रीवा के बसामन मामा गौ अभ्यारण्य में विकसित प्रॉम आर्गेनिक खाद यूरिया और डीएपी का पर्याय बनकर किसानों को उपलब्ध है। यह खाद खेतों की उर्वरता बढ़ाएगी, मिट्टी में पोषक तत्वों की कमी दूर करेगी और रासायनिक खाद के दुष्प्रभाव से मुक्त शुद्ध अन्न देने में मदद करेगी।

हाइलाइट्स
रीवा, स्टार समाचार वेब
रासायनिक खाद की मारामारी का विकल्प रीवा के कृषि वैज्ञानिकों और बसामन मामा प्रबंधन ने खोज निकाला है। बसामन मामा गौ अभ्यारण्य में ऐसी खाद इजात की गई है जो यूरिया और डीएपी का आर्गेनिक विकल्प बन गई है। यह सिर्फ खेतों की उत्पादकता ही नहीं बढ़ाएगी। मिट्टी में जान फूंकने का काम भी करेगी। पोषक तत्वों की कमी को दूर करेगी।
आपको बता दें कि जब से किसानों ने गौवंशों को पालना बंद किया है। तब से खेती के लिए पूरी तरह से रासायनिक खाद पर निर्भर हो गए हैं। हर साल रासायनिक खाद की मारामारी से किसानों को जूझना पड़ता है। इस साल तो हालात और खराब रही। खरीफ की बोरी के लिए रासायनिक खाद का ही टोटा पड़ गया। खरीदी केन्द्रों में किसानों की ऐसी भीड़ उमड़ी की पूर्ति करने में प्रशासन और शासन के हाथ पैर फूल गए। यूरिया की कई रैक पहुंची। फिर भी अभी हालात सुधरे नहीं हैं। खरीदी केन्द्रों में अभी भी किसान यूरिया और डीएपी के लिए पहुंच रहे हैं। इसी खाद का अब विकल्प मिल गया है। बसामन मामा गौअभ्यारण्य में वैज्ञानिकों और प्रबंधन ने एक ऐसी खाद निजात की है जो यूरिया और डीएपी की कमी को पूरा कर देगी। इससे खेतों को बूस्टर डोज तो मिलेगा ही मिट्टी में भी जान आ जाएगी। पोषक तत्वों से मिट्टी भर जाएगी। उर्वरा श्क्ति बढ़ेगी। बसामन मामा में बड़ी मात्रा में इसे तैयार करने के लिए फैक्ट्री लगाई गई है लेकिन किसान अभी जागरुक नहीं है। इसके कारण इस खाद को लेकर दूरियां बनाए हुए हैं।
ऐसे तैयार हो रही है प्रॉम खाद
बसामन मामा में करीब 8 हजार से अधिक गौवंश हैं। यहां गोबर की कमी नहीं है। गोबर का उपयोग पहले गौबर गैस बनाने मे ंहोता है। इससे निकलने वाली द्रव्य युक्त सड़ी हुई खाद को फिर सुखाया जाता है। इसके बाद इसमें रॉक फास्फेट मिलाया जाता है। इस रॉक फास्फेट में फास्फोरस की मात्रा अधिक होती है। इस खाद के सूखने के बाद बसामन मामा में ही लगी मशीनों में इसे डाला जाता है। यह मशीन गोबर और रॉक फास्फेट के मिश्रण को छोटी छोटी गोलियों में बदल देता है। जो देखने में यूरिया और डीएपी की तरह लगती है। इसे खेतों में छींटना भी आसान होता है।
रासायनिक खाद का विकल्प माना जा रहा है
देश में रासायनिक खाद के उपयोग से खाद्य पदार्थ दूषित हो गए हैं। खेतों में उगने वाला अन्न भी रासायन की चपेट में आ गया है। इसके उपयोग से तेजी से कैंसर जैसी बीमारियां बढ़ रही हैं। यही वजह है कि देश अब रासायनिक खाद की जगह आर्गेनिक खाद की तरफ बढ़ रहा है। यूरिया और डीएपी की जगह इस प्रॉम खाद को भविष्य का विकल्प माना जा रहा है। फिलहाल किसानों को इसके उपयोग के लिए प्रेरित और प्रोत्साहित किया जा रहा है।
यूरिया की ही दर पर है उपलब्ध
रासायनिक खाद यूरिया 266 रुपए बोरी मिलती है। वहीं डीएपी 1400 रुपए बोरी मिल रही है। उससे कहीं सस्ती प्रॉम खाद है। यह सिर्फ 5 रुपए किलो की दर पर बसामन मामा में उपलब्ध है। किसान आसानी से बसामन मामा पहुंच कर यह खाद जितनी भी चाहें उतनी ले सकते हैं। इसके अलावा बसामन मामा में वर्मीकम्पोस्ट खाद और गोबर खाद की भी उपलब्धता है। सभी तरह के आर्गेनिक खाद किसानों को उपलब्ध कराया जा रहा है।
एक एकड़ में डेढ़ क्विंटल से सालभर मिलेगा उत्पादन
प्रॉम आर्गेनिक खाद का उपयोग साल में एक बार करने से खरीफ और रबी दोनों सीजन की फसलें मिलेंगी। एक एकड़ में एक से डेढ़ क्विंटल खाद का उपयोग करना जरूरी है। शुरुआत में रासायनिक खाद के असर को कम करने में थोड़ा उत्पादन पर असर पड़ेगा लेकिन एक दो साल में इसका असर खेतों में नजर आने लगेगा। इससे खेतों की उर्वरकता तो बढ़ेंगी ही साथ ही शुद्ध अन्न भी खाने को मिलेगा।
बसामन मामा में प्रॉम खाद तैयार की जा रही है। यह दानेदार है। डीएसपी और यूरिया का एक अच्छा विकल्प है। किसान जितनी चाहे उतनी खाद यहां से ले सकते हैं। इसे आसपास के क्षेत्रों में प्रयोग के तैयार कर इस्तेमाल करने के लिए किसानों के समूह को तैयार किया जा रहा है। इसका रिजल्ट बेहतर है। इससे खेत की मिट्टी में पोषक तत्वों की कमी भी दूर हो जाएगी। यह गोबर और रॉक फास्फेट से तैयार की जाती है।
डॉ. राजेश मिश्रा, रिटायर्ड जेडी पशु चिकित्सा एवं स्वास्थ्य सेवाएं रीवा


जबलपुर हाईकोर्ट का ऐतिहासिक फैसला, सरकारी कर्मचारियों को मिलेगा 100% वेतन और एरियर्स

खरमास 2025-2026: कब से कब तक रहेगा, जानें शुभ कार्यों की मनाही का कारण

ऑपरेशन सिंदूर...मुझे एक तस्वीर दिखा दो...जिसमें भारत का एक गिलास भी नहीं टूटा हो

लागू होंगे नए अवकाश नियम: CCL में वेतन कटौती, EL को 'अधिकार' नहीं मानेगा MP वित्त विभाग

आहत जनता को राहत...निचले स्तर पर आई थोक महंगाई

जैतवारा से लेकर बारामाफी तक आक्रोश

सुरक्षित और नेचुरल तरीके से बाल करना है काले तो अपनाएं ये उपाय

बची हुई चाय को दोबारा गर्म करके पीने क्या होगा, जानें इसके बारे में?

अगर 40 की उम्र कर ली है पार और रहना चाहते हैं तंदरुस्त तो अपनाएं ये आदतें

ठंडा पानी पीने और मीठा खाने पर दांतों में होती है झनझनाहट तो हो जाएं सावधान, नहीं तो हो सकती है बड़ी समस्या

ठंड में बढ़ जाती है डिहाइड्रेशन की समस्या, जानें क्या है कारण ?

तनाव से चाहिए है छुटकारा तो इन चीजों से करें तौबा, अपनाएं ये सलाह
सीधी में कॉलेज से लौट रही छात्राओं से छेड़छाड़ करने वाले तीन युवकों को ग्रामीणों ने पकड़कर पीटा। पुलिस ने आरोपियों को गिरफ्तार कर मामला दर्ज किया, छात्राओं की हिम्मत से बड़ी घटना टली।
सतना के इटौरा में अतिक्रमण हटाने पहुंची प्रशासनिक टीम पर पथराव हुआ। महिला पुलिस कर्मियों से धक्का-मुक्की की गई। आंसू गैस छोड़कर स्थिति नियंत्रित की गई, सात आरोपी गिरफ्तार, कई घायल।
सतना में बिजली कंपनी के सतर्कता अभियान में 94 उपभोक्ता बिजली चोरी करते पकड़े गए। लाखों की वसूली की गई और बकायादारों को 15 दिन का समय दिया गया, अन्यथा न्यायालयीन कार्रवाई होगी।
मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल के एमपी नगर में आज यानी रविवार को एक भीषण आगजनी हो गई। यहां ट्रांसफार्मर में अचानक आग लग गई। आग की लपटों ने वहां खड़ी फॉर्च्यूनर कार को अपनी चपेट में ले लिया, जिससे वह जलकर खाक हो गई।
मध्यप्रदेश हाई कोर्ट की इंदौर बेंच ने नर्सिंग आफिसर और सिस्टर ट्यूटर पदों की भर्ती से जुड़ी याचिका पर महत्वपूर्ण अंतरिम आदेश पारित किया है। कोर्ट ने प्रथम दृष्टया पाया कि भर्ती विज्ञापन में स्पष्ट विरोधाभास है, जिससे प्रक्रिया त्रुटिपूर्ण प्रतीत होती है।
मध्यप्रदेश के इंदौर जिले के रीगल स्थित रानी सराय परिसर में आज यानी रविवार सुबह आग लगने से हड़कंप मच गया। लोगों ने बिजली के तारों से निकली चिंगारी के कारण झाड़ियों में आग लगते देख फायर ब्रिगेड को सूचना दी।
मध्यप्रदेश के कटनी रेलवे स्टेशन पर बीती देर रात पटना-पुणे एक्सप्रेस से 167 मुस्लिम बच्चों को पुलिस ने सुरक्षित बरामद किया। खुफिया सूचना के आधार पर हुई इस कार्रवाई के बाद बड़ी मानव तस्करी का भांडाफोड़ हो गया है।
मध्यप्रदेश के देवास-भोपाल रोड पर देर रात हुए भीषण सड़क हादसे में तीन युवकों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि एक युवक गंभीर रूप से घायल हो गया। हादसा रात 12 बजे उस समय हुआ जब तेज रफ्तार कार अनियंत्रित होकर दुर्घटनाग्रस्त हो गई।
मध्यप्रदेश के डिंडोरी जिले में एक कंटेनर ने छह लोगों को कुचल दिया। हादसे में पांच लोगों की मौके पर ही मौत हो गई और एक व्यक्ति गंभीर रूप से घायल हो गया। घटना जबलपुर-अमरकंटक हाईवे पर गाड़ासरई थाना इलाके के किकरातालाब के पास देर रात हुई।
जबलपुर में CMHO ने नियमों की अनदेखी करने वाले 5 अस्पतालों और 121 क्लीनिकों का पंजीयन रद्द कर संचालन बंद करने के आदेश दिए हैं। जानें किन अस्पतालों पर हुई कार्रवाई।