मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने भोपाल में राज्य स्तरीय पुष्प महोत्सव का उद्घाटन किया। मध्यप्रदेश देश का दूसरा सबसे बड़ा फूल उत्पादक राज्य बना। जानें किसानों के लिए सब्सिडी और गेहूं के बढ़ते दामों पर CM के बड़े ऐलान
By: Ajay Tiwari
Jan 30, 20266:44 PM
भोपाल | स्टार समाचार वेब
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने भोपाल के लिंक रोड नंबर-1 स्थित शासकीय गुलाब उद्यान में 'राज्य स्तरीय पुष्प महोत्सव' का उद्घाटन किया। उन्होंने कहा कि आज मध्यप्रदेश के फूलों की सुगंध केवल देश में ही नहीं, बल्कि पेरिस और लंदन जैसे अंतरराष्ट्रीय बाजारों तक पहुँच रही है। पुष्प केवल प्रकृति की सुंदरता नहीं, बल्कि हमारे भावों की सशक्त अभिव्यक्ति हैं, जो अब ग्रामीण अर्थव्यवस्था और निर्यात का प्रमुख आधार बन रहे हैं।

मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि पहले एक दिन के लिए प्रस्तावित इस पुष्प महोत्सव की अवधि अब बढ़ाकर तीन दिन कर दी गई है। डॉ. यादव ने कहा कि इस आयोजन का उद्देश्य पुष्प उत्पादक किसानों, नर्सरी संचालकों और खरीदारों को एक साझा मंच प्रदान करना है, ताकि फूलों की खेती को व्यावसायिक मजबूती मिल सके।
मुख्यमंत्री ने बताया कि मध्यप्रदेश अब देश का दूसरा सर्वाधिक पुष्प उत्पादक राज्य बन चुका है। वर्ष 2021-22 में फूलों की खेती का रकबा 37 हजार हेक्टेयर था, जो अब बढ़कर 44 हजार हेक्टेयर हो गया है। प्रदेश का कुल पुष्प उत्पादन 86 लाख टन तक पहुँच गया है। वर्तमान में प्रदेश के लगभग 40 हजार किसान सीधे तौर पर फूलों की खेती से जुड़कर अपनी आय बढ़ा रहे हैं।
'कृषक कल्याण वर्ष-2026' के तहत मुख्यमंत्री ने किसानों के हित में कई महत्वपूर्ण बातें कहीं। उन्होंने कहा कि सरकार किसानों को गेहूं पर ₹2600 प्रति क्विंटल का भाव दे रही है, जिसे 2030 तक ₹3000 करने का लक्ष्य है। प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्यान्न उद्यम योजना (PMFME) के तहत 45% तक सब्सिडी दी जा रही है। साथ ही पॉली हाउस और शेडनेट हाउस के लिए भी राज्य सरकार भारी अनुदान दे रही है। सरकार सिंचाई, दुग्ध उत्पादन और मत्स्य पालन जैसे 16 विभागों को जोड़कर किसानों की आय दोगुनी करने पर काम कर रही है।
उद्यानिकी एवं खाद्य प्रसंस्करण मंत्री नारायण सिंह कुशवाह ने कहा कि विभाग ने आगामी 3 वर्षों का रोडमैप तैयार किया है, जिससे किसानों को आधुनिक तकनीक और बाजार से जोड़ा जाएगा। कार्यक्रम में उत्कृष्ट नर्सरी संचालकों और किसानों को पुरस्कृत भी किया गया।