मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मध्य प्रदेश में उद्यानिकी फसलों के रकबे को 30 लाख हेक्टेयर तक ले जाने का लक्ष्य रखा है। मसाला उत्पादन में MP देश में पहले स्थान पर है। जानें उज्जैन में फ्लोरीकल्चर सेंटर और मखाना खेती की नई योजनाएं।
सतना जिले में ई-विकास सिस्टम के बावजूद 24.66 टन खाद ऑफलाइन बेची गई। कृषि विभाग ने सहकारी समितियों को नोटिस जारी किया और निजी विक्रेता का लाइसेंस तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया।
सतना के गोदामों में भंडारित 500 मीट्रिक टन चावल की गुणवत्ता पर सवाल उठे हैं। अधिकारियों ने सैंपलिंग कर जांच शुरू की, जिससे अनसेफ या नॉन इडेबल होने की स्थिति स्पष्ट होगी।
प्रधानमंत्री मोदी ने राज्यसभा में पश्चिम एशिया संकट पर चिंता जताई। जानें होर्मुज स्ट्रेट संकट, महंगाई पर बने 7 एम्पॉवर्ड ग्रुप और राज्यों के लिए पीएम के कड़े निर्देशों के बारे में
विंध्य के छह जिलों में पीडीएस व्यवस्था सुस्त, 17 दिनों में केवल 24-32% राशन वितरण। गोदाम से आपूर्ति के बावजूद हितग्राही वंचित, व्यवस्थागत खामियों और लापरवाही पर उठे गंभीर सवाल।
मार्च 2026 के राशन वितरण से पहले विंध्य के छह जिलों में गेहूं-चावल का उठाव बेहद धीमा है। डिस्पैच और दुकानों तक वास्तविक पहुंच के आंकड़े चिंता बढ़ा रहे हैं।
संभाग के छह जिलों में खाद्यान्न आवंटन के बाद डिस्पैच और वास्तविक वितरण के आंकड़ों में गंभीर अंतर सामने आया है। जहां 40 से 60 फीसदी तक खाद्यान्न का डिस्पैच दर्ज हुआ, वहीं उचित मूल्य दुकानों तक पहुंचते-पहुंचते यह औसतन 20 से 36 फीसदी रह गया।
नई सरकार के गठन के बाद रीवा संभाग में ऑन रिकॉर्ड गरीबों की संख्या चौंकाने वाली तेजी से बढ़ी है। सरकारी आंकड़ों के अनुसार बीते 756 दिनों में संभाग के छह जिलों में 57 हजार से अधिक नए गरीब दर्ज किए गए हैं। इसमें रीवा जिला पहले और सतना दूसरे स्थान पर है। हर दिन औसतन 76 लोग ऑन रिकॉर्ड गरीब की श्रेणी में जुड़ रहे हैं।
सतना में खाद्य सुरक्षा विभाग की कार्रवाई, बिना लाइसेंस दूध पैकेजिंग पकड़ी गई, मशीन सीज, नमूने जांच को भेजे।
सतना जिले में खाद वितरण की ई-टोकन व्यवस्था सुस्त साबित हो रही है। टोकन मिलने के बाद भी 1300 से ज्यादा किसान खाद के लिए लंबी कतारों में इंतजार को मजबूर हैं।






















