटल इंश्योरेंस कंपनी में प्रशासनिक अधिकारी रहे सेवानिवृत्त शिवकुमार व उनके परिवार को आंशिक तौर पर राहत प्रदान कर दी हो लेकिन यह रहस्य अभी भी नहीं सुलझा है कि आखिर किन कारणों से उनके बरामदे की फर्श गरम हो रही है। मौके पर पहुंचे माइनिंग एक्सपर्ट व पाल्यूशन कंट्रोल बोर्ड के अधिकारियों ने जांच पड़ताल मिट्टी के नमूनों को जांच के लिए एकत्र किया गया है। परिजनों व प्रत्यक्षदर्शियों की मानें तो फर्श पर रखा पानी थोड़ी ही देर में भाप छोड़ने लगता है। माना जा रहा है कि एक्सपर्ट्स द्वारा लिए गए सैंपल की जांच पूर्ण होने पर ही फर्श के तपने की गुत्थी सुलझ सकेगी?
दूसरे कमरे में भी आंशिक आंच, सल्फर की संभावना
बरामदे के अलावा उसी से सटा एक और कमरा है जहां आंच महसूस की जा रही है जबकि दोनो फर्श के बीच 9 इंच मोटी दीवार है। इससे यह अंदाजा लगाया जा रहा है कि फर्श के तपने का कारण भूगर्भीय ही है जहां किसी रसायानिक अभिक्रिया से फर्श का तपना संभव हो सकता है। इस मामले में रसायन शास्त्री डा. प्रदीप मिश्र ने कहा कि फर्श के अचानक यूं तपने के पीछे की बड़ी वजह सल्फर की मौजूदगी हो सकती है।डा. मिश्र के अनुसार सल्फर आक्सीजन के साथ क्रिया कर कई प्रकार के आक्साइड बनाता है जो पानी से अभिक्रिया कर गर्म प्रवृत्ति के अम्ल बना लेता है। इस प्रक्रिया में प्रचुर मात्रा में उर्जा निकलती है जिससे फर्श तप जाती है। हालंकि डा. मिश्रा ने इसे केवल संभावना बताया है। असलियत तो प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड व खनिज विभाग के विशेषज्ञों द्वारा की जाने वाली जांच में ही सामने आ सकेगा कि आखिर फर्श के तपने के पीछे कौन सी गैस या रसायन है?
सूचना मिलने पर बोर्ड के एक्सपर्टस की टीम मौके पर भेजी गई थी। प्रथमदृष्टया मौके पर कोई हानिकारक गैस का रिसाव नहीं पाया गया है। फर्श क्यों गरम हुई इसकी पड़ताल नमूनों कीजांच कर की जाएगी ।
एसके झा, जिला अधिकारी, पाल्यूशन कंट्रोल बोर्ड
पाल्यूशन कंट्रोल बोर्ड की टीम के साथ हमारी टीम ने भी मौकास्थल की पड़ताल की है। मौके पर कोई हानिकारक गैस का रिसाव नहीं मिला है। फिलहाल पानी भरकर छोड़ दिया गया है। उम्मीद है कि इससे पुर्श की तपन कम हो जाएगी।
एचपी सिंह, जिला खनिज अधिकारी
जिस प्रकार का घटनाक्रम जवाहर नगर में सामने आया है, वह मौके पर सल्फर की मौजूदगी का द्योतक है। अमूमन सल्फर का आक्साइड पानी से रिएक्ट कर अम्लीकृत होने के दौरान ऐसा ताप पैदा करता है।
डा. प्रदीप मिश्र, रसायन शास्त्री


जबलपुर हाईकोर्ट का ऐतिहासिक फैसला, सरकारी कर्मचारियों को मिलेगा 100% वेतन और एरियर्स

जैतवारा से लेकर बारामाफी तक आक्रोश

खरमास 2025-2026: कब से कब तक रहेगा, जानें शुभ कार्यों की मनाही का कारण

ऑपरेशन सिंदूर...मुझे एक तस्वीर दिखा दो...जिसमें भारत का एक गिलास भी नहीं टूटा हो

लागू होंगे नए अवकाश नियम: CCL में वेतन कटौती, EL को 'अधिकार' नहीं मानेगा MP वित्त विभाग

MP College Admission 2026: ई-प्रवेश दूसरे चरण की अलॉटमेंट लिस्ट जारी, 13 जून तक जमा करें फीस

सुरक्षित और नेचुरल तरीके से बाल करना है काले तो अपनाएं ये उपाय

बची हुई चाय को दोबारा गर्म करके पीने क्या होगा, जानें इसके बारे में?

अगर 40 की उम्र कर ली है पार और रहना चाहते हैं तंदरुस्त तो अपनाएं ये आदतें

ठंडा पानी पीने और मीठा खाने पर दांतों में होती है झनझनाहट तो हो जाएं सावधान, नहीं तो हो सकती है बड़ी समस्या

ठंड में बढ़ जाती है डिहाइड्रेशन की समस्या, जानें क्या है कारण ?

तनाव से चाहिए है छुटकारा तो इन चीजों से करें तौबा, अपनाएं ये सलाह
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि प्रदेश अब डेटा सेंटर, सेमीकंडक्टर, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर (GCC) जैसे आधुनिक उद्योगों का नया गंतव्य बन चुका है।
दतिया उपचुनाव में सियासी पारा गर्म! बीजेपी सभा में भावुक हुए नरोत्तम मिश्रा ने आशुतोष तिवारी को जिताने का संकल्प लिया। कांग्रेस प्रत्याशी पर साधा निशाना। नामांकन की पूरी अपडेट यहाँ पढ़ें।
दतिया में टिकट को लेकर उपजी नाराजगी थमने का नाम नहीं ले रही है। भाजपा में बढ़े टकराव के बाद कांग्रेस में भी कलह शुरू हो गई है। इसका नजारा कांग्रेस प्रत्याशी के नामांकन दाखिल करते समय साफ दिखा। इससे पार्टी के टेंशन बढ़ गई है।
मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल से परिवार के साथ रतलाम लौट रहे शासकीय बाल चिकित्सालय के बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. मनीष सिंह की रतलाम-इंदौर फोरलेन पर हुए भीषण सड़क हादसे में मौत हो गई। हादसा रात करीब 3.30 बजे धराड़ के आगे टोल प्लाजा से पहले एक छोटी पुलिया के डिवाइडर पर हुआ। ड्राइवर को नींद में था।
मध्य प्रदेश के मुरैना जिले में अवैध उत्खनन और माफियाओं के बेखौफ परिवहन ने एक बार फिर खूनी खेल खेला है। माता बसैया थाना क्षेत्र के जीगनी के पास अवैध पत्थरों से भरी एक तेज रफ्तार ट्रैक्टर-ट्रॉली ने सामने से आ रहे सवारी आटो को कुचल दिया।
रीवा के सुपर स्पेशलिटी अस्पताल में ईसीजी रिपोर्ट प्रिंट करने के लिए कागज खत्म हो गया। मरीजों को मोबाइल में फोटो लेकर डॉक्टरों को रिपोर्ट दिखानी पड़ी, जबकि कई ग्रामीण और बुजुर्गों को भारी परेशानी उठानी पड़ी।
पन्ना के रैपुरा क्षेत्र में वर्षों से लंबित मड़वा घाट मार्ग के निर्माण की मांग तेज हो गई है। सड़क नहीं बनने से ग्रामीण, किसान और विद्यार्थी रोज 50-60 किलोमीटर अतिरिक्त सफर करने को मजबूर हैं।
मैहर के जगनगरा और पोड़िआ गांव के आदिवासियों ने 39 एकड़ जमीन पर कब्जे और रास्ता बंद करने के आरोप लगाते हुए मुंह में चारा दबाकर विरोध प्रदर्शन किया। प्रशासन से निष्पक्ष जांच की मांग उठी।
मैहर जिले के भड़रा गांव में 83 वर्षीय महिला का अंतिम संस्कार बारिश के बीच त्रिपाल लगाकर करना पड़ा। वीडियो वायरल होने के बाद मुक्तिधाम और टीन शेड जैसी बुनियादी सुविधाओं की मांग फिर तेज हुई।
सतना में आम 50 रुपये किलो तक सस्ता हुआ, लेकिन सेब, अनार और अन्य फलों की कीमतें ऊंची बनी हैं। बारिश से सप्लाई प्रभावित होने पर लोग अब बजट के अनुसार सीमित खरीदारी कर रहे हैं।