चित्रकूट में भारी बारिश से मंदाकिनी नदी का जलस्तर अचानक 5 फीट तक बढ़ा, नावें बह गईं और दुकानों में घुसा पानी। प्रशासन अलर्ट पर, प्रमोद वन और सीएम आश्रय स्थल में राहत शिविर तैयार। नाविकों की रोज़ी-रोटी पर संकट, मुआवज़े की मांग। रसूखदारों के अतिक्रमण भी हटाए गए। जानिए पूरी ग्राउंड रिपोर्ट।

हाइलाइट्स
सतना, स्टार समाचार वेब
शनिवार से जारी बारिश ने धर्मनगरी चित्रकूट से प्रवाहित होने वाली मंदाकिनी के जल प्रवाह को उग्र कर दिया है। नदी का जलस्तर तकरीबन 5 फीट तक बढ़ जाने के कारण परम पुण्य सलिला के किनारे रह रहे वाशिंदों को खासा नुकसान उठाना पड़ा है। विशेषज्ञों के अनुसार, गंगा और यमुना में बाढ़ के कारण मंदाकिनी नदी का जल बहाव रुकने से पानी पीछे की ओर भर रहा है। रविवार की सुबह मंदाकिनी का प्रवाह अचानक इतना तेज हुआ कि नावें बह गर्इं और दुकानों व मकानों में पानी घुस गया। रविवार कीसुबह तकरीबन 3बजे से मंदाकिनी नदी के जलस्तर में उछाल आ गया और तटबंध तोड़कर नदी का पानी दुकानों में घुसने लगा। यदि जलस्तर इसी रफ्तार से बढ़ता रहा, तो यह इस मानसूनी सीजन में चौथी बार होगा जब मंदाकिनी नदी उफान पर होगी। घाटों के ऊपर तक पानी पहुंचने की स्थिति में तीर्थयात्रियों और स्थानीय नागरिकों की सुरक्षा एक बार फिर चुनौती बन सकती है। स्थानीय प्रशासन और नगर परिषद ने नागरिकों से अपील की है कि वे अनावश्यक रूप से नदी किनारे ना जाएं और किसी भी आपात स्थिति में कंट्रोल रूम (बाढ़ राहत केंद्र) से संपर्क करें।
प्रशासन सतर्क, हटाए अतिक्रमण, राहत सामग्री की व्यवस्था में जुटा
नदी के बढ़ते जलस्तर को देखते हुए नगर परिषद पूरी तरह अलर्ट मोड में है। पर्यटक बंगला के सामने स्थित मेला कंट्रोल रूम को ही बाढ़ राहत कंट्रोल रूम के रूप में सक्रिय कर दिया गया है, जहां नगर परिषद के कर्मचारी चौबीस घंटे ड्यूटी पर तैनात कर दिए गए हैं। इसके अलावा प्रमोद वन में आश्रय स्थल बनाया गया है ताकि बाढ़ के हालात आने परनदी किनारे बसे लोगों को आश्रय स्थल में सुरक्षित रखा जा सके। यहां रसोई की व्यवस्था भी आश्रय पाने वालों के लिए की गई है। इसके अलावा परिक्रमा मार्ग स्थ्ति मुख्यमंत्री आश्रय स्थल को भी तैयार रहने के लिए कहा गया है। बाढ़ की संभावित स्थिति को देखते हुए आवश्यक संसाधन, नावें और राहत सामग्री की भी व्यवस्था की जा रही है। उधर रविवार को नगर परिषद ने जलभराव वाले स्थलों से अतिक्रमण हटाए ताकि पानी का भराव न हो सके। श्रद्धालुओं के लिए प्रशासन ने अस्थाई राहत शिविरों की तैयारी शुरू कर दी है। एसडीएम अयोध्या प्रसाद द्विवेदी ने बताया कि हालात अभी चिंताजनक तो नहीं है लेकिन जल स्तर को देखते हुए रामघाट, भरत घाट व जानकी कुंड जाने से बचने की सलाह दी गई है। साथ ही आवश्यक न हो तो नदी किनारे न जाने की अपील की गई है।
बेबस शिंकू पर टूटी आफत, नाविकों को मदद की दरकार
मंदाकिनी नदी आस्था का प्रतीक तो है ही , साथ ही चित्रकूट के तकरीबन 2 सौ नाविक परिवारों की रोजी रोटी का जरिया भी है, लेकिन इस बार मंदाकिनी नदी के तीव्र जलप्रवाह ने यहां के कई नाविकों व दुकानदारों के समक्ष रोजी-रोटी का संकट खड़ा कर दिया है। ऐसे ही नाविकों में एक श्ािंकू निषाद है जो अपनी तीन नावों को मंदाकिनी में उतारकर अपने परिवार की आजीविका चलाता है। बताया जाता है कि मंदाकिनी में आई बाढ़ में उसकी तीनों नांव बह गर्इं। इतना ही नहीं बल्कि उसकी पत्नी पूजा निषाद द्वारा संचालित दुकान में भी पानी भर गया जिससे अब परिवार के आगे रोजी-रोटी का संकट खड़ा हो गया है। शिंकू निषाद प्राकृतिक आपदा से खडेÞ हुए रोजी रोटी के संकट के चलते मुआवजा का आवेदन लेकर नगर पंचायत गया मगर उसका आवेदन ही स्वीकार नहीं किया गया। शिंकू ने स्थाानीय अधिकारियों का ध्यान आकृष्ट कराते हुए मांग की है कि उसे प्राकृतिक आपदा का मुआवजा दिलाया जाय ताकि वह अपने परिवार का भरण पोषण कर सके। शिंकू के परिवार पर बाढ़ की यह दोहरी मार है। इसके पूर्व 12 जुलाई को उसके ससुर नत्थू प्रसाद भी बाढ़ का शिकार बनकर काल के गाल में समा चुके हैं। शिंकू अकेला नाविक नहीं है जिसका नुकसान हुआ है बल्कि राजन निषद, रोहित निषाद, बच्चीलाल निषाद, विनोद निषाद, शिवचरण यादव समेत कई नाविक हैं जिनकी नावों को मंदाकिनी के प्रबल प्रवाह ने क्षतिग्रस्त कर दिया है। इसी प्रकार कई दुकानों में पानी भरने से संध्या त्रिपाठी, पूजा निषाद जैसे कई दुकानदारों को नुकसान उठाना पड़ा है। हालंकि प्रशासन का कहना है कि सर्वे किया गया है । जल्द ही आपदा राहत राशि भी मिलेगी।
धर्म नगरी में हटाए गए रसूखदारों के अतिक्रमण
सड़क चौड़ीकरण और सौंदर्यीकरण के चल रहे काम के बीच मोहकमगढ़ तिराहा से लेकर मुख्य मार्ग तक उन लोगों के अतिक्रमण हटाए गए जिन्हें पूर्व में अतिक्रमण हटाने के निर्देश हुए थे। इस दौरान मुख्य मार्ग के बीच से 34.06 फिट तक सड़क किनारे के अतिक्रमणों को हटाने की योजना तैयार की गई है और इसी के तहत रविवार को अतिक्रमण हटाए गए। अतिक्रमण कार्रवाई के दौरान भाजपा नेता चन्द्रकमल त्रिपाठी के अलावा अन्य उन लोगों के अतिक्रमण हटाए गए जो परिधि में आ रहे थे।
मंदाकिनी में बढ़ते जलस्तर पर हमारी नजर है। जिन दुकानों में पानी भरता है उन्हें खाली करने के निर्देश दिए गए हैं। घाटों को लेकर हम सतर्क है तथा लोगों को भी सतर्क किया गया है। लोगों को अनावश्यक तौर पर नदी के किनारे न जाने की सलाह दी गई है।
एपी द्विवेदी, एसडीएम
हम पूरी तरह सतर्कता बरत रहे हैं, हालंकि जल स्तर अभी चिंताजनक नहीं है। बावजूद इसके प्रमोद वन में आश्रय स्थल तैयार किया गया है। परिक्रमा मार्ग में भी सीएम आश्रय स्थल तैयार है। जहां तक दुकानदारों के नुकसान का सवाल है तो राजस्व विभाग द्वारा सर्वे किया गया है।
साधना पटेल, नगर पंचायत अध्यक्ष


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