रीवा जिला न्यायालय परिसर में यातायात पुलिस की कार्रवाई से नाराज अधिवक्ताओं ने जमकर हंगामा किया। पुलिस को खदेड़कर गेट पर ताला जड़ दिया, सात घंटे बाद सहमति पर गेट खुला।

हाइलाइट्स
रीवा, स्टार समाचार वेब
जिला न्यायालय परिसर में यातायात पुलिस के अलाउंसमेंट और कार्रवाई की धमकी ने अधिवक्ताओं का गुस्सा भड़का दिया। अधिवक्ता ऐसे भड़के कि उन्होंने हंगामा कर दिया। पुलिस को खदेड़ दिया और गेट पर ताला जड़ दिया। किसी को आने जाने नहीं दिया। देर शाम करीब 8 बजे तक हंगामा मचा रहा। जब जिला जज और अधिवक्ता संघ के अध्यक्ष मौके पर पहुंचे। अधिवक्ताओं की सारी मांगें मानने का आश्वासन दिया, तब गेट खुला। अब डीजे के साथ व्यवस्थाओं पर मंथन होगा।
आपको बता दें कि नया जिला एवं सत्र न्यायालय भवन बनने के बाद से ही व्यवस्थाओं को लेकर अधिवक्ताओं का गुस्सा भड़का हुआ है। आए दिन चेम्बर और बैठक व्यवस्था पर अधिवक्ता सड़कों पर उतर आते हैं। पिछले कुछ दिनों से यहां शांति थी लेकिन सोमवार को यातायात पुलिस ने उनका गुस्सा फिर भड़का दिया। यातायात प्रभारी वाहन लेकर परिसर के अंदर तक पहुंच गई। जहां अधिवक्ताओं के वाहनों को भी इंट्री नहीं दी जाती। वहां तक यातायात पुलिस की गाड़ी पहुंच गई। यातायात पुलिस अंदर तक पहुंची तो ठीक साथ ही अधिवक्ताओं पर कार्रवाई को लकर घोषणा भी करती रही। इसी बात को लेकर अधिवक्ता भड़क गए। सभी अधिवक्ता मौके पर जुट गए। पहले तो पुलिस को ही न्यायालय परिसर से खदेड़ दिया। इसके बाद गेट पर ताला जड़ दिया। यह हंगामा करीब 7 घंटे तक मचा रहा। देर शाम करीब 8 बजे मानमनौव्वल के बाद ही गेट खोला गया और अधिवक्ताओं का गुस्सा शांत हुआ।
मनाने पहुंची पुलिस को धक्के देकर बाहर निकाला
यातायात पुलिस की करतूत ने पहले अधिवक्ताओं का गुस्सा भड़काया। बाद में पुलिस भी मौके पर माहौल को शांत कराने पहुंची। पुलिस और अधिवक्ताओं के बीच इसी दौरान वाद विवाद होने लगा। बात इतनी बढ़ गई कि अधिवक्ताओं ने पुलिस को ही धक्के मारना शुरू कर दिया। बेरिकेटिंग को धक्का मार कर गिरा दिया गया। पुलिस को भी धक्के देकर परिसर से बाहर खदेड़ दिया गया। इसके बाद गेट बंद कर दिया गया।
50 रुपए जुर्माना की दी थी धमकी
सोमवार को यातायात पुलिस का वाहन परिसर के अंदर घुसा। अधिवक्ताओं के वाहन सड़क पर खड़े थे। सभी को यातायात पुलिस ने अलाउंस करते हुए वाहनों को पार्किंग में व्यवस्थित खड़ी करने को बोल रहे थे। साथ ही ऐसा नहीं करने पर जुर्माना की कार्रवाई किए जाने की भी धमकी दी गई। यातायात पुलिस की इसी धमकी भरे लहजे ने अधिवक्ताओं का गुस्सा भड़का दिया।
दोनों तरफ खड़े थे वाहन, बीच में अधिवक्ता
गुस्साए अधिवक्ताओं ने गेट पर ही ताला जड़ दिया था। दोनों तरफ वाहन फंसे हुए थे। किसी के वाहन न तो अंदर आ रहे थे और न ही बाहर जाने दिया जा रहा था। कोई अधिवक्ता भी मोर्चा छोड़ कर नहीं गया। सभी देर रात करीब 8 बजे तक मौके पर ही डटे रहे। मान मनौव्वल का दौर जारी रहा। अधिवक्ता जिला एवं सत्र न्यायाधीश को मौके पर बुलाने के लिए अड़े रहे।
सारी मांगें मानी तब खुला कोर्ट का गेट
देर रात मौके पर जिला जज और अधिवक्ता संघ के अध्यक्ष पहुंचे। उन्होंने अधिवक्ताओं से चर्चा की। अधिवक्ताओं ने पार्किंग के साथ ही अधिवक्ताओं के बैठक व्यवस्था को लेकर भी नाराजगी जताई। यातायात पुलिस के अलाउंसमेंट पर आपत्ति दर्ज की। जिला अधिवक्ता संघ के अध्यक्ष ने यातायात पुलिस के परिसर में प्रवेश नहीं करने का आश्वासन दिया। इसके अलावा जो भी मांगे हैं सभी पर सहमति जताई गई। इसके बाद ही मामला शांत हुआ और गेट खोला गया।
अधिवक्ताओं की गाड़ियों का चालान करने के लिए टैÑफिक पुलिस साइलेंस जोन में जा रही थी। इसी पर आपत्ति दर्ज की गई। इसी को लेकर अधिवक्ता आक्रोशित हैं। सर्विस बिल्डिंग की लाइट कट गई है। चाय, पानी वाले को रोक दिया गया है। अधिवक्ताओं पर 50 रुपए जुर्माना लगाया गया है। यही पूछ रहे हैं, कौन कर रहा है यह बताएं जिला जज हमको।
अखंड प्रताप सिंह, सदस्य, मप्र बार एसोसिएशन
अधिवक्ताओं का हंगामा शांत हो गया है। गेट खोल दिया गया है। उनकी सारी मांगें मान ली गई हैं।
राजीव पाठक, सीएसपी, कोतवाली रीवा

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