भोपाल के दशहरा मैदान में संविदा कर्मचारियों का विशाल सम्मेलन आयोजित हुआ। CM मोहन यादव ने संविदा कर्मियों को सरकार का 'हनुमान' बताया और नियमितिकरण सहित अन्य मांगों पर विचार के लिए समिति बनाने का ऐलान किया
By: Ajay Tiwari
Jan 30, 20264:27 PM
हाइलाइट्स
भोपाल | स्टार समाचार वेब
मध्य प्रदेश के लाखों संविदा अधिकारियों और कर्मचारियों ने अपनी लंबित मांगों को लेकर भोपाल के न्यू दशहरा मैदान में हुंकार भरी। 'संविदा संयुक्त संघर्ष मंच' के तत्वावधान में आयोजित इस महासम्मेलन में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। मुख्यमंत्री ने संविदा कर्मियों की महत्ता को रेखांकित करते हुए उनकी तुलना 'हनुमान' से की और कहा कि जिस तरह श्रीराम को हनुमान की आवश्यकता थी, वैसे ही सरकार की योजनाओं को जमीन पर उतारने के लिए संविदा कर्मचारियों की जरूरत है।
भारतीय मजदूर संघ के प्रदेश महामंत्री कुलदीप सिंह गुर्जर ने मुख्यमंत्री के समक्ष संविदा कर्मियों का मांग पत्र रखा। मुख्य मांगों में 10 साल से अधिक अनुभवी कर्मचारियों का नियमित पदों पर संविलियन, नियमित कर्मचारियों की तर्ज पर महंगाई भत्ता (DA), और संविदा नीति 2023 का अक्षरशः पालन शामिल है। इसके अलावा, संविदा कर्मियों ने ₹20 लाख का सामूहिक बीमा, ग्रेच्युटी, अनुकंपा नियुक्ति और महिला कर्मचारियों के लिए चाइल्ड केयर लीव जैसी सुविधाएं देने की भी पुरजोर मांग की।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कर्मचारियों को संबोधित करते हुए कहा कि सरकार आपकी मांगों के प्रति पूरी तरह संवेदनशील है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि जो मांगें तत्काल पूरी की जा सकती हैं, उन पर जल्द निर्णय लिया जाएगा। शेष जटिल मांगों के समाधान के लिए एक विशेष समिति गठित की जाएगी, जिसमें कर्मचारियों के प्रतिनिधियों को भी जगह दी जाएगी ताकि एक पारदर्शी और सर्वमान्य हल निकाला जा सके।
इस सम्मेलन में स्वास्थ्य, शिक्षा (सर्व शिक्षा अभियान), आजीविका मिशन, मनरेगा और महिला बाल विकास जैसे दर्जनों विभागों के हजारों कर्मचारी जुटे। दिनेश तोमर, सजल भार्गव और के.के. शर्मा सहित मंच के पदाधिकारियों ने इसे संविदा कर्मियों के हितों की रक्षा के लिए एक ऐतिहासिक कदम बताया। कर्मचारियों का मानना है कि मुख्यमंत्री की उपस्थिति और उनके सकारात्मक आश्वासन से नियमितिकरण की राह जल्द आसान होगी।