मध्यप्रदेश भाजपा की कमान किसके हाथ होगी, यह तय हो गया है। वे लंबी पारी खेल चुके विष्णु दत्त शर्मा की जगह लेंगे। खंडेलवाल के नाम की घोषणा होना बाकी है।

भोपाल. स्टार समाचार वेब.
मध्यप्रदेश भाजपा की कमान किसके हाथ होगी, यह तय हो गया है। हेमंत खंडेलवाल लंबी पारी खेल चुके विष्णु दत्त शर्मा की जगह लेंगे। बुधवार को उनके नाम का औपचारिक ऐलान होगा।
मंगलवार को भाजपा कार्यालय में नामांकन प्रक्रिया के दौरान मुख्यमंत्री मोहन यादव ने स्वयं हेमंत खंडेलवाल का नामांकन पत्र प्रदेश चुनाव प्रभारी धर्मेंद्र प्रधान और चुनाव अधिकारी विवेक नारायण सेजवलकर को केंद्रीय मंत्री सरोज पांडे की उपस्थिति में सौंपा। वर्तमान प्रदेश भाजपा अध्यक्ष वीडी शर्मा ने भी हेमंत खंडेलवाल के पक्ष में नामांकन पत्र प्रस्तुत किया, जो उनके चयन को और पुख्ता करता है।

वरिष्ठ नेताओं का मिला समर्थन
हेमंत खंडेलवाल को पार्टी के कई वरिष्ठ नेताओं का प्रबल समर्थन मिला। केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान, वीरेंद्र कुमार खटीक और उपमुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा ने भी उनके पक्ष में नामांकन पत्र दिया। इनके अलावा, राजेंद्र शुक्ला, केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया, मंत्री प्रहलाद पटेल, और राकेश सिंह ने भी खंडेलवाल के समर्थन में पत्र प्रस्तुत किए। यशपाल सिसोदिया ने भी नामांकन का प्रस्ताव दिया।
नामांकन प्रक्रिया और आगामी कदम
चुनाव प्रभारी धर्मेंद्र प्रधान ने हेमंत खंडेलवाल के अलावा किसी अन्य नाम के प्रस्ताव के लिए 10 मिनट का समय दिया, लेकिन कोई और नाम सामने नहीं आया। इसके बाद, राष्ट्रीय परिषद के नामांकन पत्र आमंत्रित किए गए।
हेमंत खंडेलवाल के समर्थन में
हेमंत खंडेलवाल के समर्थन में नामांकन पत्र देने वाले प्रमुख नेताओं में मुख्यमंत्री मोहन यादव, विष्णुदत्त शर्मा, शिवराज सिंह चौहान, ज्योतिरादित्य सिंधिया, विरेंद्र खटीक, राजेंद्र शुक्ल, जगदीश देवड़ा, प्रहलाद पटेल, राकेश सिंह, सावित्री ठाकुर, दुर्गादास उईके, फग्गन सिंह कुलस्ते, लाल सिंह आर्य, ओम प्रकाश धुर्वे, सत्यानरण जटिया, जयभान सिंह पवैया, जयंत मलैया, हिमाद्रि सिंह, भारती पराधी, इंदर सिंह परमार, सुधीर गुप्ता, नीना वर्मा, गणेश सिंह, कांत देव सिंह, गोपाल भार्गव, डा नरोत्तम मिश्रा, योगेश ताम्रकार, ब्रहेंद प्रताप सिंह, आलोक संजर, गौतम टेटवाल, कुंवर टैकम, गौरी शंकर बिसेन, उमा शंकर गुप्ता, कमल पटेल, ब्रजेंद्र पटेल, अर्चना चिटनीस, और सुमेर सोलंकी कविता पाटीदार शामिल हैं।
कौन हैं हेमंत खंडेलवाल?
हेमंत खंडेलवाल की राजनीतिक पृष्ठभूमि काफी मजबूत मानी जाती है। उन्होंने साल 2007 में पहली बार बैतूल से लोकसभा उपचुनाव में जीत दर्ज की थी। इसके बाद, साल 2013 और 2023 में भी उन्होंने विधायक के रूप में जीत हासिल की। हेमंत खंडेलवाल के पिता, विजय खंडेलवाल, भाजपा के एक वरिष्ठ नेता रहे हैं, जिससे संगठन से उनका जुड़ाव काफी पुराना है।
आरएसएस से नजदीकियां
हेमंत खंडेलवाल को राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के वरिष्ठ पदाधिकारी सुरेश सोनी का करीबी माना जाता है। सूत्रों की मानें तो दिल्ली में हुई अंतिम चरण की चर्चा में सुरेश सोनी और मुख्यमंत्री मोहन यादव ने हेमंत खंडेलवाल के नाम की जोरदार पैरवी की थी।

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