मध्यप्रदेश बना देश का पहला राज्य जहाँ 75+ सेवाओं का होगा सायबर पंजीयन। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने पेपरलेस और कैशलेस सुशासन के लिए सायबर पंजीयन कार्यालय का उद्घाटन किया।
By: Ajay Tiwari
Feb 16, 20265:41 PM
भोपाल:
मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने सोमवार को प्रदेशवासियों को तकनीक आधारित सुशासन की एक बड़ी सौगात दी। राजधानी के पंजीयन भवन में आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने 'सायबर पंजीयन कार्यालय' का शुभारंभ किया। इसके साथ ही मध्यप्रदेश देश का ऐसा पहला राज्य बन गया है, जहाँ मुख्तयारनामा, हलफनामा और माइनिंग लीज जैसी 75 से अधिक सेवाओं के लिए दफ्तरों के चक्कर लगाने की जरूरत नहीं होगी।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विजन के अनुरूप राज्य सरकार पारदर्शिता और तत्परता पर ध्यान केंद्रित कर रही है। उन्होंने बताया कि संपदा 2.0 के माध्यम से सायबर पंजीयन की शुरुआत पर्यावरण संरक्षण की दिशा में भी एक बड़ा कदम है, क्योंकि यह पूरी प्रक्रिया पेपरलेस और कैशलेस है।

75 से अधिक सेवाएं ऑनलाइन: अब पावर ऑफ अटार्नी, पार्टनरशिप डीड, और लोन जैसे महत्वपूर्ण दस्तावेजों का पंजीयन डिजिटल माध्यम से होगा।
वीडियो केवाईसी की सुविधा: जनता को अब पंजीयन कार्यालय आने की आवश्यकता नहीं है; वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए पहचान का सत्यापन (KYC) पूरा किया जा सकेगा।
समय और धन की बचत: हाउसिंग बोर्ड और विकास प्राधिकरण के दस्तावेजों के लिए भी अब कतारों में नहीं लगना होगा, जिससे नागरिकों के समय और पैसे दोनों की बचत होगी।
स्वर्ण पुरस्कार से सम्मानित: डॉ. यादव ने गर्व के साथ बताया कि संपदा 2.0 मॉडल को इसके नवाचार के लिए वर्ष 2025 का राष्ट्रीय ई-गवर्नेंस स्वर्ण पुरस्कार प्राप्त हो चुका है।
प्रदेश के सभी 55 जिलों में सायबर तहसील परियोजना को सफलतापूर्वक लागू कर दिया गया है। उप मुख्यमंत्री श्री जगदीश देवड़ा ने बताया कि संपदा 2.0 का सफल पायलट प्रोजेक्ट पहले गुना, हरदा, रतलाम और डिण्डौरी में चलाया गया था। पंजीयन प्रक्रिया को त्रुटिहीन बनाने के लिए राज्य के 14 लाख कर्मचारियों को विशेष प्रशिक्षण भी दिया गया है।
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि इस नई तकनीक का उपयोग कर स्वस्थ प्रतिस्पर्धा के साथ वित्तीय लक्ष्यों को पूरा करें और जनता को अधिकतम सुविधा पहुँचाएँ।