महाराष्ट्र महानगरपालिका चुनाव के नतीजों में भाजपा की प्रचंड जीत। मुंबई बीएमसी में उद्धव और राज ठाकरे का गठबंधन फेल, शिंदे-भाजपा ने लहराया जीत का परचम।
By: Ajay Tiwari
Jan 16, 20263:49 PM
मुंबई: स्टार समाचार वेब
महाराष्ट्र की शहरी राजनीति में आज एक बड़ा ऐतिहासिक बदलाव देखने को मिल रहा है। राज्य की 29 महानगरपालिकाओं के लिए हो रही मतगणना के रुझानों ने यह स्पष्ट कर दिया है कि पूरे सूबे में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना की जबरदस्त लहर है। भाजपा गठबंधन ने न केवल विदर्भ और उत्तर महाराष्ट्र में अपनी पकड़ मजबूत की है, बल्कि विपक्षी गढ़ों में भी बड़ी सेंधमारी की है। ताजा आंकड़ों के अनुसार, 29 में से 23 नगर निगमों में भाजपा सबसे बड़ी शक्ति बनकर उभरी है।
सबसे चौंकाने वाले और महत्वपूर्ण नतीजे एशिया की सबसे अमीर महानगरपालिका, बीएमसी (BMC) से आ रहे हैं। दशकों तक मुंबई पर राज करने वाले उद्धव ठाकरे और राज ठाकरे के गठबंधन को जनता ने नकार दिया है। बीएमसी की 227 सीटों में से भाजपा और एकनाथ शिंदे की शिवसेना का गठबंधन बहुमत के जादुई आंकड़े (114) के बेहद करीब पहुंच गया है। ताज़ा जानकारी के अनुसार, यह गठबंधन 110 से अधिक सीटों पर बढ़त बनाए हुए है, जो 'ठाकरे ब्रांड' के लिए एक बड़ा राजनीतिक झटका माना जा रहा है।
रुझानों के मुताबिक, पुणे, नवी मुंबई, नागपुर, नासिक, संभाजीनगर, और कोल्हापुर जैसे प्रमुख शहरों में भाजपा गठबंधन ने एकतरफा बढ़त बना ली है। जलगांव, नांदेड, सोलापुर और जालना में भी विपक्षी दल दौड़ से बाहर नजर आ रहे हैं। विदर्भ के अकोला और अमरावती में भी 'कमल' का दबदबा कायम है। मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे और भाजपा के रणनीतिक तालमेल ने राज्य की शहरी राजनीति की पूरी तस्वीर बदल कर रख दी है।
इन चुनावों में पहली बार उद्धव ठाकरे और राज ठाकरे एक साथ नजर आए थे, लेकिन मुंबई और ठाणे जैसे इलाकों में भी यह 'इमोशनल कार्ड' काम नहीं आया। मतदाताओं ने विकास और केंद्र-राज्य के डबल इंजन वाली सरकार पर भरोसा जताया है। भाजपा ने करीब 18 नगर निगमों में शिंदे की शिवसेना के साथ मिलकर चुनाव लड़ा था, जिसका सीधा फायदा उन्हें जमीनी स्तर पर मिलता दिख रहा है।
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