रतलाम पुलिस ने जावरा और ताल क्षेत्रों में महिलाओं से लूटपाट करने वाले गिरोह का खुलासा किया। सीसीटीवी और साइबर सेल की मदद से भोपाल से 4 आरोपी गिरफ्तार।
By: Ajay Tiwari
Feb 16, 20266:36 PM
रतलाम। स्टार समाचार वेब
मध्य प्रदेश के रतलाम, आगर-मालवा और राजगढ़ जिलों में महिलाओं के बीच खौफ का पर्याय बन चुके एक शातिर चेन स्नैचिंग गिरोह का रतलाम पुलिस ने पर्दाफाश कर दिया है। पुलिस ने गिरोह के चार सदस्यों को गिरफ्तार किया है, जो तेज रफ्तार पल्सर बाइक पर सवार होकर सूने रास्तों और बाजारों में महिलाओं को अपना निशाना बनाते थे।
एसपी अमित कुमार के अनुसार, इस गिरोह ने फरवरी के पहले सप्ताह में लूट की वारदातों कई वारदातों को अंजाम दिया। 5 फरवरी जावरा थाना क्षेत्र में लूट की। 6 फरवरी ताल, आलोट और बड़ोद में सिलसिलेवार वारदातें की और 7 फरवरी सुसनेर (आगर-मालवा) और जीरापुर (राजगढ़) में मंगलसूत्र और मोबाइल स्नैचिंग की। यह गिरोह इतनी तेजी से वारदातों को अंजाम देता था कि पीड़ित महिलाओं को संभलने का मौका तक नहीं मिलता था।
लगातार हो रही वारदातों के चलते एएसपी विवेक कुमार के नेतृत्व में एक विशेष टीम गठित की गई। टीम ने तकनीकी और पारंपरिक पुलिसिंग का बेहतरीन तालमेल दिखाया। टीम ने घटनास्थलों के सैकड़ों सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगालकर आरोपियों के भागने का रास्ता ट्रैक किया गया। संदिग्धों की तस्वीरें सोशल मीडिया पर वायरल की गईं। तकनीकी इनपुट और मुखबिरों की सटीक सूचना पर पुलिस की टीम भोपाल पहुँची और दबिश देकर चारों आरोपियों को धर दबोचा।
गिरफ्तार किए गए आरोपी आदतन अपराधी हैं और उन पर दर्जनों मामले लंबित हैं:
लक्की मृदुन (23): इसके खिलाफ लूट, मारपीट और अवैध वसूली जैसे 28 गंभीर मामले दर्ज हैं।
राजा खान (23): चोरी और दुष्कर्म सहित 7 अपराधों में नामजद।
विजय डिण्डोरिया (21): लूट और शराब तस्करी सहित 6 मामलों में आरोपी।
मयंक कुमार (40): गिरोह का चौथा सदस्य।
आरोपियों के खतरनाक आपराधिक रिकॉर्ड को देखते हुए पुलिस ने न्यायालय से उनकी जमानत निरस्त करने की अपील की है। साथ ही, पुलिस यह भी जांच कर रही है कि लूटा गया सामान (सोना और मोबाइल) किसे बेचा जाता था। गिरोह से जुड़े कुछ अन्य संदिग्धों की तलाश अभी जारी है।