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सभ्‍यताओं के संघर्ष एवं औदार्य की महागाथा पर केंद्रित महाभारत का शुभारंभ आज

सभ्‍यताओं के संघर्ष और मानवीय मूल्यों की अनूठी गाथा 'महाभारत' का विशेष आयोजन आज से शुरू। धर्म, नीति और औदार्य के इस महासंग्राम से जुड़े सांस्कृतिक और आध्यात्मिक पहलुओं की पूरी जानकारी।

By: Ajay Tiwari

Jan 16, 202611:27 AM

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सभ्‍यताओं के संघर्ष एवं औदार्य की महागाथा पर केंद्रित महाभारत का शुभारंभ आज

  • पहली बार महाभारत समागम का आयोजन भारत भवन में 16 से 24 जनवरी 2026 तक
भोपाल।स्टार समाचार वेब 
वैश्विक सभ्यताओं के संघर्ष और औदार्य की महागाथा महाभारत पर केन्द्रित देश का पहला और अब तक का सबसे बड़ा सांस्‍कृतिक आयोजन भोपाल के भारत भवन में आज यानी 16 जनवरी से शुरू होगा, जो 24 जनवरी 2026 तक चलेगा। यह मध्‍यप्रदेश शासन, संस्‍कृति विभाग अंतर्गत वीर भारत न्‍यास द्वारा आयोजित किया जा रहा है। इस समागम का शुभारंभ मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव करेंगे। इस नौ दिवसीय समागम में महाभारत के विभिन्‍न आयामों को लेकर नाटक, नृत्‍य-नाट्य, कठपुतली कार्यशाला, लोक एवं शास्‍त्रीय प्रस्‍तुतियाँ, अंतर्राष्‍ट्रीय फिल्‍म फेस्टिवल, इमर्सिव डोम थियेटर के माध्‍यम से युद्ध के खिलाफ शांति का संदेश दिया जायेगा। इस अवसर पर प्रदर्शनी- नेपथ्‍य, अस्‍त्र-शस्‍त्र, चक्रव्‍यूह एवं पताकाएँ, महाभारत आधारित चित्र प्रदर्शनी, भारतीय कठपुतली, श्रीकृष्‍ण पाथेय न्‍यास की पत्रिका एवं वेबसाइट तथा प्रकाशनों- सभ्‍यताओं की सॉंस (वैश्विक कविताओं का संकलन), भूली बिसरी सभ्‍यताएँ पुस्‍तकों का लोकार्पण भी होगा।
वीर भारत न्‍यास के न्‍यासी सचिव श्रीराम तिवारी ने बताया कि आज रूस, चीन, अमेरिका, यूक्रेन, ईरान, इराक, वेनेजुएला, क्‍यूबा, बांग्‍लोदश, नेपाल, श्रीलंका, पाकिस्‍तान सहित पूरी दुनिया युद्ध, हिंसा और टूटती सभ्यताओं की पीड़ा से गुजर रही है, ऐसे समय में महाभारत हमें आत्ममंथन और शांति का मार्ग दिखाता है। सभ्यताओं के संघर्ष और औदार्य की इस महागाथा में युद्ध की अनिवार्यता के साथ-साथ उसके दुष्परिणामों का भी गहन बोध है। न्‍यासी सचिव ने कहा कि वास्तव में श्रीकृष्ण ने महाभारत युद्ध को रोकने के लिए अपने जीवन के सर्वाधिक गंभीर और करुण प्रयास किए। उन्होंने बल नहीं, बल्कि संवाद को प्राथमिकता दी; अस्त्र नहीं, बल्कि विवेक को आगे रखा। शांति-दूत बनकर वे हस्तिनापुर गए और कौरवों से केवल पाँच गाँव माँगकर यह सिद्ध किया कि धर्म का मार्ग त्याग और सहमति से होकर जाता है। श्रीकृष्ण का संदेश आज के समय में और भी प्रासंगिक है। वे सिखाते हैं कि युद्ध कभी पहली पसंद नहीं होनी चाहिए, और जब संघर्ष अनिवार्य हो जाए, तब भी उसका उद्देश्य विनाश नहीं, बल्कि न्याय और लोककल्याण होना चाहिए। महाभारत में श्रीकृष्ण का प्रयास मानवता के लिए शांति, संवाद और विवेक की अमर सीख है। उन्‍होंने बताया कि महाभारत युद्ध में 185 से अधिक जनजातियाँ शामिल थीं। वीर भारत न्यास द्वारा आयोजित यह आयोजन महाभारत को केवल युद्ध कथा के रूप में नहीं, बल्कि शांति, करुणा और सभ्यतागत विवेक के महाकाव्य के रूप में प्रस्तुत करेगा।

इन देशों के रंग समूह देंगे प्रस्‍तुति
न्‍यासी सचिव ने कहा कि वैश्विक सभ्यताओं का इतिहास संघर्ष और औदार्य की साझा गाथा है। संघर्ष ने उन्हें दृढ़ता, साहस और पहचान दी, जबकि औदार्य ने सहअस्तित्व, करुणा और संवाद सिखाया। टकराव के बीच भी संस्कृतियाँ एक-दूसरे से सीखती रहीं और मानवता को आगे बढ़ाया। इसी उद्देश्‍य से भारत के साथ इंडोनेशिया, श्रीलंका, जापान के प्रतिष्ठित नाट्य समूह अपनी-अपनी प्रस्‍तुतियाँ देंगे। श्रीराम तिवारी ने कहा कि वीर भारत न्‍यास के उद्देश्‍यों के अनुरूप आने वाले वर्षों में इस समागम को राष्‍ट्रीय और अंतर्राष्‍ट्रीय विस्‍तार किया जायेगा। 
श्रीमद्भगवद्गीता ज्ञान प्रतियोगिता के विजेताओं का सम्‍मान
वीर भारत न्‍यास द्वारा आयोजित श्रीमद्भगवद्गीता ज्ञान प्रतियोगिता का प्रथम पुरस्‍कार रायसेन की दीक्षा सिंह एवं भोपाल की हिमांशी मिश्रा एक लाख का पुरस्‍कार, द्वितीय पुरस्‍कार ग्‍वालियर के भुवनेश कैन 51 हजार का पुरस्‍कार तथा तृतीय पुरस्‍कार के तीन विजेताओं- ग्‍वालियर की मान्‍या भटनागर, छिंदवाड़ा के गोविंद सिंह एवं हरदा के कार्तिक 21 हजार का पुरस्‍कार से सम्‍मानित किया जायेगा। 
लैपटाप : र्पिाणर्ञ दिवी गुप्‍ता, पार्थ चौरसिया, समीर अहिरवार, सक्षम अग्रवाल, अनुभव द्विवेदी, हरीप्रिया द्विवेदी, नील साहू, समर कुशवाहा, आनंद कुमार, सोम्‍या तिवारी, कालीचरण कुशवाहा, ओम निहाल, केशरवानी, अभिषेक पाठक, इशान, कृष्‍णा कुंवर को सम्‍मान स्‍वरूप लैपटॉप भेंट किए जाएंगे।
ई-रिक्‍शा: सावी जैन, वासू चौबे, नितेश पाण्‍डे, सिमरन चौकसे, नरेन्‍द्र गुप्‍ता, मुकुल राव, पृथक सक्‍सेना, दिनेश, बालकृष्‍ण शर्मा, मयंक, अशोक, पूनमचंद, लालबहादुर यादव, अशोक चौधरी, राजेन्‍द्र, वृजेन्‍द्र प्रताप सिंह, सरमन, रियाज खान, नितिन अलियास भूरा व फकीर चंद को सम्‍मान स्‍वरूप रिक्‍शा प्रदान किया जायेगा। 
ई-बाइक : अजय कुमार सिंह, कृष्‍णा जाटव, सत्‍यम कुमार पनिका, सविता नामदेव, धनंजय मेहरा, विपिन साकेत, कान्‍हा रावत, राधे डावर, परमानंद तुरकर, श्रीकांत, नारायण सिंह चौहान, आरोही मिस्‍त्री, जयेश परमार, धनुश्री मीना, धनश्‍याम मालवीय, अनूप कुमार सिंह, सुनीता अगरिया, तुषार विजयवर्गीय, रणवीर सिंह, नितीश कुमार, सुभम कुमार झा, अर्पिता नेमा, श्‍याम कुमार सक्‍सेना, प्रियांशु उइके, अतुल साहू, आलोक गुप्‍ता, आस्‍था मिश्रा, पवन यादव, आर्यन गौर, चन्‍द्रशेखर राठौर को सम्‍मान स्‍वरूप ई-बाइक प्रदान की जायेगी।
विशेष पुरस्‍कार: नारायण, राजेश, लोकेन्‍द्र शर्मा, प्रहलाद चौहान, शिवचरण, लल्‍लू लाल, पवन, प्रतिपाल, रघुवीर, सुनील तिवारी, निर्भय गुप्‍ता, अक्षय, रामचंद दहायत, अंकित(रूपेश), शुभम विश्‍वकर्मा, शिशुपाल सिंह, नंदलाल को 11000 रूपये के विशेष पुरस्‍कार से सम्मानित किया जाएगा। 
 

नौ दिवसीय कार्यक्रम

16 जनवरी 2026 | सायं 07:30 बजे, भारत भवन परिसर शुभारंभ प्रस्तुति

कर्मचक्र की गाथा
निर्देशनः पियाल भट्टाचार्य - मैत्रेयी पहाड़ी
कर्ण - नाट्य प्रस्तुति, इण्डोनेशिया
लोकार्पण
श्रीकृष्ण पाथेय न्यास की पत्रिका एवं वेबसाइट
सभ्यताओं की साँस- वैश्विक कविताओं का संकलन
भूली बिसरी सभ्‍याएँ
इमर्सिव डोम थियेटर
महाभारत पर केन्द्रित फ़िल्म का प्रदर्शन
16-18 जनवरी 2026
अमर्त्य लोक टेल्स, मुम्बई
17 जनवरी 2026
पूर्वरंग | सायं 05:00 बजे
दु:शासन वध -  कथकली नृत्य शैली
निर्देशक- कल्याण कृष्ण नायर,
द इंटरनेशनल सेंटर फॉर कथकली, नई दिल्ली
अंतरंग | सायं 06:00 बजे
उर्वशी- नृत्य नाट्य प्रस्तुति
निर्देशक- टिकेन सिंह, इम्फाल, मणिपुर
प्रोगेसिव आर्टिस्ट लेबोरेटरी, इम्फाल
शिखंडी- नाट्य प्रस्तुति
निर्देशक – हिमांशु श्रीवास्तव
नाट्य चित्रा आर्ट कंपनी, दिल्ली
बहिरंग | सायं 07:30 बजे
पांचाली - संगीत नाट्य प्रस्तुति
अरियारत्ने कालूराच्ची
ए.के. फोक आर्ट रिसर्च सेंटर, कोलंबो, श्रीलंका
18 जनवरी 2026
पूर्वरंग | सायं 05:00 बजे
उरुभंगम्- सराईकेला छाऊ नृत्य शैली
निर्देशक - पद्मश्री राजातेंदू रथ
रजतेन्दु कला निकेतन, सराईकेला
अंतरंग | सायं 06:00 बजे
मोहे पिया - मध्यम व्यायोग
संस्कृत नाटक आधारित प्रस्तुति
निर्देशक- वामन केन्द्रे, रंगपीठ थियेटर, मुंबई
बहिरंग | सायं 07:30 बजे
नेत्रट- नृत्य नाटिका
निर्देशक - मैत्रेयी पहाड़ी
लोकछंदा, नई दिल्ली
19 जनवरी 2026
पूर्वरंग | सायं 05:00 बजे
कर्ण वध
मयूरभंज छाऊ नृत्य शैली
निर्देशक - आदित्य प्रताप दास एवं दल
अंतरंग | सायं 06:00 बजे
कनुप्रिया- नाट्य प्रस्तुति  
निर्देशक – रतन थियाम, थवाई थियाम
कोरस रिपेट्री थिएटर, इम्फाल, मणिपुर
बहिरंग | सायं 07:30 बजे
सभ्यताओं के संघर्ष एवं औदार्य पर एकाग्र विमर्श, विश्व कविता का पुनर्पाठ
आमंत्रित विद्वजन- डॉ. चन्द्रप्रकाश द्विवेदी, डॉ. सीताराम दुबे, डॉ. शिवाकांत वाजपेयी, वसंत शिंदे, दीपाली पडवाडकर, विजय मनोहर तिवारी, राजेंद्र गुप्त, जयंत देशमुख, लिलेट दुबे, स्वप्निल कोठारी, डॉ. प्रीति सलूजा, संयोजन- ब्रजेश राजपूत, आनंद पांडे
20 जनवरी 2026
पूर्वरंग | सायं 05:00 बजे
अभिमन्यु वध
पुरुलिया छाऊ
निर्देशक - साधु चरण महतो
अंतरंग | सायं 06:00 बजे
अंधायुग - नाट्य प्रस्तुति
निर्देशक- जॉय,
ट्रेजर आर्ट एसोशियसन मणिपुर, नई दिल्ली
बहिरंग | सायं 07:30 बजे
जय - संगीत नाट्य प्रस्तुति
निर्देशक-लिलैट दुबे,
द प्राइमटाइम थियेटर कंपनी, मुंबई
21 जनवरी 2026
पूर्वरंग | सायं 05:00 बजे
हवेली संगीत
सांगीतिक प्रस्तुति
विनय, अनुजा, पुणे
अंतरंग | सायं 06:00 बजे
कर्णभारम्-  नाट्य प्रस्तुति  
निर्देशक – के.एन. पणिक्कर
सोपानम्, केरल
बहिरंग | सायं 07:30 बजे
कृष्णा फायर टू फ्रॉस्ट- नृत्य नाटिका
निर्देशक-निरूपमा राजेन्द्र,
अभिनव डांस कम्पनी, बेंगलुरू
22 जनवरी 2026
पूर्वरंग | सायं 05:00 बजे
पंडवानी
रितु वर्मा
छत्तीसगढ़
अंतरंग | सायं 06:00 बजे
सौगंधिका हरणम् -नाट्य प्रस्तुति
निर्देशक- पियाल भट्टाचार्य,
चिदाकाश कलालय,कोलकाता
बहिरंग | सायं 07:30 बजे
महाभारत
निर्देशक- अनुरूपा राय,
कठकथा पपेट आर्ट्स ट्रस्ट, नई दिल्ली
23 जनवरी 2026
पूर्वरंग | सायं 05:00 बजे
यक्षगान
निर्देशक - पृथ्वीराज क्वाथर
उडुपी, कर्नाटक
अंतरंग | सायं 06:00 बजे
द्रौपदी -ओडिसी नृत्य नाटिका
निर्देशक – निवेदिता महापात्रा
ओडिसी नाट्य बेले सेंटर, दिल्ली
महाभारत -नाट्क प्रस्तुति
निर्देशक- हिरोशी कोइके,
हिरोशी कोइके ब्रिज कंपनी,जापान
बहिरंग | सायं 07:30 बजे
मृत्युंजय - नाट्य प्रस्तुति
निर्देशक-जयंत देशमुख,
एकरंग, मुंबई
24 जनवरी 2026
पूर्वरंग | सायं 05:00 बजे
अभिमन्यु वध -मयूरभंज छाऊ
निर्देशक - शुभश्री मुखर्जी, भुवनेश्वर
अंतरंग | सायं 06:00 बजे
चित्रांगदा- कुचिपुड़ी नृत्य नाटिका
निर्देशक - अमृता लहरी, दिल्ली
महाभारत -नाट्क प्रस्तुति
निर्देशक- हिरोशी कोइके,
हिरोशी कोइके ब्रिज कंपनी,जापान
बहिरंग | सायं 07:30 बजे
अठ्ठारह दिन
नृत्य नाट्य प्रस्तुति
निर्देशक- भरत प्रभात
प्रभात आर्ट्स इंटरनेशनल, बैगलूरू
अंतर्राष्ट्रीय फिल्म समारोह
सभ्यताओं के संघर्ष पर एकाग्र 10 फिल्मों का प्रदर्शन
17-21 जनवरी 2026 | प्रातः 11:०० से सायं 6.00 बजे |  अभिरंग, भारत भवन
कठपुतली समारोह
अभिरंग, भारत भवन, प्रातः 11.00 से 3.00 बजे
22 -24 जनवरी 2026

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