रीवा में 85 करोड़ की लागत से बनने वाली एनएच 135बीडी दो लेन सड़क से पूर्वा, क्योंटी वाटरफॉल और देउर कोठार सीधे जुड़ेंगे, पर्यटन और रोजगार को मिलेगा बढ़ावा।

हाइलाइट्स:
रीवा, स्टार समाचार वेब
विंध्य को पर्यटन हब बनाने का सपना अब साकार होने वाला है। पर्यटन स्थलों को एक सूत्र में पिरोने का काम शुरू हो गया है। सभी पर्यटन स्थलों को एक मार्ग से जोड़ा जा रहा है। इसकी शुरुआत हो गई है। कलवारी से सिरमौर तक एनएच 135बीडी टूलेन सड़क बनाई जा रही है। भूमि अधिग्रहण को लेकर प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
आपको बता दें कि विंध्य में पर्यटन की अपार संभावनाएं हैं। यहां पर्यटन स्थलों से लेकर देवदर्शन के लिए मंदिर और मठ भी हैं। अब तक पर्यटन की दिशा में किसी का ध्यान नहीं गया। सरकार ने रीवा में रीजनल पर्यटन कान्क्लेव का आयोजन किया गया था। यहां देशभर से कई नामी उद्योगपति आए थे। इन्वेस्टर्स ने पर्यटन स्थलों का जायजा लिया था। रीवा और विंध्य की खूबसूरती देखने के बाद कई इन्वेस्टर्स ने इन्वेस्ट करने का मन भी बनाया है। हालांकि इस दिशा में अभी काफी काम बाकी है। सबसे बड़ी समस्या पर्यटन स्थलों तक पहुंच मार्ग की थी। यह कमी दूर करने की कवायद शुरू हो गई है। रीवा में 85 करोड़ से कलवारी सिरमौर एचएच 135 बीडी सड़क बनाई जा रही है। इसका टेंडर भी जारी कर दिया गया है। जल्द ही भूअधिग्रहण होने के बाद निर्माण शुरू कर दिया जाएगा।
6 फरवरी को जारी किया गया नोटिफिकेशन
विंध्य क्षेत्र के प्रमुख पर्यटन स्थलों तक बेहतर पहुंच सुनिश्चित करने की दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए केंद्र सरकार ने कलवारी से सिरमौर तक राष्ट्रीय राजमार्ग 135बीडी को दो लेन (पक्के शोल्डर सहित) में उन्नयन करने की अधिसूचना जारी कर दी है। मिनिस्ट्री आॅफ रोड ट्रांसपोर्ट एण्ड हाइवेज द्वारा 6 फरवरी 2026 को जारी नोटिफिकेशन (संख्या एसओ 646(ए)) प्रकाशित होने के साथ ही भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया प्रारंभ कर दी गई है। संबंधित एसडीएम (राजस्व) को सक्षम प्राधिकारी (सीएएलए) नियुक्त किया गया है।
कई तहसील और पर्यटन स्थलों को जोड़ देगी यह सड़क
यह सड़क उन्नयन रीवा जिले के सिरमौर, मनगवां और त्योंथर क्षेत्र को बेहतर कनेक्टिविटी देगा, जिससे क्षेत्र के धार्मिक, प्राकृतिक और ग्रामीण पर्यटन स्थलों तक पहुंच आसान होगी। विशेष रूप से विंध्य अंचल के ऐतिहासिक और प्राकृतिक स्थलों जैसे क्योटी जलप्रपात, पूर्वा जलप्रपात और देउर कोठार तक आने वाले पर्यटकों को सीधा लाभ मिलेगा। बेहतर सड़क सुविधा से पर्यटन गतिविधियों में वृद्धि होगी।
35 किमी लंबी सड़क का निर्माण किया जाएगा
अधिसूचना के अनुसार किमी 0 से 35.92 तक विभिन्न चरणों में उन्नयन कार्य किया जाएगा। किमी 0 से 25.76 तक सिरमौर क्षेत्र के कररिया, राजगढ़, दुलहरा, बलहारा, क्योटी, कपुरी, चौरी, दादर, लालगांव, कोलहई, पताई, पनगड़ी कला, दासपुरवा, भठवा, मदरी और सिसवा गांव शामिल हैं। किमी 25.76 से 28 तक मनगवां तहसील का बास गांव, किमी 28 से 29.68 तक सिरमौर के चियार, बडिऔर और धुवांवां, किमी 29.68 से 30.62 तक त्योंथर का करहिया, किमी 30.62 से 30.75 तक सिरमौर का नेवरिया तथा किमी 30.75 से 35.92 तक त्योंथर तहसील के जमुई कला और कलवारी गांव अधिग्रहण दायरे में आएंगे।
सिर्फ पर्यटन ही नहीं रोजगार भी बढ़ेगा
राष्ट्रीय राजमार्ग अधिनियम 1956 की धारा 3(ए) के तहत की जा रही यह कार्रवाई राजपत्र प्रकाशन की तिथि से प्रभावी मानी जाएगी। परियोजना पूर्ण होने के बाद न केवल आवागमन सुगम होगा, बल्कि होटल, होमस्टे, स्थानीय हस्तशिल्प और ग्रामीण पर्यटन को भी नया प्रोत्साहन मिलेगा। इससे सिरमौर-त्योंथर क्षेत्र विंध्य पर्यटन सर्किट में और अधिक सशक्त रूप से उभरेगा।


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