सतना-मैहर में दिव्यांग विद्यार्थियों के तीन सत्रों के आंकड़ों में 40 प्रतिशत बच्चों का आईक्यू स्तर कम पाया गया, जबकि वे सामान्य विद्यालयों में अध्ययन कर रहे हैं।

हाइलाइट्स:
सतना, स्टार समाचार वेब
यहां के दोनों जिलों के दिव्यांग विद्यार्थियों में से 40 प्रतिशत ऐसे विद्यार्थी हैं जिनकी बौद्धिक क्षमता (आई क्यू लेवल) कम है। यह पढ़ने सहित समझने, रहने और खाने वाली आदतों में भी कमजोर व्यवहार करते हैं। अब बड़ी बात तो यह है कि इन्हें उन विद्यालयों में पढ़ाया जा रहा है जहां सामान्य विद्यार्थी पढ़ रहे हैं। हालांकि तर्क है कि उन विद्यालयों के शिक्षकों को समय समय पर प्रशिक्षण दिया जाता है। जिला शिक्षा केन्द्र के नामांकन के आंकड़ों के तीन सत्रों का विश्लेषण करें तो कुल नामांकित दिव्यांग विद्यार्थियों का करीब-करीब 40 प्रतिशत विद्यार्थियों की बौद्धिक क्षमता कमजोर पाई गई है। यानि कि इनका आई क्यू लेवल कम है। चालू शैक्षणिक सत्र ने राहत दी है। इसमें 1 हजार 97 विद्यार्थी चिन्हित/ नामांकित हुए हैं। जबकि बीते सत्र में अपेक्षाकृत 4 सौ 72 विद्यार्थी ज्यादा थे। सत्र 2024-25 में इनकी संख्या 1 हजार 5 सौ 69 थी। यही नहीं सत्र 2023-24 में 1 हजार 5 सौ 62 थी। जबकि कुल दिव्यांग विद्यार्थियों की संख्या चालू सत्र में 2 हजार 6 सौ 85, सत्र 2024-25 में 3 हजार 4 सौ 40, सत्र 2023-24 में 3 हजार 6 सौ 17 विद्यार्थी दर्ज किए गए थे। इस हिसाब से देखा जाय तो चालू सत्र के करीब 40 फीसदी विद्यार्थी, 2024-24 के 45 फीसदी और 2023-24 के 43 फीसदी विद्यार्थी का आई क्यू स्तर कम पाया गया था।
यह भी पढ़ें: मध्यप्रदेश.. अंबेडकर का पोस्टर जलाने वाले वकील को मिली जमानत
सतना जिला में ज्यादा
दिव्यांग में से इंटेक्चुअल लर्निंग डिसएबेलिटी वाले विद्यार्थियों की संख्या सतना जिला में ज्यादा है। चाइल्ड विथ स्पेशल नीड के आंकड़ों के अनुसार सतना जिला में सत्र 2023-24 में 1 हजार 67 और मैहर में 4 सौ 95, सत्र 2024-25 में सतना में 1 हजार 79 और मैहर में 4 सौ 90 इसी तरह वर्तमान सत्र में सतना में 7 सौ 87 और मैहर में 3 सौ 10 विद्यार्थी बौद्धिक रूप से अक्षम हैं।
पांच एमआरसी हैं विशेषज्ञ
इंटेक्चुअल लर्निंग डिसएबेलिटी विद्यार्थियों के सही दिशा और ज्ञान कराने के लिए भी मध्यप्रदेश शासन काम कर रही है। इनके लिए कई विशेषज्ञ हैं। जानकारी के मुताबिक जिला में पांच एमआरसी इसी काम के लिए हैं इनमें रामनगर, रामपुर, सोहावल, उचेहरा, नागौद और सोहावल में एक एक एमआरसी को इंटेक्चुअल लर्निंग डिसएबेलिटी के लिए तैयार किया गया है। इसके अलावा समय समय पर विद्यालयों में काम कर रहे हैं उन्हें प्रशिक्षित किया जाता है।
यह भी पढ़ें: सिकमी सत्यापन अटका, किसानों का आक्रोश, सर्किट हाउस चौराहा जाम, प्रशासन बेबस बना रहा
ऐसे होती है पहचान
इंटेक्चुअल लर्निंग डिसएबेलिटी श्रेणी के विद्यार्थियों की पहचान करना अपने आप में कठिन कार्य है। लेकिन इन्हे पहचानने की जो बातें सामने आई हैं वह तीन तरह के इंटीकेटर हैं। आईईडी के प्रभारी रमाकांत तिवारी बताते हैं कि दिव्यांग विद्यार्थियों में से इंटेक्चुअल लर्निंग डिसएबेलिटी के विद्यार्थियों को पहचानने के लिए तीन बातें महत्वपूर्ण हैं। पहला उसका सामान्य विद्यार्थियों से विश्लेषण, दूसरा आईक्यू टेस्ट और तीसरा उसकी विकासात्मक रवैया। इन्हीं तीन बातों के माध्यम से इंटेक्चुअल लर्निंग डिसएबेलिटी के विद्यार्थियों की पहचान होती है।
6 साल से कम के आईडी बच्चों का आइक्यू टेस्ट नहीं होता है। जबकि क्लीनिकल साइकोलॉजिस्ट द्वारा किया जाता है। कुछ कॉमन स्केल होते है जिसके आधार पर जांच की जाती हैं।
डॉ . सुरभि श्रीवास्तव, पीडियॉट्रिक थेरेपिस्ट एंड चाइल्ड डेवेलॅपमेंट
रिपोर्ट: करन उपाध्याय

जबलपुर हाईकोर्ट का ऐतिहासिक फैसला, सरकारी कर्मचारियों को मिलेगा 100% वेतन और एरियर्स

खरमास 2025-2026: कब से कब तक रहेगा, जानें शुभ कार्यों की मनाही का कारण

ऑपरेशन सिंदूर...मुझे एक तस्वीर दिखा दो...जिसमें भारत का एक गिलास भी नहीं टूटा हो

लागू होंगे नए अवकाश नियम: CCL में वेतन कटौती, EL को 'अधिकार' नहीं मानेगा MP वित्त विभाग

आहत जनता को राहत...निचले स्तर पर आई थोक महंगाई

जैतवारा से लेकर बारामाफी तक आक्रोश

सुरक्षित और नेचुरल तरीके से बाल करना है काले तो अपनाएं ये उपाय

बची हुई चाय को दोबारा गर्म करके पीने क्या होगा, जानें इसके बारे में?

अगर 40 की उम्र कर ली है पार और रहना चाहते हैं तंदरुस्त तो अपनाएं ये आदतें

ठंडा पानी पीने और मीठा खाने पर दांतों में होती है झनझनाहट तो हो जाएं सावधान, नहीं तो हो सकती है बड़ी समस्या

ठंड में बढ़ जाती है डिहाइड्रेशन की समस्या, जानें क्या है कारण ?

तनाव से चाहिए है छुटकारा तो इन चीजों से करें तौबा, अपनाएं ये सलाह
हनुमान जयंती 2026 के अवसर पर आज मध्य प्रदेश के भोपाल में यातायात प्रभावित रहेगा. शाम 4 बजे से ट्रैफिक पूरी तरह से प्रभावित रहेगा. मध्य प्रदेश ट्रैफिक पुलिस ने भोपाल के लिए रूट डायवर्जन प्लान जारी किया है. घर से निकलने से पहले डायवर्टेड रूट के बारे में जरूर जान लें.
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने वाराणसी में काशी विश्वनाथ कॉरिडोर का भ्रमण किया। सिंहस्थ-2028 के लिए क्राउड मैनेजमेंट और सुशासन को लेकर MP-UP के बीच नई रणनीति तैयार।
रीवा-छत्रपति शिवाजी महाराज टर्मिनस एक्सप्रेस को नियमित करने की मंजूरी मिल गई है। चार साल से एक्सटेंशन पर चल रही ट्रेन जल्द नियमित होगी, जिससे यात्रियों को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है।
रीवा के लोही गांव में वृद्ध महिला की बेरहमी से हत्या कर सिर काटकर ले जाया गया। पुलिस ने सर्च में सिर बरामद किया, मामले की जांच जारी है और आरोपियों की तलाश की जा रही है।
रीवा में अमहिया रोड चौड़ीकरण से पहले प्रशासन सख्त हुआ। करीब 200 दुकानें प्रभावित हैं। दुकानदारों को स्वयं अतिक्रमण हटाने के निर्देश दिए गए, अन्यथा बुलडोजर कार्रवाई की चेतावनी दी गई है।
सिंगरौली के मुहेर गांव में नल-जल योजना विफल होने से ग्रामीण दूषित पानी पीने को मजबूर हैं। जल संकट गहराने से बीमारियों का खतरा बढ़ा, प्रशासन की अनदेखी पर लोगों में भारी आक्रोश है।
सिंगरौली के मुहेर गांव में नल-जल योजना विफल होने से ग्रामीण दूषित पानी पीने को मजबूर हैं। जल संकट गहराने से बीमारियों का खतरा बढ़ा, प्रशासन की अनदेखी पर लोगों में भारी आक्रोश है।
रामनगर सीएचसी में ब्लड स्टोरेज सेंटर का लाइसेंस खत्म होने से मरीजों को सतना तक 70 किमी जाना पड़ रहा है। संसाधनों की कमी से सुविधा शुरू नहीं हो सकी, जिससे गंभीर मरीजों को परेशानी हो रही है।
सतना के उचेहरा में मजदूरी मांगने पर अधेड़ की बेरहमी से हत्या कर दी गई। आरोप है कि पहले शराब पिलाई गई और फिर पीट-पीटकर घायल किया गया, जिसकी अस्पताल में मौत हो गई।
रीवा संभाग में गेहूं उत्पादन 4.19 लाख एमटी अनुमानित है। सतना और रीवा आगे हैं, जबकि मऊगंज और सिंगरौली पीछे। पंजीकृत किसानों में से केवल आधे ही समर्थन मूल्य पर उपज बेच पाएंगे।