रीवा के चोरहटा स्थित रानीतालाब मंदिर की मेड़ पर बने 18 अवैध मकानों को नगर निगम ने जेसीबी से ध्वस्त किया। अतिक्रमण हटाकर प्रभावित परिवारों को पुनर्वास भवन में शिफ्ट किया गया, अब तालाब का सौंदर्यीकरण होगा।
By: Yogesh Patel
Mar 11, 20264:11 PM
हाइलाइट्स
रीवा, स्टार समाचार वेब
शहर के चोरहटा स्थित रानी तालाब मंदिर के तालाब से अवैध अतिक्रमण को हटाया गया है। नगर निगम की टीम ने मंगलवार को कार्रवाई किया है। इस दौरान करीब डेढ़ दर्जन कच्चे व पक्के मकान को जेसीबी की मदद से नेस्तनाबूद कर दिया गया है। यहां रहने वाले लोगों को समीप ही स्थित नगर निगम द्वारा निर्मित भवनों में शिफ्ट किया गया है। कार्रवाई के दौरान अधिकारियों को मामूली विरोध का सामना भी करना पड़ा।
जानकारी के अनुसार नगर निगम आयुक्त डॉ. सौरभ सोनवणे के निर्देशानुसार वार्ड क्रमांक 4 चोरहटा स्थित रानीतालाब मंदिर की मेड़ पर लंबे समय से किए गए अतिक्रमण को उड़नदस्ता टीम द्वारा हटाने की कार्यवाही की गई। उक्त कार्रवाई के दौरान मेड़ से 17 कच्चे मकान एवं 1 पक्का मकान को जेसीबी मशीन से हटाया गया। पूरी कार्रवाई शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुई। यहां पर संपत्ति कोल, तिलकधारी उर्फ ललवा, लोली कोल, विरेन्द्र, संतोष, रमेश आदि लोगों ने कब्जा कर मकान निर्माण करा लिया था। नगर निगम द्वारा अतिक्रमण हटाने के साथ ही प्रभावित परिवारों को जनभागीदारी से निर्मित भवन में पुनर्वास करते हुए विस्थापित किया गया। उनकी सामग्री भी निगम अमले द्वारा वहां स्थानांतरित कराई गई। इसके साथ ही संबंधित कॉलोनी में स्ट्रीट लाइट आदि आवश्यक सुविधाओं की व्यवस्था भी सुनिश्चित कराई गई, ताकि क्षेत्र में रहने वाले नागरिकों को परेशानी का सामना न करना पड़े। उक्त कार्यवाही में सहायक यंत्री एवं अतिक्रमण प्रभारी राजेश चतुवेर्दी, रावेन्द्र शुक्ला, सुखेन्द्र चतुवेर्दी सहित नगर निगम की उड़नदस्ता दल के कर्मचारी मौजूद रहे।
मंदिर व तालाब का होना है सौंदर्यीकरण
शहर के वार्ड क्रमांक 4 में स्थित रानीतालाब मंदिर का सौंदर्यीकरण होना है। तालाब को भी विकसित करना है। जिसकी कवायद शुरू है। अब अतिक्रमण हटाने के बाद यहां पर सौंदर्यीकरण का काम प्रारंभ किया जायेगा। जिसका लाभ आसपास रहने वाले लोगों को मिलेगा। इस तालाब को भी रतहरा तालाब की तरह विकसित किया जायेगा।
पूर्व में दी गई थी नोटिस
नगर निगम के अधिकारियों ने बताया कि उक्त कार्रवाई शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हुई। इसकी वजह अतिक्रमणकारियों को पूर्व दी गई नोटिस है। नोटिस में उन्हें समय देकर मकान खाली करने को कहा गया था। लेकिन अवैध कब्जाधारियों ने अतिक्रमण नहीं हटाया था, जिसके चलते मंगलवार को कार्रवाई करनी पड़ी।